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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
अमेरिका के वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेवलपर्स की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो वे एडवांस्ड सिस्टम बना रहे हैं और दूसरी तरफ ग्लोबल गवर्नेंस की मांग कर रहे हैं। उन्होंने उन इंडस्ट्री लीडर्स पर सवाल उठाए जो तुरंत बचाव के उपाय करने के बजाय ऐसे सिस्टम बना रहे हैं जिनसे संभावित खतरे पैदा हो सकते हैं। मशहूर बिजनेस और टेक्नोलॉजी शो ‘ऑल-इन पॉडकास्ट’ में AI से जुड़ी सुरक्षा पर हो रही बहस पर बात करते हुए अमेरिकी वाइस प्रेसिडेंट ने कहा कि ऐसा क्यों है कि जो लोग AI इकोनॉमी में…
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मंगलवार को कहा कि कनाडा अमेरिका के साथ चल रहे ट्रेड वॉर से एक ज़्यादा मज़बूत और आत्मनिर्भर आर्थिक शक्ति के तौर पर उभरना चाहता है। इससे संकेत मिलता है कि ओटावा वॉशिंगटन के साथ जल्दबाज़ी में कोई समझौता करने के बजाय सही समय का इंतज़ार करने को तैयार है। टोरंटो में आयोजित ‘कनाडा इन्वेस्टमेंट समिट’ में अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के एक बड़े समूह को संबोधित करते हुए कार्नी ने कहा कि कनाडा और अमेरिका हमेशा पड़ोसी बने रहेंगे, लेकिन यह गठबंधन तभी असरदार ढंग से काम करता है जब दोनों देश “सच्चे साझेदारों की…
त्योहारों का सीजन करीब आते ही सोने-चांदी की खरीदारी बढ़ने लगती है। इसी बीच भारतीय मानक ब्यूरो ने सोने और चांदी के गहनों की हॉलमार्किंग से जुड़ी फीस में बदलाव किया है। नई व्यवस्था 14 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना के साथ लागू हो गई है। इसका असर ज्वेलर्स के खर्च और आने वाले दिनों में गहनों की कीमतों पर दिख सकता है।त्योहारों का मौसम शुरू होने वाला है और इसी समय सोने-चांदी की खरीदारी भी बढ़ जाती है। ऐसे में भारतीय मानक ब्यूरो यानी बीआईएस ने सोने और चांदी के गहनों की हॉलमार्किंग फीस में बदलाव किया है। नई…
नई दिल्ली, 16 सितंबर, 2026। श्रद्धेय श्री अशोक सिंघल जी की जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर उनके जीवन, कार्यों और सांस्कृतिक योगदान को स्मरण करने के लिए विशेष लोगो तैयार किया गया है। इसे जारी करते हुए विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महा-मंत्री बजरंग लाल बागड़ा ने कहा यह लोगो उनके आध्यात्मिक संस्कारों, हिंदू समाज के गौरव-जागरण तथा भारतीय संस्कृति के प्रति आजीवन समर्पण को अभिव्यक्त करता है।उन्होंने कहा कि लोगो में अंकित “श्रद्धेय अशोक सिंघल” नाम श्रद्धा और सम्मान का भाव प्रकट करता है, जबकि “जन्म शताब्दी वर्ष 1926–2015” उनके जीवन-काल को रेखांकित करता है। 27 सितंबर 2026…
नेपाल ने तिब्बत-नेपाल में आई बाढ़ के स्रोत, कारण और घटनाओं के क्रम का पता लगाने के लिए सात सदस्यों वाली एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई है, जिसे अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए दो महीने का समय दिया गया है। नेपाल के ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्रालय ने बुधवार को इस मामले की जांच के लिए जल नीति और गवर्नेंस के एक्सपर्ट देवेश बेलबेस की देखरेख में यह कमेटी बनाई। कमेटी में हाइड्रोलॉजिस्ट नरेंद्र मान शाक्य, ग्लेशियोलॉजिस्ट रिजन भक्त कायस्थ, रिमोट-सेंसिंग एक्सपर्ट उत्तम बाबू श्रेष्ठ, जियोलॉजिस्ट मेघराज धिताल, हाइड्रोपावर इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपर्ट हरि पंडित और आपदा-जोखिम कम करने वाले एक्सपर्ट अनिल…
बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) ने बलूचिस्तान की न्यायपालिका से लोगों का भरोसा कम होने पर चिंता जताई है। कमेटी का आरोप है कि उनके नेताओं से जुड़े अदालती मामलों में दबाव और लंबी देरी की वजह से कामकाज प्रभावित हुआ है। X पर एक पोस्ट में, BYC ने आरोप लगाया कि चीफ जस्टिस कामरान खान मुलाखैल बलूचिस्तान हाई कोर्ट में ज़मानत की अर्जियों और याचिकाओं की सुनवाई कर रहे हैं, जबकि एंटी-टेररिज्म कोर्ट (ATC) और सेशन कोर्ट की कार्यवाही की अध्यक्षता जस्टिस मुहम्मद अली मुबीन और जस्टिस कादिर शाह बुखारी कर रहे हैं। BYC की पोस्ट के मुताबिक, चीफ जस्टिस…
भोपाल। हिंदी दिवस के अवसर पर आशा पारस फॉर पीस एंड हारमनी फाउंडेशन, भारत द्वारा मंगलवार को “एआई और भाषायी चुनौतियां” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में शिक्षा, साहित्य, पत्रकारिता एवं भाषा के क्षेत्र से जुड़े विद्वानों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव, भाषाई मौलिकता तथा मानवीय अभिव्यक्ति से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार व्यक्त किए।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. संजय द्विवेदी, पूर्व महानिदेशक, भारतीय जन संचार संस्थान, नई दिल्ली ने कहा कि एआई के दौर में स्वयं की वैचारिक अभिव्यक्ति धीरे-धीरे कम होती जा रही है। आज साहित्य को पढ़कर और समझकर लिखने के…
Your first day at the gym can feel intimidating, especially when you’re still figuring out the exercises. Add the pressure of finding the right workout outfit, and the whole experience can feel even more stressful. In an interview with HT Lifestyle, Mahi Mohan, Sawsee Athleisure, shared a quick guide on how you can pick the right workout wear as a beginner in the gym.Also read | Tight or loose? How to pick the right gym wear for your workout without compromising comfortKeep it simpleAs a beginner in the gym Mahi advises you to keep your first few outfits really simple.…
सरकार का मानना है कि जब प्रौद्योगिकी कंपनी मेटा के एल्गोरिद्म किसी सामग्री की पहुंच बढ़ाने और उसकी दृश्यता तय करने में भूमिका निभाते हैं, तो उसे केवल ‘साधारण मध्यस्थ’ नहीं माना जा सकता, बल्कि वह ‘सेवा प्रदाता’ की भूमिका में आती है और उसे अधिक जिम्मेदारियां निभानी होंगी। सरकारी सूत्रों ने बुधवार को यह बात कही। सूत्रों के मुताबिक, सरकार का मानना है कि ऐसी स्थिति में फेसबुक एवं इंस्टाग्राम की संचालक कंपनी मेटा को कानूनी संरक्षण हासिल नहीं है।हालांकि, कानून की व्याख्या और अंतिम निर्णय न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र में है। यह पूछे जाने पर कि क्या इस…
बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) के अनुसार, 2026 एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को कज़ाकिस्तान में होने वाली 2027 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सीधे एंट्री मिलेगी। यह चैंपियनशिप 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए पहला क्वालिफाइंग इवेंट है। BFI ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक खेलों के लिए ज़्यादा से ज़्यादा भारतीय मुक्केबाजों को क्वालिफ़ाई कराने के मकसद से एक व्यापक चयन नीति की घोषणा की है। इस नीति में क्वालिफ़िकेशन के चार चरणों का तरीका बताया गया है, जो वर्ल्ड बॉक्सिंग द्वारा विकसित और इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) द्वारा मंज़ूर किए गए सिस्टम पर आधारित है।इसे भी पढ़ें: T20 World…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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