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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
मिडिल ईस्ट में युद्ध की आहट फिर से आने लगी है। स्टेट ऑफ हॉर्बुज में फंस गए हैं जहाज और दुनिया की सांसे फिर से अटक गई है डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद। लेकिन इसी बीच भारत ने एक ऐसा दांव चला जिसने अरब देशों को भी सोचने पर मजबूर कर डाला। जी हां, ओसा के समुंदर के नीचे एक ऐसा खजाना मिला है जो भारत की किस्मत बदल सकता है। हाल ही में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच तनाव इतना बढ़ चुका है कि पूरी दुनिया की नजरें सिर्फ एक ही जगह पर टिक गई है और…
सुरों की मल्लिका आशा भोसले के निधन से न केवल संगीत जगत, बल्कि पूरे देश में शोक की लहर है। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन, जिन्होंने दशकों तक आशा ताई के जादुई सफर को करीब से देखा है, ने उन्हें बेहद भावुक श्रद्धांजलि अर्पित की है। बिग बी ने इस क्षति को एक युग का अंत करार दिया है। आशा भोसले को शनिवार, 12 अप्रैल को सीने में इन्फेक्शन और थकान के कारण ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार दोपहर को उनका निधन हो गया; उनके बेटे आनंद भोसले ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि उनका अंतिम…
महिला आरक्षण विधेयक—औपचारिक रूप से नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023—को अक्सर संख्याओं, कोटा और राजनीतिक गणित के संदर्भ में चर्चा किया जाता है। लेकिन सुर्खियों और विधायी शब्दजाल से परे इसमें एक से अधिक परिवर्तनकारी पहलू निहित है: यह एक शांत तरीके से इस बात को पुनर्परिभाषित कर रहा है कि भारतीय लोकतंत्र कैसा दिख सकता है, जब वह अपनी आधी आबादी के लिए केवल लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि निर्णयकर्ता के रूप में स्थान बनाता है।सकारात्मक दृष्टिकोण से देखें तो यह विधेयक केवल आरक्षण का प्रावधान नहीं है—यह संस्थागत विश्वास का प्रतीक है। यह उस धारणा से बदलाव…
जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकर्ताओं ने पटना भर में पोस्टर लगाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को बिहार का भावी मुख्यमंत्री बताया है। खबरों के मुताबिक,तड़के नीतीश सेवक के रूप में पहचान बताने वाले समर्थकों द्वारा लगाए गए इन पोस्टरों में निशांत कुमार से सक्रिय राजनीति में आने और नेतृत्व की भूमिका निभाने का आह्वान किया गया है। एक पोस्टर पर हिंदी में संदेश लिखा था कि हमें बिहार में बुलडोजर या दंगे-अशांति की जरूरत नहीं है। हमें लोकनायक की जरूरत है। अब समय आ गया है कि वे सामने आएं। हमें युवा नेता निशांत कुमार की जरूरत…
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच फर्जी शांति वार्ता पूरी तरह से फेल हो गई है। हालत यह हुई कि पाकिस्तान के लोग ही इस्लामाबाद टॉक्स नाम की इस फर्जी शांति वार्ता के पोस्टर चुरा कर ले गए। लेकिन दुनिया की नजरों से दूर असली बातचीत तो भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच हुई है। इस बातचीत के बाद संयुक्त अरब अमीरात ने हिंदी में भारत पर एक ऐसा ऐलान कर दिया जिसे देखकर एक-एक भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा। संयुक्त अरब अमीरात के कई ताकतवर लोगों ने हिंदी में भारत के बारे…
As memes suggest, Indian summers are not for beginners. The statement is even more true when it comes to skincare in the scorching tropical heat. The atmosphere can be dry or humid depending on the place, but it is always uncomfortable.Following the right skincare routine is important to mitigate the damage of the scorching summer sun. (Pexel)Also Read | Worried about bloating in hot weather? Gastroentrologist shares how to avoid stomach problems in summer seasonThe hot weather leads to more sweat, more oily secretion, and more tanning. While the regular application of sunscreen helps, it is often not enough to…
दिल्ली विधानसभा में सुरक्षा चूक की घटना के बाद चिंताएं बढ़ने के कुछ दिनों बाद, सोमवार को दो बम हमले की धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए, जिनमें 15 साइनाइड गैस से भरे आरडीएक्स बम का इस्तेमाल करने की चेतावनी दी गई थी। संदेशों में आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों का भी जिक्र था। ये ईमेल विधानसभा सचिवालय की आधिकारिक आईडी और अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को भेजे गए थे। हिंदी में लिखे गए दोनों ईमेलों में एक ही तरह की सामग्री थी।इसे भी पढ़ें: Rajasthan में Bomb Threat से हड़कंप, Assembly और High Court में सघन Search Operationविषय में लिखा था कि…
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल अक्सर किसी न किसी विवाद को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं, और अब एक ताजा मामला तमिलनाडु से सामने आया है जिसने पार्टी के भीतर चल रहे टकराव को खुलकर उजागर कर दिया है। इस बार विवाद के केंद्र में अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा और तमिलनाडु महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष हजीना सैयद आमने सामने हैं, जिनके बीच आरोप प्रत्यारोप ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।पूरा विवाद दस अप्रैल को उस समय शुरू हुआ जब अलका लांबा की ओर से हजीना सैयद को तत्काल प्रभाव से पार्टी…
मशहूर गायिका आशा भोसले का 12 अप्रैल रविवार को मुंबई में 92 वर्ष की उम्र में देहांत हो गया। उनके जाने से पूरे देश में शोक की लहर है। वहीं पीएम मोदी से लेकर कई सेलिब्रिटी ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। वहीं आशा भोसले को उनके आवास पर अंतिम विदाई दी गई। क्रिकेट जगत के महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर भी आशा भोसले को अंतिम विदाई देने उनके आवास पर पहुंचे। प्लेबैक क्वीन आशा भोसले के साथ गहरा पारिवारिक संबंध रखने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के दौरान बेहद भावुक दिखे। इस दौरान सचिन के साथ…
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 31 जनवरी, 2026 को कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान शर्मा पर कई पासपोर्ट रखने के आरोपों के बीच पार्टी अपने नेता पवन खेड़ा का समर्थन करती है। X पर एक पोस्ट में गांधी ने हिमंता बिस्वा सरमा को देश का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री बताया और कांग्रेस के आरोपों की जांच की मांग की। उन्होंने लिखा कि असम के वर्तमान मुख्यमंत्री देश के सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री हैं। वे कानून से नहीं बचेंगे। अपने राजनीतिक विरोधियों और आलोचकों को परेशान करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करना संविधान के खिलाफ…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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