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सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
धीरे-धीरे तापमान बढ़ रहा है। भीषण गर्मी और लू से बचने को लिए लोग आयुर्वेद या फिर दादी-नानी के नुस्खों को जरुर अपनाते हैं। इन्हीं में से एक है गोंद कतीरा, जो अपनी कूलिंग प्रॉपर्टीज के लिए जाना जाता है। कई लोग गर्मियों में गोंद कातीरा का सेवन करते हैं लेकिन यह सबके लिए फायदेमंद नहीं है। आइए आपको बताते हैं गोंद कतीरा किन लोगों के लिए नुकसानदायक होता है। आइए आपको गोंद कतीरा खाना सेहत पर भारी पड़ सकता है।किन लोगों के लिए गोंद कतीरा नुकसानदायक हैपीरियड्स के दौरान पीरियड्स के समय महिलाओं को गोंद कतीरा का सेवन करने से…
Joint health isn’t just shaped by intense workouts or injuries – it’s largely influenced by the small, everyday habits you may not think twice about. From the amount of time you spend sitting to the kind of shoes you wear, these daily choices determine how force is absorbed and distributed across your joints over time. Left unchecked, such habits can quietly contribute to stiffness, discomfort, and long-term wear and tear, making it all the more important to understand how your routine today impacts your joint health tomorrow.Read more to find out habits that affect joint health! (Unsplash)Also Read | Doctor…
Summer trips are exciting and perfect when you think of it in your head, but in reality, the heat on a sun-soaked day can catch you off guard, and somewhere between the excitement and exhaustion, you realise you forgot the one thing that is actually needed. That’s where smart packing makes all the difference, because it is not about carrying a heft of baggage, it is about carrying the right things. In an interview with HT Lifestyle, Pardeep Siwach, deputy general manager, Mayfair Spring Valley Resort, Guwahati, shared summer travel essentials that can make your trip comfortable and enjoyable.Summer travel…
Vaibhav Sooryavanshi को आयरलैंड टी20 दौरे के लिए मिलेगा मौका! भारत के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बनेंगे
जून 2026 में भारत के आयरलैंड दौरे के लिए वैभव सूर्यवंशी के चुने जाने की संभावना है। अगर वह चुने जाते हैं तो देश का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन जाएंगे। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, चयनकर्ता 15 वर्षीय वैभव को इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल दौरे से ठीक पहले होने वाली इस छोटी टी20 सीरीज में बड़ा मौका दे सकते हैं। बीसीसीआई के सूत्र ने इसकी पुष्टि की। सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि, वह आयरलैंड दौरे के लिए दावेदारों में शामिल है और चयनकर्ताओं ने कई अन्य खिलाड़ियों के साथ उनका नाम भी शॉर्टलिस्ट किया…
प्रकाश हिंगे खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं लेकिन इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अपने पदार्पण मैच में ही शानदार प्रदर्शन करने वाले उनके बेटे प्रफुल्ल की उपलब्धि का जश्न मनाते समय वह अपने शब्दों के चयन और उत्साह की अभिव्यक्ति में बहुत संयम बरतते हैं। दरअसल हिंगे परिवार को यह भी नहीं पता था कि उनका बेटा सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से सोमवार को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेलेगा या नहीं। अकाउंटेंट के पद पर काम कर चुके प्रकाश ने पीटीआई से कहा, ‘‘हमें पता था कि इम्पैक्ट प्लेयर्स की सूची में होने के कारण उसे पंजाब के…
While diabetes and hypertension remain the primary drivers of kidney failure, medical experts are sounding the alarm on hidden threats that often fly under the patient’s radar. Also read | Kidney disease symptoms to look out for and when to get treatedEarly intervention and awareness of hidden threats are crucial for preserving kidney function.In an interview with HT Lifestyle, Dr Anurag Gupta, a senior consultant nephrologist and dialysis director at Sir Ganga Ram Hospital, Delhi, with two decades of experience, warned that lifestyle factors like chronic burnout and over-the-counter painkillers are fueling a silent epidemic of chronic kidney disease (CKD).Chronic…
बिजी लाइफस्टाइल और गलत खानपान के कारण कई बार हम सभी पेट संबंधित परेशनियों से गुजरना पड़ता है। एसिडिटी, ब्लोटिंग, गैस इन सभी समस्याओं से हम सभी कभी न कभी जरुरत महसूस करते हैं। खाना खाने के बाद अचानक से पेट टाइट हो जाना, डकार न आना या असहज महसूस होना ये सभी डाइजेशन की गड़बड़ी का संकेत होता है। इन परेशनियों के चक्कर में कई लोग तो दवाओं का सेवन करने लग जाते हैं, हर बार दवा लेना भी ठीक नहीं होता है। अब आपकी किचन में ही इसका असान और असरदार इलाज छिपा हुआ है। इस लेख में…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार 14 अप्रैल को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के महत्वपूर्ण दौरे के दौरान देहरादून में एक भव्य समारोह में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए इसे विकास के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि बताया। इस ऐतिहासिक मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उनके साथ उपस्थित रहे।शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशकजनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘आज दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ विकास की इस यात्रा में एक…
भारतीय क्रिकेटरों ने विजडन अल्मनैक 2026 अवार्ड में अपना दबदबा बनाया है। इन पुरस्कारों में 9 में से 7 तो भारतीय खिलाड़ियों के नाम हैं। इनमें दीप्ति शर्मा को वर्ष की महिला क्रिकेटर और अभिषेक शर्मा को वर्ष का टी20 क्रिकेटर चुना गया। शुभमन गिल, मोहम्मद सिराज, ऋषभ पंत और रविंद्र जडेजा को पिछले साल इंग्लैंड में हुई टेस्ट सीरीज में बेहतरीन प्रदर्शन करने के कारण विजडन के वर्ष के पांच क्रिकेटरों में शामिल किया गया है। भारतीय क्रिकेटरों के अलावा जिन अन्य देशों के खिलाड़ियों को पुरस्कार के लिए चुना गया है उनमें ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क शामिल…
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज अपनी आखिरी कैबिनेट मीटिंग की, जहां माहौल काफी भावुक नजर आया। मीटिंग के दौरान नीतीश कुमार ने मंत्रिपरिषद को संबोधित किया और अपने लंबे कार्यकाल व राज्य के विकास कार्यों को याद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगली जो भी सरकार बनेगी, वह उसका मार्गदर्शन करते रहेंगे। नीतीश कुमार के इस विदाई भाषण के दौरान वहां मौजूद कई नेता और मंत्री अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके।नीतीश सरकार की आखिरी कैबिनेट मीटिंगपटना में आयोजित इस आखिरी कैबिनेट बैठक में नीतीश कुमार ने भावुक अपील करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी टीम के…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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