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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के पहले चरण से एक दिन पहले, सुप्रीम कोर्ट ने I-PAC रेड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका पर सुनवाई करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कड़ी फटकार लगाई। शीर्ष अदालत ने कहा कि एक चल रही जाँच में उनके दखल से लोकतांत्रिक प्रक्रियाएँ खतरे में पड़ गई हैं। अदालत की यह टिप्पणी बुधवार को सुनवाई के दौरान आई। बेंच ने कहा कि यह केंद्र बनाम राज्य का विवाद नहीं है, बल्कि एक ऐसी स्थिति है जहाँ एक मुख्यमंत्री जाँच के एक अहम चरण में दखल दे रही हैं। इसे भी पढ़ें: पश्चिम…
पश्चिम बंगाल का मालतीपुर विधानसभा क्षेत्र मालदा ज़िले के उत्तरी हिस्से में स्थित है। परिसीमन के बाद साल 2011 में यह सीट अस्तित्व में आई थी। आमतौर पर यह मुस्लिम बहुल सीट मानी जाती है। यहां मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी करीब 60% से ज्यादा है। बता दें कि राज्य में दो चरणों में चुनाव कराए जाएंगे। जिसमें पहले फेज में 23 अप्रैल 2026 को और दूसरे फेज में 29 अप्रैल 2026 को मतदान होने हैं। तो आइए जानते हैं इस सीट का समीकरण।मुख्य मुकाबलाबता दें कि साल 2026 के विधानसभा चुनाव में मालतीपुर विधानसभा से तृणमूल कांग्रेस ने अब्दुर रहीम…
डोनाल्ड ट्रंप की ओर से सीज़फ़ायर की घोषणा के बीच एक अहम घटनाक्रम में, बुधवार को ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दो जहाज़ों पर हमला किया। ईरानी सरकारी टेलीविज़न की रिपोर्ट के अनुसार, ये जहाज़ अब गार्ड की हिरासत में हैं और उन्हें ईरान ले जाया जा रहा है। रिपोर्ट में इन जहाज़ों की पहचान MSC Francesca और Epaminodes के रूप में की गई है। जहाज़ों के मालिकों से इस मामले पर टिप्पणी के लिए तत्काल संपर्क नहीं हो सका। इन जहाज़ों को ज़ब्त किया जाना तनाव में एक और बढ़ोतरी का संकेत है; इससे पहले अमेरिका ने भी…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव भवानीपुर विधानसभा सीट काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है। बता दें कि राज्य में दो चरणों 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होने हैं। इस सीट से तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों के शीर्ष नेता चुनाव लड़ रहे हैं। बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी पारंपरिक सीट से मैदान में हैं। वहीं ममता बनर्जी को भाजपा के नेता सुवेंदु अधिकारी सीधे तौर पर चुनौती दे रहे हैं। तो आइए जानते हैं इस सीट का समीकरण…TMC और BJP के बीच मुख्य मुकाबलातृणमूल कांग्रेस से ममता बनर्जी और भारतीय जनता पार्टी से सुवेंदु…
बुधवार को महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने लेंसकार्ट की ड्रेस कोड नीति को लेकर हुए विवाद के बाद कॉर्पोरेट जगत में एक समान ड्रेस कोड लागू करने की मांग की। शैक्षणिक संस्थानों से तुलना करते हुए राणे ने कहा कि जिस प्रकार स्कूलों और कॉलेजों में हिजाब और बुर्का पहनने की अनुमति के लिए नियम हैं, उसी प्रकार के नियम कॉर्पोरेट जगत में भी कार्यालय में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए लागू होने चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे नियम चुनिंदा रूप से लागू नहीं किए जाने चाहिए। इसे भी पढ़ें: लीजिये अब Corporate Jihad आ गया!…
चुनाव वाले तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में नकदी, शराब, नशीली दवाओं और अन्य वस्तुओं की ज़ब्ती 1,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है, भारत निर्वाचन आयोग ने बुधवार को यह जानकारी दी। चुनाव आयोग ने बताया कि 26 फरवरी को चुनाव ज़ब्ती प्रबंधन प्रणाली (ESMS) के सक्रिय होने के बाद से 22 अप्रैल तक दर्ज की गई ज़ब्ती की राशि 1,072.13 करोड़ रुपये थी। आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 472.89 करोड़ रुपये की ज़ब्ती दर्ज की गई, जबकि तमिलनाडु में 599.24 करोड़ रुपये की ज़ब्ती दर्ज की गई।इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu की Hot Seat एडप्पाडी का रण,…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में पहले चरण के मतदान से ठीक पहले राज्य में सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस को करारा झटका लगा है। हम आपको बता दें कि आई पैक के कार्यालय में ईडी की छापेमारी के दौरान हस्तक्षेप करने के लिए ममता बनर्जी को देश की सर्वोच्च अदालत ने कड़ी फटकार लगाई है और इस पूरे घटनाक्रम पर सख्त रुख अपनाते हुए इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया है। इससे पहले, अभी कुछ दिन पहले ही मालदा में सात न्यायिक अधिकारियों को नौ घंटे तक बंधक बनाये रखने की घटना को लेकर भी उच्चतम न्यायालय ने ममता बनर्जी सरकार को…
पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनाव में बस कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं। पश्चिम बंगाल की बेलेघाटा विधानसभा सीट काफी ज्यादा अहम है। हालांकि इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस की पकड़ काफी ज्यादा मजबूत है। इस बार टीएमसी ने अपना उम्मीदवार बदला है। पश्चिम बंगाल में 294 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होंगे। वहीं 04 मई 2026 को मतगणना होगी।मुख्य मुकाबलाबता दें कि पश्चिम बंगाल की बेलेघाटा विधानसभा सीट तृणमूल कांग्रेस ने यहां से पूर्व राज्यसभा सांसद कुणाल कुमार घोष को अपना उम्मीदवार बनाया है। भारतीय जनता पार्टी ने…
पेंशन कोष नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) संचालित केंद्र सरकार की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजना… अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के अंशधारकों की संख्या नौ करोड़ से अधिक हो गई है। योजना की बढ़ती पहुंच और प्रभाव के चलते वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सकल नामांकन 1.35 करोड़ सदस्यों से अधिक हो गया है, जो योजना की शुरुआत के बाद से किसी एक वित्त वर्ष में दर्ज किया गया अब तक का सबसे अधिक नामांकन है। पीएफआरडीए ने एक बयान में कहा कि सभी भारतीयों के लिए एक सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली स्थापित करने के लक्ष्य के साथ नौ मई, 2015…
भारत के सड़क, रेलवे और बिजली क्षेत्रों की मौजूदा क्षेत्रीय नीतियों और मानक संविदा दस्तावेजों में आपदा जोखिम से निपटने के उपायों की कमी है। एक रिपोर्ट में बुधवार को यह बात कही गई। विश्लेषण में इस बात को एक गंभीर समस्या बताया गया है, क्योंकि भारत सहित पूरी दुनिया इस समय जलवायु और आपदा जोखिमों से वित्तीय खतरे का सामना कर रही है। इसमें वैश्विक बुनियादी ढांचे को सालाना 845 अरब डॉलर का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है, जबकि वास्तविक नुकसान इससे कहीं अधिक है। कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (सीडीआरआई) की भारत में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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