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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव भवानीपुर विधानसभा सीट काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है। बता दें कि राज्य में दो चरणों 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होने हैं। इस सीट से तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों के शीर्ष नेता चुनाव लड़ रहे हैं। बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी पारंपरिक सीट से मैदान में हैं। वहीं ममता बनर्जी को भाजपा के नेता सुवेंदु अधिकारी सीधे तौर पर चुनौती दे रहे हैं। तो आइए जानते हैं इस सीट का समीकरण…TMC और BJP के बीच मुख्य मुकाबलातृणमूल कांग्रेस से ममता बनर्जी और भारतीय जनता पार्टी से सुवेंदु…
बुधवार को महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने लेंसकार्ट की ड्रेस कोड नीति को लेकर हुए विवाद के बाद कॉर्पोरेट जगत में एक समान ड्रेस कोड लागू करने की मांग की। शैक्षणिक संस्थानों से तुलना करते हुए राणे ने कहा कि जिस प्रकार स्कूलों और कॉलेजों में हिजाब और बुर्का पहनने की अनुमति के लिए नियम हैं, उसी प्रकार के नियम कॉर्पोरेट जगत में भी कार्यालय में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए लागू होने चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे नियम चुनिंदा रूप से लागू नहीं किए जाने चाहिए। इसे भी पढ़ें: लीजिये अब Corporate Jihad आ गया!…
चुनाव वाले तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में नकदी, शराब, नशीली दवाओं और अन्य वस्तुओं की ज़ब्ती 1,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है, भारत निर्वाचन आयोग ने बुधवार को यह जानकारी दी। चुनाव आयोग ने बताया कि 26 फरवरी को चुनाव ज़ब्ती प्रबंधन प्रणाली (ESMS) के सक्रिय होने के बाद से 22 अप्रैल तक दर्ज की गई ज़ब्ती की राशि 1,072.13 करोड़ रुपये थी। आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 472.89 करोड़ रुपये की ज़ब्ती दर्ज की गई, जबकि तमिलनाडु में 599.24 करोड़ रुपये की ज़ब्ती दर्ज की गई।इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu की Hot Seat एडप्पाडी का रण,…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में पहले चरण के मतदान से ठीक पहले राज्य में सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस को करारा झटका लगा है। हम आपको बता दें कि आई पैक के कार्यालय में ईडी की छापेमारी के दौरान हस्तक्षेप करने के लिए ममता बनर्जी को देश की सर्वोच्च अदालत ने कड़ी फटकार लगाई है और इस पूरे घटनाक्रम पर सख्त रुख अपनाते हुए इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया है। इससे पहले, अभी कुछ दिन पहले ही मालदा में सात न्यायिक अधिकारियों को नौ घंटे तक बंधक बनाये रखने की घटना को लेकर भी उच्चतम न्यायालय ने ममता बनर्जी सरकार को…
पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनाव में बस कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं। पश्चिम बंगाल की बेलेघाटा विधानसभा सीट काफी ज्यादा अहम है। हालांकि इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस की पकड़ काफी ज्यादा मजबूत है। इस बार टीएमसी ने अपना उम्मीदवार बदला है। पश्चिम बंगाल में 294 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होंगे। वहीं 04 मई 2026 को मतगणना होगी।मुख्य मुकाबलाबता दें कि पश्चिम बंगाल की बेलेघाटा विधानसभा सीट तृणमूल कांग्रेस ने यहां से पूर्व राज्यसभा सांसद कुणाल कुमार घोष को अपना उम्मीदवार बनाया है। भारतीय जनता पार्टी ने…
पेंशन कोष नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) संचालित केंद्र सरकार की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजना… अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के अंशधारकों की संख्या नौ करोड़ से अधिक हो गई है। योजना की बढ़ती पहुंच और प्रभाव के चलते वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सकल नामांकन 1.35 करोड़ सदस्यों से अधिक हो गया है, जो योजना की शुरुआत के बाद से किसी एक वित्त वर्ष में दर्ज किया गया अब तक का सबसे अधिक नामांकन है। पीएफआरडीए ने एक बयान में कहा कि सभी भारतीयों के लिए एक सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली स्थापित करने के लक्ष्य के साथ नौ मई, 2015…
भारत के सड़क, रेलवे और बिजली क्षेत्रों की मौजूदा क्षेत्रीय नीतियों और मानक संविदा दस्तावेजों में आपदा जोखिम से निपटने के उपायों की कमी है। एक रिपोर्ट में बुधवार को यह बात कही गई। विश्लेषण में इस बात को एक गंभीर समस्या बताया गया है, क्योंकि भारत सहित पूरी दुनिया इस समय जलवायु और आपदा जोखिमों से वित्तीय खतरे का सामना कर रही है। इसमें वैश्विक बुनियादी ढांचे को सालाना 845 अरब डॉलर का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है, जबकि वास्तविक नुकसान इससे कहीं अधिक है। कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (सीडीआरआई) की भारत में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं…
पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनाव में बस कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक दल चुनावी रण में उतर चुके हैं और धुआंधार प्रचार कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल में 294 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होंगे। वहीं सभी राजनीतिक दलों की नजर पानीहाटी विधानसभा सीट पर है। यह सीट इसलिए भी ज्यादा खास है, क्योंकि बीजेपी ने यहां से आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल रेप और हत्या की पीड़िता की मां को चुनावी मैदान में उतारा है। तो आइए जानते हैं इस सीट का…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 सिर्फ सत्ता का संघर्ष नहीं बल्कि राज्य की राजनीतिक और सामाजिक दिशा को तय करने वाला बन सकता है। राज्य में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है। वहीं 04 मई 2026 को बहुस्तरीय मुकाबले की तस्वीर साफ होगी। राज्य की 294 विधानसभा सीटों पर बहुमत के लिए 148 का आंकड़ा पार करना जरूरी है। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर ने चुनाव को दिलचस्प बना रहे हैं। वहीं इस चुनाव में अस्मिता के मुद्दे को उठाकर चुनावी रणनीति को धार देने का काम…
Sleeping seven to eight hours is the standard benchmark, usually reiterated by health professionals time and again. Quality sleep is essential for everything from brain function to heart health. In fact, some studies suggest that consistently sleeping late may accelerate brain ageing, while poor sleep habits can also place added stress on your cardiovascular system- meaning sleep deprivation is a precursor for many health issues. But here’s the oversight: even if you are getting those recommended seven to eight hours, it still doesn’t guarantee good-quality sleep. You can clock in a full night’s rest and yet wake up feeling anything…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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