आभूषण एवं घड़ी बनाने वाली कंपनी टाइटन का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 35.36 प्रतिशत बढ़ाकर 1,179 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी का वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी (जनवरी-मार्च) तिमाही में शुद्ध लाभ 871 करोड़ रुपये रहा था।
टाइटन ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी की कुल बिक्री 48.28 प्रतिशत बढ़कर 20,607 करोड़ रुपये हो गई।
‘टाइटन’, टाटा समूह और तमिलनाडु औद्योगिक विकास निगम का संयुक्त उपक्रम है।
जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 85.16 प्रतिशत बढ़कर 25,579 करोड़ रुपये हो गया। कुल एकीकृत आय (अन्य आय सहित) 80.3 प्रतिशत बढ़कर 27,104 करोड़ रुपये रही।
समूचे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का लाभ 52 प्रतिशत बढ़कर 5,073 करोड़ रुपये हो गया जो 2024-25 में 3,337 करोड़ रुपये था।
एकीकृत बिक्री 34.4 प्रतिशत बढ़कर 76,797 करोड़ रुपये हो गई। कुल आय 44.62 प्रतिशत बढ़कर 88,136 करोड़ रुपये हो गई।
कंपनी के प्रबंध निदेशक अजय चावला ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 टाइटन के लिए ऐतिहासिक रहा।
उन्होंने कहा, ‘‘ हमने वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 40 वर्षों में पहली बार 50,000 करोड़ रुपये के वार्षिक राजस्व का आंकड़ा पार किया था। इसके बाद अगले 25,000 करोड़ रुपये की वृद्धि सिर्फ एक वर्ष में हासिल कर ली।’’
कंपनी ने एक अलग सूचना में बताया कि उसके निदेशक मंडल ने एक रुपये अंकित मूल्य के प्रत्येक शेयर पर 15 रुपये का लाभांश देने की सिफारिश की है।
