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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनाव में बस कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं। पश्चिम बंगाल की बेलेघाटा विधानसभा सीट काफी ज्यादा अहम है। हालांकि इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस की पकड़ काफी ज्यादा मजबूत है। इस बार टीएमसी ने अपना उम्मीदवार बदला है। पश्चिम बंगाल में 294 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होंगे। वहीं 04 मई 2026 को मतगणना होगी।मुख्य मुकाबलाबता दें कि पश्चिम बंगाल की बेलेघाटा विधानसभा सीट तृणमूल कांग्रेस ने यहां से पूर्व राज्यसभा सांसद कुणाल कुमार घोष को अपना उम्मीदवार बनाया है। भारतीय जनता पार्टी ने…
पेंशन कोष नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) संचालित केंद्र सरकार की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजना… अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के अंशधारकों की संख्या नौ करोड़ से अधिक हो गई है। योजना की बढ़ती पहुंच और प्रभाव के चलते वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सकल नामांकन 1.35 करोड़ सदस्यों से अधिक हो गया है, जो योजना की शुरुआत के बाद से किसी एक वित्त वर्ष में दर्ज किया गया अब तक का सबसे अधिक नामांकन है। पीएफआरडीए ने एक बयान में कहा कि सभी भारतीयों के लिए एक सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली स्थापित करने के लक्ष्य के साथ नौ मई, 2015…
भारत के सड़क, रेलवे और बिजली क्षेत्रों की मौजूदा क्षेत्रीय नीतियों और मानक संविदा दस्तावेजों में आपदा जोखिम से निपटने के उपायों की कमी है। एक रिपोर्ट में बुधवार को यह बात कही गई। विश्लेषण में इस बात को एक गंभीर समस्या बताया गया है, क्योंकि भारत सहित पूरी दुनिया इस समय जलवायु और आपदा जोखिमों से वित्तीय खतरे का सामना कर रही है। इसमें वैश्विक बुनियादी ढांचे को सालाना 845 अरब डॉलर का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है, जबकि वास्तविक नुकसान इससे कहीं अधिक है। कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (सीडीआरआई) की भारत में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं…
पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनाव में बस कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक दल चुनावी रण में उतर चुके हैं और धुआंधार प्रचार कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल में 294 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होंगे। वहीं सभी राजनीतिक दलों की नजर पानीहाटी विधानसभा सीट पर है। यह सीट इसलिए भी ज्यादा खास है, क्योंकि बीजेपी ने यहां से आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल रेप और हत्या की पीड़िता की मां को चुनावी मैदान में उतारा है। तो आइए जानते हैं इस सीट का…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 सिर्फ सत्ता का संघर्ष नहीं बल्कि राज्य की राजनीतिक और सामाजिक दिशा को तय करने वाला बन सकता है। राज्य में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है। वहीं 04 मई 2026 को बहुस्तरीय मुकाबले की तस्वीर साफ होगी। राज्य की 294 विधानसभा सीटों पर बहुमत के लिए 148 का आंकड़ा पार करना जरूरी है। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर ने चुनाव को दिलचस्प बना रहे हैं। वहीं इस चुनाव में अस्मिता के मुद्दे को उठाकर चुनावी रणनीति को धार देने का काम…
Sleeping seven to eight hours is the standard benchmark, usually reiterated by health professionals time and again. Quality sleep is essential for everything from brain function to heart health. In fact, some studies suggest that consistently sleeping late may accelerate brain ageing, while poor sleep habits can also place added stress on your cardiovascular system- meaning sleep deprivation is a precursor for many health issues. But here’s the oversight: even if you are getting those recommended seven to eight hours, it still doesn’t guarantee good-quality sleep. You can clock in a full night’s rest and yet wake up feeling anything…
Migraines can be intensely debilitating, and when summer heatwaves hit, the pounding pain, sensitivity, and fatigue can feel even harder to manage. In search of quick relief, many people turn to viral “hacks” circulating online – but not all of them live up to the hype. While some remedies may offer genuine relief, others are ineffective at best and misleading at worst. So how do you separate what actually works from what doesn’t? That’s exactly what this expert-backed breakdown aims to uncover.Read more to find out how effective internet migraine hacks actually are. (Unsplash)Also Read | Doctor reveals simple hack…
कटहल की सब्जी हर किसी के घर में जरुर बनाई जाती है। कई लोगों को कटहल की सब्जी काफी पसंद होती है। इसका अचार भी काफी स्वादिष्ट होता है। कुछ लोगों को कटहल की सब्जी मसालेदार पसंद होती है या कुछ को लजीज कोफ्ता की सब्जी काफी पसंद होती है। इसको बनाने में तभी फायदा होता है जब यह पूरी तरह से कच्चा हो। पका कटहल आपकी सब्जी का स्वाद विगाड़ सकता है। अक्सर होता है कि मार्केट से हम सभी बड़े और सुंदर दिखने वाला कटहल खरीद ले आते हैं, लेकिन जब इसको घर पर कटाते हैं, तो ये…
Mushrooms are one of those ingredients that instantly elevate the quality of a dish. They are available in a wide variety and can be used in even more dishes. The popular vegan alternative to meat brings one common question to the minds of amateur cooks: What is the best way to clean the edible fungi?Ranveer Brar’s kali mirch mushroom recipe takes just 40 minutes to prepare. (@RanveerBrar/YouTube)Also Read | Chef Kunal Kapur demonstrates how to cut pomegranate, shares refreshing pomegranate mojito recipeTaking to Instagram on April 21, celebrity chef and MasterChef India judge Ranveer Brar answers just that.“These days, when…
गर्मियों के मौसम में बच्चों के लिए कपड़े खरीदना हर किसी को अच्छा लगता है,क्योंकि इस समय उनका आराम सबसे ज्यादा मायने रखता है। बच्चों को हल्के, मुलायम और आरामदायक कपड़े पहनाना जरूरी होता है। इसके लिए आप दिल्ली के इन तीन बेहतरीन मार्केट्स को एक्सप्लोर कर सकते हैं, जहां आपको बच्चों के लिए हर तरह के स्टाइलिश और कंफर्टेबल कपड़ों की अच्छी वैरायटी आसानी से मिल जाएगी। समर सीजन में बच्चों को आरामदायक कॉटन के कपड़े पहनाने चाहिए। तो चलिए बिना देर किए आपको बताते हैं दिल्ली 3 ऐसे मार्केट जहां बच्चों के कपड़े बेहद ही सुंदर मिलते हैं।चांदनी…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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