जीई एयरोस्पेस भारत में अपनी उपस्थिति मजबूत करने के लिए पुणे स्थित अपने विनिर्माण संयंत्र में अवसंरचना उन्नयन एवं अन्य कार्यों के लिए 100 करोड़ रुपये का नया निवेश करेगी।
पिछले तीन वर्षों में वाणिज्यिक विमान इंजनों के लिए महत्वपूर्ण घटक बनाने वाले इस संयंत्र में कंपनी का कुल निवेश 510 करोड़ रुपये हो जाएगा।
कंपनी ने सोमवार को 100 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा करते हुए कहा कि यह राशि नई वेल्डिंग प्रौद्योगिकियों, उन्नत निरीक्षण उपकरण, सटीक औजार, गेज, फिक्स्चर और अतिरिक्त अवसंरचना उन्नयन पर खर्च की जाएगी। इसका उद्देश्य उत्पादन क्षमता बढ़ाना, प्रक्रियाओं की सटीकता सुधारना और वैश्विक ग्राहकों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले घटकों की आपूर्ति को समर्थन देना है।
पुणे संयंत्र के पास स्थानीय स्तर पर 300 से अधिक आपूर्तिकर्ता हैं जबकि भारत में जीई एयरोस्पेस के कुल आपूर्तिकर्ताओं का व्यापक नेटवर्क 2,200 से अधिक का है।
कंपनी ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘ यह नवीनतम निवेश पिछले दो वर्ष में घोषित 410 करोड़ रुपये के निवेश पर आधारित है जिससे तीन वर्ष में पुणे संयंत्र में जीई एयरोस्पेस का कुल निवेश 510 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा।’’
पुणे विनिर्माण संयंत्र के प्रबंध निदेशक विश्वजीत सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि यह निवेश भारत में विनिर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हम कौशल विकास पर काम कर रहे हैं जो भारत में वैमानिकी उद्योग के लिए एक संसाधन बनेगा… मुझे लगता है कि आपूर्तिकर्ताओं और कौशल विकास के माध्यम से हमने भारत में वैमानिकी उद्योग को लेकर सरकार के दृष्टिकोण में वास्तव में योगदान दिया है।’’
उन्होंने बताया कि 2015 से अब तक इस संयंत्र ने 5,000 से अधिक उत्पादन सहयोगियों को प्रशिक्षित किया है जिससे देश में वैमानिकी विनिर्माण प्रतिभा का एक मजबूत आधार तैयार हुआ है।
जीई एयरोस्पेस का बेंगलुरु में एक प्रौद्योगिकी केंद्र भी है।
