एक अच्छी सेना की पहचान यही होती है कि वह शांति के समय में युद्ध की तैयारी करता है और भारतीय सेना भी लगातार खुद को तैयार करती हुई दिखाई देती है। इसके लिए ना सिर्फ वो युद्धाभ्यास करती है बल्कि दूसरे देशों के साथ मिलकर साझा युद्ध अभ्यास को भी अंजाम देती है और एक ऐसे ही साझा युद्धाभ्यास को भारतीय सेना ने कंबोडिया की सेना के साथ मिलकर अंजाम दिया है। दरअसल 16 मई 2026 को कंबोडिया के कमपोंग स्प्यू प्रांत में भारतीय सेना और कंबोडिया की रॉयल आर्मी के बीच जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज सिनेबक्स 2 2026 का भव्य समापन हो गया। यह सिर्फ कोई ट्रेनिंग नहीं थी बल्कि दोनों देशों के जवानों के बीच भाई-भाई बनकर एक दूसरे के साथ खड़े रहने की ट्रेनिंग थी जो कि 14 दिनों की एक एक्सरसाइज थी। इस एक्सरसाइज में दोनों आर्मी ने मिलकर सबकन्वेंशनल यानी कि छोटे स्तर के संघर्ष और सेमी अर्बन यानी कि आधे शहर वाले इलाके में कैसे लड़ाई लड़ी जाती है इसकी प्रैक्टिस की। आजकल की लड़ाई सिर्फ जंगल या मैदान में नहीं होती। आतंकवाद, सिटी एरिया में छिपे दुश्मन, छोटे ऑपरेशंस और इन सब पर फोकस सारी आर्मीज़ का है।
भारतीय जवान और कंबोडिया के सैनिक 14 दिन तक एक साथ रहते हुए सुबह से शाम तक प्रैक्टिकल ड्रिल्स को अंजाम दे रहे थे ताकि इन सभी परिस्थितियों से निपटने की ट्रेनिंग की जा सके। इस ट्रेनिंग के दौरान रैपलिंग की मदद से ऊंची दीवार से नीचे उतरना, घने जंगलों में आगे बढ़ना, रात में टारगेट को निशाना बनाना इन सब चीजों की प्रैक्टिस दोनों ही सेनाओं ने की है। इस अभ्यास के पूरे होने की जानकारी खुद भारतीय सेना ने पोस्ट करते हुए दी है और साथ ही में इसका एक वीडियो और तस्वीरें भी साझा की है। इन वीडियोस में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे भारतीय सैनिक हेलमेट लगाए राइफल थामे आगे बढ़ रहे हैं और दूसरी तरफ कंबोडियन जवान उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं।
इसके अलावा एक और तस्वीर सामने आई जिसमें भारतीय सेना के एक सिख जवान खड़े हैं जो पगड़ी पहने हुए हैं और वह अपने हाथ में राइफल को लेकर उसकी खासियत कंबोडिया अफसरों को बताते हुए दिख रहे हैं और कंबोडिया अफसर बड़े ही ध्यान से उनको सुनते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा भारतीय सेना ने इस पूरे एक्सरसाइज की ग्रुप फोटो को भी साझा किया जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि हरे रंग का बैकड्रॉप है और उस पर भारतीय तिरंगा, कंबोडिया का झंडा और बीच में सिनेबक्स का बड़ा लोगो लगा हुआ है। जिस पर टाइगर और बुल का प्रतीक है। जिसका एक ही मतलब है ताकत और साहस।
लगातार 14 दिन तक चली इस मेहनत का नतीजा यह है कि वैलिडेशन एक्सरसाइज में दोनों टीमों ने प्रोफेशनलिज्म का कमाल दिखाया है। कोई चूक नहीं हुई। पूरा समन्वय यानी पूरा तालमेल दोनों सेनाओं के बीच देखने को मिला। आज की दुनिया में जहां मिलिट्री टू मिलिट्री पार्टनरशिप बहुत मायने रखती है। ऐसी स्थिति में सेबक्स 2 2026 दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ाने का काम करेगा। भारतीय सेना का कहना है कि एक्सरसाइज प्लानिंग से लेकर उसके एग्जीक्यूशन तक करने की एक अच्छी प्रैक्टिस रही। भारतीय सेना हमेशा कहती है कि उसे शांति चाहिए लेकिन वह हमेशा तैयार रहती है।