पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और सुरक्षा खतरों के बीच, 20 हजार टन एलपीजी लेकर ‘सिमी’ नाम का एक बड़ा जहाज रविवार को गुजरात के कांडला में दीनदयाल पोर्ट पर सुरक्षित पहुंचा। इस मालवाहक जहाज ने 13 मई को सबसे खतरनाक माने जाने वाले होर्मुज स्ट्रेट को पार किया था।
जहाज की सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस जहाज पर कुल 21 क्रू सदस्य सवार हैं, जिनमें 8 यूक्रेन के और 13 फिलीपींस के नागरिक हैं। सुरक्षा की कड़ी निगरानी के बीच होर्मुज स्ट्रेट को पार करने वाला ‘सिमी’ 11वां एलपीजी टैंकर बन गया है। अधिकारियों के अनुसार, भारत सरकार के जहाजरानी विभाग, विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के बीच बेहतरीन तालमेल की वजह से ही इस जहाज को सुरक्षित भारत लाना संभव हो पाया।
#WATCH | Kachchh, Gujarat: The Marshall Islands-flagged tanker Symi carrying approx 20,000 tonnes of LPG arrives at the Kandla Port.
Symi crossed the Strait of Hormuz on May 13. pic.twitter.com/s6GboC1T4V
— ANI (@ANI) May 17, 2026
इसे भी पढ़ें: Madhya Pradesh के Ratlam के पास Rajdhani Express के एसी कोच में लगी आग, सभी यात्री सुरक्षित
भारत में कच्चे तेल के भंडार में आई कमी
यह जहाज ऐसे समय में भारत आया है जब पश्चिम एशिया के संघर्ष की वजह से दुनिया भर में ईंधन की सप्लाई पर भारी दबाव है। पिछले कुछ महीनों में भारत का कच्चा तेल भंडार तेजी से कम हुआ है और इसमें लगभग 15% की गिरावट दर्ज की गई है।
कमोडिटी एनालिटिक्स फर्म ‘केपलर’ के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी के अंत में भारत का कुल कच्चा तेल भंडार 107 मिलियन बैरल था, जो अब घटकर 91 मिलियन बैरल रह गया है। इस भंडार में पेट्रोलियम कंपनियों, रिफाइनरी और व्यापारिक गोदामों में रखा तेल शामिल है।
इसे भी पढ़ें: CBSE का New Circular जारी: 2026 से Class 9 के Students के लिए 3 भाषाएं होंगी अनिवार्य
रिफाइनरी के कामकाज पर क्या होगा असर?
कच्चे तेल के आयात में कमी के बावजूद, भारत की तेल रिफाइनरियों ने फिलहाल अपना काम सामान्य रूप से जारी रखा है और तेल साफ करने के काम में कोई बड़ी कटौती नहीं की है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की सप्लाई में यह रुकावट लंबे समय तक बनी रही, तो आगे चलकर भारतीय रिफाइनरियों को अपना काम कम करना पड़ सकता है।
