ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार पिछले कुछ वर्षों में कई गुना बढ़ा है, लेकिन यह अब भी वैश्विक व्यापार का का करीब पांच प्रतिशत ही है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने यह जानकारी दी।
अग्रवाल ने कहा कि इससे इस समूह के भीतर व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने की बड़ी संभावनाएं दिखाई देती हैं।
ब्रिक्स में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।
यह समूह वैश्विक और क्षेत्रीय महत्व के राजनीतिक तथा आर्थिक मुद्दों पर विचार-विमर्श और सहयोग का मंच है।
भारत ने 2012, 2016 और 2021 के बाद चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली है।
गुजरात के गांधीनगर में 14-15 मई को आयोजित ब्रिक्स देशों के व्यापार और आर्थिक मामलों से जुड़े अधिकारियों की दूसरी बैठक को संबोधित करते हुए अग्रवाल ने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच वस्तु व्यापार 2003 में 84 अरब डॉलर से बढ़कर 2024 में 1.17 लाख करोड़ डॉलर हो गया है।
यानी इसमें 13 गुना वृद्धि हुई है।
हालांकि उन्होंने कहा कि यह व्यापार अब भी वैश्विक व्यापार का केवल करीब पांच प्रतिशत है, जिससे स्पष्ट होता है कि व्यापारिक एकीकरण, मूल्य श्रृंखला संबंधों और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की काफी गुंजाइश है।
बैठक में संतुलित व्यापार को बढ़ावा देने और सेवा क्षेत्र में नए अवसर पैदा करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
