अभिनेता-राजनेता विजय तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार हैं। टीवीके प्रमुख विजय ने लोक भवन में तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात की। कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई (एम), वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन से अब 121 विधायक टीवीके के साथ हैं और राज्य में सरकार बनाने का उसका रास्ता अब साफ हो गया है। माना जा रहा है कि विजय कल शाम में शपथ ले सकते है। इसके लिए नेहरू स्टेडियम को तैयार किया जा रहा है।
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थोल थिरुमावलवन की विदुथलाई चिरुथाइगल कत्ची (वीसीके) ने तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) को “बिना शर्त” समर्थन दिया है, जिससे तटीय राज्य में सरकार गठन को लेकर जारी गतिरोध समाप्त हो गया है। टीवीके के पास विजय की दो सीटों सहित 108 सीटें हैं, लेकिन तमिलनाडु विधानसभा के 234 सदस्यों में बहुमत के लिए आवश्यक 118 सीटों से कम हैं। लेकिन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), वीसीके और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के समर्थन से पार्टी तमिलनाडु में अगली सरकार बनाने के लिए तैयार है। यह उल्लेखनीय है कि वामपंथी दलों, वीसीके और आईयूएमएल के पास दो-दो विधायक हैं।
तमिलनाडु में टीवीके की सरकार बनने की संभावना को देखते हुए, टीवीके के कार्यकर्ता और समर्थक चेन्नई स्थित मुख्यालय के बाहर पटाखे फोड़ते हुए जश्न मनाते नजर आए। टीवीके को बिना शर्त समर्थन देने के पार्टी के फैसले के बावजूद, वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने कहा है कि विदुथलाई चिरुथाइगल काची अभी भी डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा है। चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने विजय का समर्थन करने का फैसला दीर्घकालिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए ही लिया है।
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डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने विजय की पार्टी टीवीके को कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई (एम) और वीसीके के समर्थन से बहुमत मिलने पर बधाई दी है। एक पोस्ट में स्टालिन ने दोहराया कि उनकी पार्टी नई सरकार के गठन में बाधा नहीं डालेगी और डीएमके एक रचनात्मक विपक्षी दल के रूप में काम करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में जब किसी को भी सरकार बनाने के लिए बहुमत नहीं मिला, तो कई लोगों ने वैकल्पिक विचार रखे। मेरा मानना है कि हमारे सहयोगी दल जो भी निर्णय लें, हमें उनका सम्मान करना चाहिए, समन्वय से काम करना चाहिए, एक स्थिर सरकार का गठन सुनिश्चित करना चाहिए और अगले चुनाव का रास्ता नहीं खोलना चाहिए।
