: भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल एक महत्वपूर्ण रणनीतिक दौरे पर रविवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद पहुंचे। डोभाल की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया (Middle East) में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है और युद्धविराम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। सऊदी अरब में भारत के राजदूत सुहेल खान और सऊदी अरब के राजनीतिक मामलों के उप मंत्री सऊद अल-सती ने उनका स्वागत किया।
डोभाल ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान, ऊर्जा मंत्री अब्दुलअजीज बिन सलमान और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मुसैद अल-ऐबान से मुलाकात की।
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भव्य स्वागत और उच्च स्तरीय वार्ता
रियाद पहुंचने पर सऊदी अरब में भारत के राजदूत सुहेल खान और सऊदी अरब के राजनीतिक मामलों के उप मंत्री सऊद अल-सती ने डोभाल का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके तुरंत बाद, डोभाल ने सऊदी अरब के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठकों का सिलसिला शुरू किया।
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इन प्रमुख नेताओं से हुई मुलाकात:
फैसल बिन फरहान: सऊदी अरब के विदेश मंत्री।
अब्दुलअजीज बिन सलमान: ऊर्जा मंत्री (वैश्विक तेल आपूर्ति पर चर्चा हेतु महत्वपूर्ण)।
मुसैद अल-ऐबान: सऊदी अरब के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार।
चर्चा के मुख्य केंद्र बिंदु
सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि इन बैठकों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है।
द्विपक्षीय संबंध: व्यापार, सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना।
क्षेत्रीय स्थिति: ओमान की खाड़ी में जारी सैन्य हलचल और ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर मंथन।
ऊर्जा सुरक्षा: भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति की स्थिरता सुनिश्चित करना।
सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि इन बैठकों के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय स्थिति और परस्पर हित के अन्य मुद्दों पर चर्चा की।
डोभाल की यह यात्रा ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में संभवत: दूसरे दौर की चर्चा होगी।
पाकिस्तान में 11 और 12 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच हुई पहले दौर की बातचीत बेनतीजा रही थी।
