राजस्थान में अगस्त महीने में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के 55 मामले सामने आए हैं, जो इस साल किसी एक महीने में दर्ज मामलों की सर्वाधिक संख्या है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, नए मामलों के साथ राज्य में जनवरी 2026 से अब तक स्वाइन फ्लू के कुल 146 मामले सामने आ चुके हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि कुछ राज्यों, विशेषकर दिल्ली में एच1एन1 के मामलों में वृद्धि को देखते हुए विभाग स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित चिकित्सा संस्थानों को स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि राज्य में जनवरी में दो, फरवरी में तीन, मार्च में 20, अप्रैल में 22, मई में 25, जून में 14, जुलाई में पांच और अगस्त में 55 मामले सामने आए।
राठौड़ ने कहा कि एच1एन1 वायरस के किसी नए या अधिक घातक स्ट्रेन (स्वरूप) के फैलने की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार, वर्तमान में प्रसारित वायरस पहले से ही सक्रिय है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने हालांकि कहा कि संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतना और समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेना महत्वपूर्ण है।
राठौड़ ने बताया कि एच1एन1 या स्वाइन फ्लू एक श्वसन संक्रमण है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उचित देखभाल और चिकित्सकीय सलाह से अधिकांश मरीज ठीक हो जाते हैं।
हालांकि, छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों में जटिलताओं का जोखिम अधिक रहता है।
