लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया और जनता के कल्याण के लिए दृढ़ रुख अपनाया। X पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की गलतियों का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है और दावा किया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी, जिसे उन्होंने वसूली करार दिया, किश्तों में की जाएगी।
राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार की गलती, जनता को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। ₹3 का झटका पहले ही लग चुका है। बाकी की वसूली किश्तों में की जाएगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि ईंधन संकट के साथ-साथ भारत में आर्थिक संकट की बड़ी वजह मोदी सरकार में नेतृत्व का संकट तथा दूरदर्शी सोच का अभाव है। खरगे ने कहा, जनता को यह समझना होगा कि इस समय अंतरराष्ट्रीय ईंधन संकट के साथ-साथ भारत में आर्थिक संकट की बड़ी वजह मोदी सरकार में नेतृत्व का संकट तथा दूरदर्शी सोच का अभाव है और अक्षमता कूट-कूट कर भरी है।
उन्होंने दावा किया कि यह संकट मोदी सरकार द्वारा पैदा किया गया है, जिसका ख़ामियाज़ा देश की जनता को पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी पर अपनी जेब से भरना पड़ रहा है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत कम थी तो मोदी सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के बजाय उन्हें लूटा। सरकारी तेल कंपनियों ने चार वर्षों के लंबे अंतराल के बाद शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संशोधन करते हुए दोनों ईंधनों के दाम में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की।
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, वर्षों तक जब अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतें कम थीं या गिर रही थीं, तब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस लगातार यह मांग करती रही कि उसका लाभ भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए और गैस, पेट्रोल तथा डीजल की घरेलू कीमतों में कमी की जाए। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और उपभोक्ताओं को लूटा गया।