ईटानगर, दो अगस्त अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशव्यापी ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान’ को डिजिटल माध्यम से शुरू करने के कार्यक्रम में तवांग से हिस्सा लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खांडू ने अरुणाचल प्रदेश के युवाओं से नशे के खिलाफ इस अभियान में सक्रिय दूत (ब्रांड एंबेसडर) बनने का आह्वान किया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के तहत मेरा युवा भारत (माई भारत) मंच की अगुवाई में शुरू हुए इस 100 सप्ताह के अभियान की शुरुआत देशभर में 10,000 से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से अधिक युवाओं द्वारा नशे से दूर रहने और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित रहने की सामूहिक शपथ के साथ हुई।
‘नशा मुक्त युवा – विकसित भारत संकल्प अभियान’ की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के युवाओं का मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना आवश्यक है और इसके लिए उन्हें हर प्रकार के नशे से दूर रहना होगा। उन्होंने युवाओं से नशे के खिलाफ संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि नशीले पदार्थ कुछ समय के लिए ‘‘आनंद का झूठा एहसास’’ (हाई) दे सकते हैं, लेकिन वे पूरे करियर और निजी जीवन को ‘‘बर्बादी’’ (लो) में धकेल देते हैं। अभियान की परिवर्तनकारी प्रकृति का उल्लेख करते हुए खांडू ने सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने नशे के खिलाफ लड़ाई को वास्तविक अर्थों में ‘जन भागीदारी’ का अभियान बना दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं अरुणाचल प्रदेश के प्रत्येक युवा से आग्रह करता हूं कि वे इस अभियान के दूत बनें और अपने परिवार, मित्रों तथा समुदाय के लोगों को स्वस्थ, अनुशासित और नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करें।’’
इस पहल के तहत अगले 100 सप्ताह तक देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हर रविवार खेल प्रतियोगिताएं, वॉकाथॉन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामुदायिक सहभागिता अभियान जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी ताकि नशे के खिलाफ अभियान की गति लगातार बनी रहे।
