उच्चतम न्यायालय की न्यायाधीश बी. वी. नागरत्ना ने शनिवार को कहा कि पारिवारिक विवादों में न्याय के लिए अदालतों और वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) तंत्र को मिलकर काम करना चाहिए। उच्चतम न्यायालय में कुटुंब अदालत मामलों की समिति की अध्यक्ष न्यायमूर्ति नागरत्ना ने यह भी कहा कि जल्द समाधान के लिए सार्थक और न्यायपूर्ण प्रक्रिया से समझौता नहीं किया जा सकता। ‘पारिवारिक विवादों में एडीआर बनाम न्यायिक प्रक्रिया : चुनौतियां और आगे का रास्ता’ विषय पर आयोजित दो-दिवसीय पूर्वी क्षेत्रीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति नागरत्ना ने कहा, ‘‘वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र का उद्देश्य अदालतों की जगह लेना नहीं है।
इसके बजाय, दोनों को आदर्श रूप से न्याय देने की प्रक्रिया में मदद करनी चाहिए। पारिवारिक मामलों में एडीआर तंत्र तेजी, गोपनीयता और निजता उपलब्ध कराता है।’’
यह कार्यक्रम उच्चतम न्यायालय की कुटुंब अदालत मामलों की समिति ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के सहयोग से आयोजित किया था।
