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दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुई दर्दनाक इमारत हादसे के बाद दिल्ली सरकार और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ़ दिल्ली (MCD) ने सख्त रुख अपनाया है। सात लोगों की जान लेने वाले इस हादसे में गाज…
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को कहा कि भारत और लक्ज़मबर्ग के रिश्तों में व्यापार, निवेश और वित्तीय सहयोग सबसे अहम हैं। उन्होंने भारत आए लक्ज़मबर्ग के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ज़ेवियर बेटेल का स्वागत…
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेरी घालीबाफ ने सोमवार को वॉशिंगटन को कड़ी चेतावनी दी कि अगर ईरान की एनर्जी सुविधाओं के खिलाफ कोई गलत कदम उठाया गया, तो इसके गंभीर नतीजे होंगे। X पर…
(फाइल फोटो के साथ) नयी दिल्ली, सात सितंबर कांग्रेस ने भारत जोड़ो यात्रा के सोमवार को चार साल पूरे होने…
रांची, सात अगस्त झारखंड पुलिस के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने राज्य में एक भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के…
चेहरे पर जमी धूल, खून के धब्बे और चारों तरफ कंक्रीट के भारी टुकड़े—दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में गिरी…
न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा ने सोमवार को यहां पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ…
तिरुवनंतपुरम, सात सितंबर दक्षिण-पश्चिम मानसून के कमजोर बने रहने और बारिश नहीं होने के कारण केरलम के कई हिस्सों में…
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक 5 मंजिला पेइंग गेस्ट (PG) इमारत ढहने से हुई 6 लोगों की…
पंजाब के अमृतसर स्थित श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब…
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत ढहने की घटना में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर…
उत्तर प्रदेश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच जुबानी जंग चरम पर पहुंच…
नयी दिल्ली, सात सितंबर दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत ढहने की घटना में मारे गए…
नयी दिल्ली, छह सितंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत और फ्रांस के संबंध नयी ऊंचाइयों पर…
सागर (मध्यप्रदेश), छह सितंबर मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पिछले छह साल में यह दूसरी बार है जब जहरीली शराब…
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विश्वभर में लगभग सभी महापुरूषों ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माता की संज्ञा दी है। गुरू रूपी इन्हीं शिक्षकों को सम्मान देने के लिए प्रतिवर्ष 5 सितम्बर…
फिल्ममेकर फराह खान के अपने तीनों बच्चों (ट्रिपलेट्स) के उच्च शिक्षा (Higher Studies) के लिए घर छोड़कर विदेश रवाना होने पर सोशल मीडिया पर शेयर किया गया एक भावुक पोस्ट खूब चर्चा में है। फराह की इस इमोशनल पोस्ट पर बॉलीवुड हस्तियों के ढेरों कमेंट्स आ रहे हैं। इनमें फराह की सुपरहिट फिल्म ‘ओम शांति ओम’ से बॉलीवुड डेब्यू करने वाली अभिनेत्री दीपिका पादुकोण का रिएक्शन भी सामने आया है। “तीन बार अलविदा कहना…”— फराह खान का इमोशनल पोस्टफराह खान ने अपने तीनों बच्चों—ज़ैक, दिवा और अन्या की तस्वीरें शेयर कीं, जो अमेरिका के तीन अलग-अलग शहरों में अपनी पढ़ाई के लिए गए हैं। उन्होंने लिखा, “अगर आपको लगता था कि अपने बच्चे को कॉलेज भेजना मुश्किल है… तो इसे 3 बार करके देखिए! 3 शहर, 3 कैंपस… 3 बार अलविदा कहना! मेरे दिल के 3 टुकड़े… जाओ जी लो अपनी ज़िंदगी… लेकिन याद रखना, सभी रास्ते वापस मम्मी-पापा के पास ही…
फिलहाल नीम करौली बाबा के जीवन पर बनीं फिल्म हनुमान अंश की चर्चाएं खूब हो रही हैं। इस…
सरकारी नौकरी की चाहत रखने वालों के लिए यह लेख बेहद काम का है। दरअसल, भारतीय औषधि एवं चिकित्सा उपकरण ब्यूरो (पीएमबीआई) ने साल 2026 के लिए 178 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। वैसे यह भर्ती अनुबंध के आधार पर होगी। भर्ती की अधिसूचना 3 सितंबर 2026 को विज्ञापन संख्या 02/2026 के तहत जारी की गई है।जानिए कब तक आवेदन कर सकते हैं?आवेदन करने वाले इच्छु अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रारूप में ऑफलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 24 सितंबर 2026 शाम 5 बजे। कौन-कौन से पद हैं और कितनी मिलेगी सैलरी?असल में भर्ती…
हुंदै मोटर इंडिया लिमिटेड की योजना विविधता बढ़ाने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप प्रतिभाओं की मजबूत श्रृंखला…
पंजाब में बिजली की स्थिति इन दिनों चिंता बढ़ाने वाली हो गई है। राज्य में कोयले की कमी के कारण…
एआई की क्षमता को लेकर बहस अब सिर्फ नौकरियों या रोजमर्रा के काम तक सीमित नहीं रह गई है। सवाल…
भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत सामने आया है। वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी से मार्च तिमाही के…
दुनिया की सबसे चर्चित अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनियों में शामिल स्पेसएक्स के संभावित शेयर बाजार प्रवेश को लेकर निवेशकों के बीच…
उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनाव सिर्फ वोटों की गिनती से नहीं जीते जाते। यहां जाति, जज्बात, चेहरा और संदेश, इन चारों का सही तालमेल सत्ता तक पहुंचने का रास्ता बनाता है। 2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर जरूर है, लेकिन सियासी बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी अपनी पुरानी साइकिल में नए राजनीतिक पुर्जे लगाने में जुटे हैं। मकसद सपा को उसकी पुरानी छवि से बाहर निकालना है, जिसे विरोधी लंबे समय से एक खास सामाजिक दायरे और सत्ता में कथित तौर पर आक्रामक राजनीति से जोड़ते रहे हैं। अखिलेश की नई रणनीति में जातीय समीकरण भी है, हिंदू प्रतीक भी हैं, पीडीए का विस्तार भी है और सबसे दिलचस्प बात यह है कि डिंपल यादव के रूप में एक नया और अपेक्षाकृत शांत चेहरा भी है।डिंपल की बढ़ती भूमिका और ‘सॉफ्ट पॉलिटिक्स’देखा जाये तो अब तक डिंपल यादव की राजनीति अपेक्षाकृत…
उत्तर प्रदेश की राजनीति को भारतीय लोकतंत्र का हृदयस्थल माना जाता है। दिल्ली की गद्दी का रास्ता लखनऊ के गलियारों से होकर गुजरता है, यही कारण है कि देश के इस सबसे बड़े सूबे में होने वाली हर छोटी-बड़ी राजनीतिक हलचल का असर राष्ट्रीय फलक पर साफ दिखाई देता है। वर्ष 2026 की समाप्ति के करीब आते ही और 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट के साथ उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच शह-मात का खेल पूरी तरह से शुरू हो चुका है। लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों ने सूबे की राजनीतिक जमीन को जो नई शक्ल दी थी, उसके बाद हर दल अपनी रणनीतियों को धार देने में जुटा है। एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लगातार तीसरी बार उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज होकर इतिहास रचने की कवायद में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी अपने ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले के सहारे दस…
उत्तरप्रदेश की आध्यात्मिक राजधानी अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण भारतीय राजनीति के सबसे लंबे और निर्णायक अध्यायों में से एक रहा है। इस मंदिर आंदोलन ने भारतीय राजनीति की दिशा बदली, भाजपा को राष्ट्रीय सत्ता के केंद्र तक पहुंचाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई और अंततः 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ आंदोलन का सबसे बड़ा प्रतीकात्मक लक्ष्य पूरा हुआ।लेकिन इतिहास का दिलचस्प मोड़ यह है कि मंदिर बनने के बाद असली प्रशासनिक चुनौती शुरू हुई है, जिसके दृष्टिगत 2 सितंबर 2026 को “श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट” ने सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र कुमार मिश्र को अपना पहला पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया। इसलिए मिश्र की नियुक्ति के पीछे छिपे महत्वपूर्ण प्रशासनिक व सियासी संदेश को समझना होगा।इसे भी पढ़ें: Operation Sindoor से अयोध्या तक: कौन है राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा, क्या होगी जिम्मेदारीमसलन, लगभग 5,585 आवेदनों में से बहुस्तरीय चयन…
पुरानी कार या बाइक खरीदने के बाद RC (Registration Certificate) अपने नाम ट्रांसफर कराना बेहद जरूरी है। अब केंद्र सरकार ने वाहन के मालिकाना हक के ट्रांसफर और अधिकृत डीलरों के जरिए पुराने वाहनों की बिक्री को लेकर नए नियमों का मसौदा पेश किया है। इसमें छह महीने की समय सीमा का प्रावधान चर्चा में है। हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि छह महीने बाद मालिकाना हक बदलने का प्रस्ताव आम व्यक्ति द्वारा खरीदे गए वाहन पर सीधे लागू होने वाला नियम नहीं है। यह मुख्य रूप से उस वाहन के लिए प्रस्तावित है, जिसे पंजीकृत मालिक ने अधिकृत डीलर को सौंप दिया है और Form 29C के जरिए इसकी सूचना दी गई है। क्या है सरकार का नया प्रस्ताव?सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने Central Motor Vehicles Rules, 1989 में बदलाव का मसौदा जारी किया है। इसका उद्देश्य खासकर संगठित सेकंड-हैंड वाहन कारोबार में वाहन के एक डीलर से…
पश्चिम बंगाल का जादवपुर विश्वविद्यालय एक समय देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में गिना जाता था, लेकिन आज कैंपस से ज्ञान, शोध और अकादमिक विमर्श की बजाय ‘आजादी’ के नारे और विवादित राजनीतिक गतिविधियों की खबरें सुर्खियां बन रही हैं। यहां सवाल उस मानसिकता का है जो भारत में रहते हुए भारत से ही ‘आजादी’ की मांग करने तक पहुंच जाती है। देखा जाए तो ‘कश्मीर मांगे आजादी’ जैसे उद्घोष और माओवादी नेता किशनजी के समर्थन में लिखे नारों ने एक बेहद असहज सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर विश्वविद्यालय के भीतर किस तरह की राजनीति और किस तरह की मानसिकता को जगह दी जा रही है? ऐसे लोगों को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का रुख बिल्कुल स्पष्ट और सख्त है। उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा है कि वे इस ‘बीमारी’ को जानते हैं और इसकी ‘दवा और इलाज’ भी जानते हैं। इसे भी पढ़ें: Suvendu Adhikari…
नेपाल में ग्लेशियर ढहने से आई विनाशकारी बाढ़ ने सिर्फ हिमालय की नाजुक भौगोलिक संरचना को उजागर नहीं किया है, बल्कि भारत की सीमा से सटे तिब्बत में चीन के निर्माणाधीन 60,000 मेगावाट के मेदोग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को लेकर भी खतरे की घंटी तेज कर दी है। नेपाल में सैंकड़ों लोगों की मौत और 750 लोगों के लापता होने की खबरों के बीच अब यह सवाल और गंभीर हो गया है कि दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक हिमालय में इतना विशाल बांध आखिर कितना सुरक्षित है।हम आपको बता दें कि शुरुआत में नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई इस आपदा को 4.4 तीव्रता के भूकंप से जोड़कर देखा गया था। लेकिन अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के नए विश्लेषण ने तस्वीर बदल दी। यूएसजीएस के अनुसार, अतिरिक्त भूकंपीय आंकड़ों और उपग्रह तस्वीरों के अध्ययन से पता चला कि यह भूकंप नहीं था, बल्कि ग्लेशियर के ढहने और उसके…
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना यानी PM-JAY सरकार का हेल्थकेयर प्रोग्राम है जो हर परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज देता है, जो एम्पैनल्ड सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में होता है।आयुष्मान कार्ड क्या है?आयुष्मान कार्ड एक डिजिटल हेल्थ कार्ड है जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PMJAY) के तहत जारी किया जाता है। योग्य लाभार्थी आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल करके पूरे भारत में पैनल वाले अस्पतालों में हर परिवार को हर साल ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज का फ़ायदा उठा सकते हैं। यह कार्ड सभी योग्य लाभार्थियों के लिए सस्ती और आसानी से मिलने वाली हेल्थकेयर पक्का करता है और सेकेंडरी और टर्शियरी केयर हॉस्पिटलाइज़ेशन तक पहुँच देता है।इसे भी पढ़ें: Credit Card Closure: क्या आपने लंबे समय तक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया? तो जानिए कैसे हो सकता है आपका नुकसान?आयुष्मान कार्ड की एलिजिबिलिटीPM-JAY के लिए एलिजिबल होने के…
आये दिन होने वाले प्रदर्शनों के चलते सामान्य जनजीवन को बंधक बना देने की प्रवृति पर दिल्ली उच्च न्यायालय की टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है कि प्रदर्शनों के कारण कई बार तो जीवन मरण तक के हालात पैदा हो जाते हैं। अन्य सब कारणों और परिणामों को थोड़ी देर के लिए अलग कर भी दिया जाएं तो भी हालात यहां तक हो जाते हैं कि यातायात प्रभावित होने से तत्काल मेडिकल रिलिफ की आवश्यकता वाले बीमारों तक का जीवन संकट में पड़ जाता है। इसमें कोई दो राय नहीं कि लोकतंत्र में अपनी बात कहने, अपनी बात रखने और अपना विरोध अंकित कराने का सबको अधिकार है। केई गलत हो रहा है तो उसका विरोध भी होना चाहिए पर इसका मतलब यह तो नहीं होना चाहिए कि हम अपनी बात कहने के चक्कर में दूसरों को अपने सामान्य नागरिक अधिकारों से वंचित कर दें। विरोध प्रदर्शन के साथ ही…
वन्देमातरम आज विवाद का विषय बना दिया है। जबकि यह सत्य है कि जब बंकिम बाबू ने इसकी रचना की थी, तब उनके मन में किसी के मन को आहत करने का कोई विचार नहीं था। उनका भाव केवल मातृभूमि के वंदन का था। देश में वन्देमातरम के अंतिम दो भाग का पहली बार विरोध विभाजन की मानसिकता रखने वाले मोहम्मद अली जिन्ना ने किया। आज उसी मार्ग पर कांग्रेस कदम बढ़ाती दिख रही है। यह बात सही है कि देश का सम्मान करने वाली किसी भी बात पर राजनीति नहीं होना चाहिए, लेकिन केवल वोट की चाहत के चलते ऐसा करना और भी खतरनाक हो जाता है।वन्दे मातरम् भारत की स्वतंत्रता चेतना, मातृभूमि के प्रति समर्पण और राष्ट्रीय स्वाभिमान का ऐसा उद्घोष है, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में असंख्य भारतीयों के भीतर देशभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित की। यही कारण है कि आज जब वन्दे मातरम् के पूर्ण या…
भले ही देश की तमाम राजनीतिक पार्टियां आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए अपनी-अपनी बिसात बिछाने में जुटी हों, लेकिन भारतीय राजनीति की इस शतरंज पर जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक और बड़ा ‘मास्टरस्ट्रोक’ चलने की संभावना जोर पकड़ रही है। हम आपको बता दें कि ‘एक देश, एक चुनाव’ का विचार अब महज बहस या चुनावी नारा नहीं रह गया है, भारत इसके क्रियान्वयन से कुछ ही कदम दूर दिखाई दे रहा है। एक ओर भाजपा देशभर में विभिन्न सामाजिक और पेशेवर वर्गों के बीच इस विचार के समर्थन में अभियान चलाकर जनमत तैयार करने में जुटी है, वहीं इस मुद्दे पर विचार कर रही संयुक्त संसदीय समिति भी राज्यों, विधायिकाओं, शिक्षाविदों, कानूनी विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से व्यापक चर्चा के बाद अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के चरण में पहुंच रही है। ऐसे में सियासी हलकों में यह सवाल तेजी से उठ रहा…
Supporting Student Journalist.
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