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साउथ वेस्ट दिल्ली के सत्य निकेतन के पास रविवार दोपहर एक 5 मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, एनडीआरएफ, एमसीडी और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर…
इंदौर (मप्र), छह सितंबर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सतीश कुमार ने रविवार को कहा कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को अधिकतम 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से परिचालित करने…
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के मोती बाग इलाके में सत्य निकेतन के पास रविवार दोपहर एक 5 मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। बताया जा रहा है कि इस इमारत में छात्रों के लिए हॉस्टल और पीजी संचालित…
रांची, छह सितंबर झारखंड सरकार ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता और मंत्री सुदिव्य कुमार के सम्मान में…
महाराष्ट्र के नासिक में आदिवासी छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। सरकारी सहायता प्राप्त आश्रम स्कूलों की खराब स्थिति,…
दिल्ली, नोएडा और आसपास के एनसीआर इलाकों में रविवार को भी बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने दिल्ली…
मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा में शनिवार रात एक दर्दनाक घटना सामने आई। यहां संदिग्ध जहरीली शराब पीने…
तिरुवनंतपुरम, छह सितंबर समस्त केरल जमीयतुल उलेमा के ईके सुन्नी गुट के मुखपत्र ‘सुप्रभातम’ ने एपी सुन्नी गुट के प्रमुख…
चेन्नई, छह सितंबर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने रविवार को ‘पुलिस दिवस’ के अवसर पर पुलिस बल को…
तिरुवनंतपुरम, छह सितंबर केरलम राज्य मानवाधिकार आयोग ने रविवार को त्रिशूर जिले में हुई उस सड़क दुर्घटना के कारणों की…
नयी दिल्ली, छह सितंबर साल के नौवें महीने का छठा दिन देश के इतिहास में सेना के शौर्य की याद…
हैदराबाद, छह सितंबर तेलंगाना विधानसभा का सोमवार से शुरू हो रहा मानसून सत्र हंगामेदार रहने की संभावना है। सत्तारूढ़ कांग्रेस…
मुजफ्फरनगर (उप्र), छह सितंबर मुजफ्फरनगर जिले की पुलिस ने 15 वर्षीय एक लड़की का कथित तौर पर अपहरण कर उससे…
रांची, छह सितंबर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता और राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा नगर विकास…
रांची, छह सितंबर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता और राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा नगर विकास…
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विश्वभर में लगभग सभी महापुरूषों ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माता की संज्ञा दी है। गुरू रूपी इन्हीं शिक्षकों को सम्मान देने के लिए प्रतिवर्ष 5 सितम्बर…
टीवी का सबसे कॉन्ट्रोवर्शियल रियलिटी शो बिग बॉस के सीजने 20वें का आगाज होने जा रहा है। आज यानी 6 सितंबर, रविवार को रात 9 बजे JioHotstar पर शुरु होगा। दरअसल, साल 2006 से शुरु हुआ था ‘बिग बॉस’ का पहला सीजन। तब से लेकर आज भी यह सोच लोगों के दिलों-दिमाग में बसा हुआ है।अभी तक 19 सीजन पूरे हो चुके हैं। 20वां सीजन आज से शुरु होने जा रहा है। वहीं, होस्ट के तौर पर भाईजान सलमान खान नजर आएंगे। आइए आपको इस लेख में बताते हैं अब तक के सभी सीजन के विजेताओं के बारे में-अब तक कौन-कौन रहे बिग बॉस के विजेता?बिग बॉस सीजन 1पहले सीजन के विनर ‘आशिकी’ फेम एक्टर राहुल रॉय रहे हैं। इस शो को जीतने के लिए उन्हें एक करोड़ रुपये प्राइज मनी मिली थी। राहुल ने कैरोल ग्रेशियास और रवि किशन को हराकर ट्रॉफी जीती थी। वैसे यह सीजन अरशद वारसी…
आजकल सोलो ट्रिप का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है। लोगो घूमने के लिए कहीं न कहीं पहुंच ही…
एआई को लेकर लंबे समय से डर जताया जा रहा था कि यह तकनीक लाखों इंसानों की नौकरियां छीनकर उन्हें बेरोजगार बना देगी। हालांकि हालिया आंकड़े इस डर को पूरी तरह खारिज करते दिख रहे हैं। अमेरिका में 4 सितंबर को जारी ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स की रिपोर्ट के अनुसार अगस्त में 1,62,000 नई नौकरियां पैदा हुईं। ये अर्थशास्त्रियों के अनुमान से करीब 3 गुना ज्यादा हैं। अमेरिका में कुल बेरोजगारी दर गिरकर 4.1 फीसदी पर बनी हुई है। ये पिछले 50 वर्षों के लगभग 90 फीसदी महीनों की तुलना में सबसे कम है। जिन युवा श्रमिकों को एआई का…
नयी दिल्ली, छह सितंबर ई-कॉमर्स और त्वरित वाणिज्यक यानी फटाफट सामान पहुंचाने वाले मंच त्योहारी मौसम के लिए…
नयी दिल्ली, छह सितंबर भारतीय प्राथमिक बाजार में अगले कुछ दिन में एक बार फिर जोरदार हलचल देखने को मिलेगी।…
(कुमार दीपांकर) नयी दिल्ली, छह सितंबर (भाषा)सार्वजनिक क्षेत्र का भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) चालू वित्त वर्ष में करीब 11,000 से…
देश में रसोई गैस की कीमतों को लेकर चर्चा के बीच केंद्र सरकार ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में…
पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर और अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा…
उत्तर प्रदेश की राजनीति को भारतीय लोकतंत्र का हृदयस्थल माना जाता है। दिल्ली की गद्दी का रास्ता लखनऊ के गलियारों से होकर गुजरता है, यही कारण है कि देश के इस सबसे बड़े सूबे में होने वाली हर छोटी-बड़ी राजनीतिक हलचल का असर राष्ट्रीय फलक पर साफ दिखाई देता है। वर्ष 2026 की समाप्ति के करीब आते ही और 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट के साथ उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच शह-मात का खेल पूरी तरह से शुरू हो चुका है। लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों ने सूबे की राजनीतिक जमीन को जो नई शक्ल दी थी, उसके बाद हर दल अपनी रणनीतियों को धार देने में जुटा है। एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लगातार तीसरी बार उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज होकर इतिहास रचने की कवायद में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी अपने ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले के सहारे दस…
उत्तरप्रदेश की आध्यात्मिक राजधानी अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण भारतीय राजनीति के सबसे लंबे और निर्णायक अध्यायों में से एक रहा है। इस मंदिर आंदोलन ने भारतीय राजनीति की दिशा बदली, भाजपा को राष्ट्रीय सत्ता के केंद्र तक पहुंचाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई और अंततः 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ आंदोलन का सबसे बड़ा प्रतीकात्मक लक्ष्य पूरा हुआ।लेकिन इतिहास का दिलचस्प मोड़ यह है कि मंदिर बनने के बाद असली प्रशासनिक चुनौती शुरू हुई है, जिसके दृष्टिगत 2 सितंबर 2026 को “श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट” ने सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र कुमार मिश्र को अपना पहला पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया। इसलिए मिश्र की नियुक्ति के पीछे छिपे महत्वपूर्ण प्रशासनिक व सियासी संदेश को समझना होगा।इसे भी पढ़ें: Operation Sindoor से अयोध्या तक: कौन है राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा, क्या होगी जिम्मेदारीमसलन, लगभग 5,585 आवेदनों में से बहुस्तरीय चयन…
पुरानी कार या बाइक खरीदने के बाद RC (Registration Certificate) अपने नाम ट्रांसफर कराना बेहद जरूरी है। अब केंद्र सरकार ने वाहन के मालिकाना हक के ट्रांसफर और अधिकृत डीलरों के जरिए पुराने वाहनों की बिक्री को लेकर नए नियमों का मसौदा पेश किया है। इसमें छह महीने की समय सीमा का प्रावधान चर्चा में है। हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि छह महीने बाद मालिकाना हक बदलने का प्रस्ताव आम व्यक्ति द्वारा खरीदे गए वाहन पर सीधे लागू होने वाला नियम नहीं है। यह मुख्य रूप से उस वाहन के लिए प्रस्तावित है, जिसे पंजीकृत मालिक ने अधिकृत डीलर को सौंप दिया है और Form 29C के जरिए इसकी सूचना दी गई है। क्या है सरकार का नया प्रस्ताव?सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने Central Motor Vehicles Rules, 1989 में बदलाव का मसौदा जारी किया है। इसका उद्देश्य खासकर संगठित सेकंड-हैंड वाहन कारोबार में वाहन के एक डीलर से…
पश्चिम बंगाल का जादवपुर विश्वविद्यालय एक समय देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में गिना जाता था, लेकिन आज कैंपस से ज्ञान, शोध और अकादमिक विमर्श की बजाय ‘आजादी’ के नारे और विवादित राजनीतिक गतिविधियों की खबरें सुर्खियां बन रही हैं। यहां सवाल उस मानसिकता का है जो भारत में रहते हुए भारत से ही ‘आजादी’ की मांग करने तक पहुंच जाती है। देखा जाए तो ‘कश्मीर मांगे आजादी’ जैसे उद्घोष और माओवादी नेता किशनजी के समर्थन में लिखे नारों ने एक बेहद असहज सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर विश्वविद्यालय के भीतर किस तरह की राजनीति और किस तरह की मानसिकता को जगह दी जा रही है? ऐसे लोगों को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का रुख बिल्कुल स्पष्ट और सख्त है। उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा है कि वे इस ‘बीमारी’ को जानते हैं और इसकी ‘दवा और इलाज’ भी जानते हैं। इसे भी पढ़ें: Suvendu Adhikari…
नेपाल में ग्लेशियर ढहने से आई विनाशकारी बाढ़ ने सिर्फ हिमालय की नाजुक भौगोलिक संरचना को उजागर नहीं किया है, बल्कि भारत की सीमा से सटे तिब्बत में चीन के निर्माणाधीन 60,000 मेगावाट के मेदोग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को लेकर भी खतरे की घंटी तेज कर दी है। नेपाल में सैंकड़ों लोगों की मौत और 750 लोगों के लापता होने की खबरों के बीच अब यह सवाल और गंभीर हो गया है कि दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक हिमालय में इतना विशाल बांध आखिर कितना सुरक्षित है।हम आपको बता दें कि शुरुआत में नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई इस आपदा को 4.4 तीव्रता के भूकंप से जोड़कर देखा गया था। लेकिन अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के नए विश्लेषण ने तस्वीर बदल दी। यूएसजीएस के अनुसार, अतिरिक्त भूकंपीय आंकड़ों और उपग्रह तस्वीरों के अध्ययन से पता चला कि यह भूकंप नहीं था, बल्कि ग्लेशियर के ढहने और उसके…
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना यानी PM-JAY सरकार का हेल्थकेयर प्रोग्राम है जो हर परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज देता है, जो एम्पैनल्ड सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में होता है।आयुष्मान कार्ड क्या है?आयुष्मान कार्ड एक डिजिटल हेल्थ कार्ड है जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PMJAY) के तहत जारी किया जाता है। योग्य लाभार्थी आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल करके पूरे भारत में पैनल वाले अस्पतालों में हर परिवार को हर साल ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज का फ़ायदा उठा सकते हैं। यह कार्ड सभी योग्य लाभार्थियों के लिए सस्ती और आसानी से मिलने वाली हेल्थकेयर पक्का करता है और सेकेंडरी और टर्शियरी केयर हॉस्पिटलाइज़ेशन तक पहुँच देता है।इसे भी पढ़ें: Credit Card Closure: क्या आपने लंबे समय तक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया? तो जानिए कैसे हो सकता है आपका नुकसान?आयुष्मान कार्ड की एलिजिबिलिटीPM-JAY के लिए एलिजिबल होने के…
आये दिन होने वाले प्रदर्शनों के चलते सामान्य जनजीवन को बंधक बना देने की प्रवृति पर दिल्ली उच्च न्यायालय की टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है कि प्रदर्शनों के कारण कई बार तो जीवन मरण तक के हालात पैदा हो जाते हैं। अन्य सब कारणों और परिणामों को थोड़ी देर के लिए अलग कर भी दिया जाएं तो भी हालात यहां तक हो जाते हैं कि यातायात प्रभावित होने से तत्काल मेडिकल रिलिफ की आवश्यकता वाले बीमारों तक का जीवन संकट में पड़ जाता है। इसमें कोई दो राय नहीं कि लोकतंत्र में अपनी बात कहने, अपनी बात रखने और अपना विरोध अंकित कराने का सबको अधिकार है। केई गलत हो रहा है तो उसका विरोध भी होना चाहिए पर इसका मतलब यह तो नहीं होना चाहिए कि हम अपनी बात कहने के चक्कर में दूसरों को अपने सामान्य नागरिक अधिकारों से वंचित कर दें। विरोध प्रदर्शन के साथ ही…
वन्देमातरम आज विवाद का विषय बना दिया है। जबकि यह सत्य है कि जब बंकिम बाबू ने इसकी रचना की थी, तब उनके मन में किसी के मन को आहत करने का कोई विचार नहीं था। उनका भाव केवल मातृभूमि के वंदन का था। देश में वन्देमातरम के अंतिम दो भाग का पहली बार विरोध विभाजन की मानसिकता रखने वाले मोहम्मद अली जिन्ना ने किया। आज उसी मार्ग पर कांग्रेस कदम बढ़ाती दिख रही है। यह बात सही है कि देश का सम्मान करने वाली किसी भी बात पर राजनीति नहीं होना चाहिए, लेकिन केवल वोट की चाहत के चलते ऐसा करना और भी खतरनाक हो जाता है।वन्दे मातरम् भारत की स्वतंत्रता चेतना, मातृभूमि के प्रति समर्पण और राष्ट्रीय स्वाभिमान का ऐसा उद्घोष है, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में असंख्य भारतीयों के भीतर देशभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित की। यही कारण है कि आज जब वन्दे मातरम् के पूर्ण या…
भले ही देश की तमाम राजनीतिक पार्टियां आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए अपनी-अपनी बिसात बिछाने में जुटी हों, लेकिन भारतीय राजनीति की इस शतरंज पर जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक और बड़ा ‘मास्टरस्ट्रोक’ चलने की संभावना जोर पकड़ रही है। हम आपको बता दें कि ‘एक देश, एक चुनाव’ का विचार अब महज बहस या चुनावी नारा नहीं रह गया है, भारत इसके क्रियान्वयन से कुछ ही कदम दूर दिखाई दे रहा है। एक ओर भाजपा देशभर में विभिन्न सामाजिक और पेशेवर वर्गों के बीच इस विचार के समर्थन में अभियान चलाकर जनमत तैयार करने में जुटी है, वहीं इस मुद्दे पर विचार कर रही संयुक्त संसदीय समिति भी राज्यों, विधायिकाओं, शिक्षाविदों, कानूनी विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से व्यापक चर्चा के बाद अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के चरण में पहुंच रही है। ऐसे में सियासी हलकों में यह सवाल तेजी से उठ रहा…
नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन स्थल “जंतर-मंतर” (वोट क्लब के बाद) पर 21 अगस्त 2026 को हुआ ‘आरक्षण हटाओ’ आंदोलन वास्तव में आरक्षण सुधार मुहिम बनकर रह गया। हालांकि इसके सामाजिक मिजाज और जनहितकारी तेवरों ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह घटनाक्रम भारतीय राजनीति के लिए महज एक और धरना नहीं है, बल्कि यह उस असंतोष की राजनीतिक अभिव्यक्ति है जो सरकारी नौकरियों, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा में अवसरों को लेकर सामान्य वर्ग के एक प्रतिभाशाली हिस्से, खासकर जेन-जी युवाओं में दिखाई दे रहा है। साथ ही प्रौढ़ और बुजुर्ग समाजसेवियों का समर्थन भी उन्हें प्राप्त है। इसलिए जंतर-मंतर की सियासी झाड़फूंक पर गौर फरमाना आवश्यक है, क्योंकि संविधान, राजनीति और सामाजिक न्याय की असली परीक्षा यहीं से शुरू होती है जो कब खत्म होगी, शायद नेताओं को भी नहीं पता, क्योंकि दो नावों की सवारी करने में वे माहिर जो होते हैं। कहना न होगा कि जिस तरह…
Supporting Student Journalist.
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