उत्तर प्रदेश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच जुबानी जंग चरम पर पहुंच गई है। भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े द्वारा सपा के ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को ‘पराया धन अपना’ बताए जाने पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने करारा हमला बोला है। बिधूना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि “पराया धन कैसे अपना बनाया जाता है, यह भाजपा से बेहतर कोई नहीं जानता। ये सभी पराये धन वाले लोग हैं, जो भाजपा में भरे पड़े हैं।” विनोद तावड़े पर तंज कसते हुए सपा प्रमुख ने कहा, “प्रभारी जी आए हैं, अच्छी बात है। ‘पी’ से प्रभारी भी होता है और ‘पी’ से ‘पी.ए.जी.ए.एल.’ भी होता है।”
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अखिलेश यादव ने यहां बिधूना में पत्रकारों से कहा, ‘‘पराया धन ही अपना नहीं है, वे पार्टी का धन भी अपना बनाना जानते हैं। पराया धन कैसे अपना बनाया जाता है, यह भाजपा से बेहतर कौन जानता है। ये सभी पराये धन वाले लोग हैं, जो भाजपा में हैं।’’ भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने शनिवार को सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर निशाना साधते हुए कहा था कि सपा के पीडीए का मतलब ‘‘पराया, धन, अपना’’ है।
उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाए जाने के बाद पहली बार प्रदेश पहुंचे तावड़े ने पत्रकारों से बातचीत में यह टिप्पणी की थी।
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सपा मुख्यालय से जारी एक बयान के मुताबिक तावड़े को लेकर एक सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा, ‘‘खबर चल रही है कि कई राजनीतिक दल जिनका कोई लेना-देना नहीं है, उनके खाते में कई सौ करोड़ रुपया आया है। सब पराया धन वाले लोग है।’’
यादव ने कहा, ‘‘समाजवादी पार्टी और हमारा जो गठबंधन पहले से है, वह सरकार बनाने जा रहा है। इसीलिए भाजपा वाले अपना सामान समेटने और लूटने में लग गए हैं।’’
उन्होंने प्रदेश सरकार पर हमला करते हुए कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया, जयप्रकाश नारायण और नेताजी (मुलायम सिंह यादव) ने समाजवादी समाज और समाजवादी विचारधारा को मजबूत करने के लिए काम किया लेकिन प्रदेश सरकार ने जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) को बेच दिया।
अखिलेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘‘संत से बड़ा सच बोलने वाला कोई नहीं होता, लेकिन हमारे संत थोड़े अलग हैं, वह झूठ के अलावा कुछ नहीं बोलते।’’
उन्होंने सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद गिराए जाने के मामले पर सरकार की आलोचना करते हुए कहा, ‘‘जब नौकरी नहीं दे पा रहे हैं और महंगाई नहीं रोक पा रहे हैं, इसलिए इन्होंने सहारनपुर में मस्जिद गिराने का काम किया। इसमें शामिल लोगों को कानून सजा देगा।’’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमारा समाज तब मजबूत होगा, जब हम दूसरे धर्मों का सम्मान करेंगे। एक सच्चा सनातनी और सच्चा हिंदू कभी दूसरे का अपमान नहीं कर सकता।’’
सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद को शनिवार तड़के प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया था।
सहारनपुर के पुलिस उपमहानिरीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया था कि सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा इसे अवैध घोषित किए जाने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की।
सपा प्रमुख ने सवाल उठाते हुए कहा अगर किसी को दूसरी अदालत में जाने का मौका नहीं देंगे और 12 घंटे में कार्रवाई कर देंगे तो न्याय कैसे मिलेगा?
उन्होंने कहा कि सहारनपुर में मस्जिद गिराने की क्या जल्दी थी, अगर मस्जिद के पक्षकार न्याय के लिए उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय चले जाते तो क्या दिक्कत हो जाती? प्रशासन द्वारा मस्जिद गिराने से लोग दुःखी है, चुप हैं और यही सब लोग मिलकर सांप्रदायिक भाजपा को हटाने का काम करेंगे।
यादव ने कहा कि भाजपा का जब गठन हुआ था तो भाजपा ने खुद को सेकुलर दिखाने के लिए पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष का प्रस्तावक मुस्लिम को बनाया था। सबसे ज्यादा चंदा मुस्लिम लोगों से लिया था।
अखिलेश ने अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े सवाल पर कहा, ‘‘जो राम हैं, वही कृष्ण हैं और जो कृष्ण हैं, वही राम हैं। जब भगवान श्रीराम के मंदिर में चोरी हुई तो बाबा साहब भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए कानून का सहारा लेना पड़ रहा है।’’
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार संविधान और कानून से नहीं चल रही है, पूरी तरह से नाकाम है।
यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा निम्नतम स्तर पर पहुंच कर एआई का खेल खेल रही है। भाजपा अगर ऐसा करेगी तो समाजवादी पार्टी एआई के माध्यम से उनका इलाज कर देगी।
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