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भारत और इजराइल के रिश्ते लगातार मजबूत होते नजर आ रहे हैं। इसी बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में इजराइल…
दिल्ली के दक्षिणी इलाके हौज खास में बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में देश के वरिष्ठ पूर्व प्रशासनिक अधिकारी धनेंद्र कुमार की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि उनके घर में अचानक…
चीन और उसके झगड़े कभी खत्म नहीं होंगे और यही वजह है कि दक्षिण चीन सागर में लगातार तनाव का नया मोर्चा खुलता चला जा रहा है। चीन और पश्चिमी देशों के बीच समुद्री अधिकारों को…
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि पंजाब सरकार के बाद दिल्ली सरकार ने…
पुणे जिले में पिछले 48 घंटों में मेथनॉल मिले शराब के सेवन से 18 लोगों की मौत के बाद पुलिस…
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार, 29 मई को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग…
कूच बिहार जिले के तीन निवासियों ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए अपनी जमीन का एक हिस्सा दान…
सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को फटकार लगाते हुए पूछा कि…
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को मध्य दिल्ली में ऑटो रिक्शा चालकों से मुलाकात की और उनके साथ दोपहर…
केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने शुक्रवार को संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार के नीतिगत भाषण के दौरान राज्य…
मध्य प्रदेश के भोपाल की एक स्थानीय अदालत ने शुक्रवार को ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह और उनके पति…
एक उपभोक्ता अदालत ने भारतीय रेलवे को यात्रियों को आरक्षित बर्थ उपलब्ध न कराने के लिए जिम्मेदार ठहराया है। भोजपुर…
सुप्रीम कोर्ट ने 29 मई को इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें…
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के असम प्रमुख अभिजीत मजूमदार ने शुक्रवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि…
सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि कर्नाटक के निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्य में चल रहे नेतृत्व परिवर्तन के बीच…
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किसानों के हितों की रक्षा और देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाए रखना मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का…
भारतीय पौराणिक कथाओं को नए अंदाज में पेश करने वाली किताबों की दुनिया में सत्यम श्रीवास्तव की ‘द फॉलन गॉड’ तेजी से चर्चा बटोर रही है। यह किताब उनकी ‘देव-असुर कथा ट्रिलॉजी’ का दूसरा पार्ट है, जो पहली किताब ‘द वील्डर ऑफ द त्रिशूल’ की कहानी को आगे बढ़ाती है। हालांकि यह सिर्फ अगला अध्याय नहीं है, बल्कि एक ऐसे विशाल फैंटेसी संसार का विस्तार है, जहां सत्ता, युद्ध और आस्था लगातार टकराते नजर आते हैं। कहानी ध्रुव-लोक नाम की एक काल्पनिक दुनिया में आधारित है, जहां पौराणिक तत्वों को पारंपरिक धार्मिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि राजनीति और संघर्ष के नजरिए से दिखाया गया है। यहां राज्य टूटते हैं, गठबंधन बदलते हैं और दिव्य अस्त्र सिर्फ पूजा की वस्तु नहीं, बल्कि शक्ति और विनाश के प्रतीक बन जाते हैं। यही कारण है कि किताब की दुनिया लगातार अस्थिर और रहस्यमयी बनी रहती है। इस कहानी का मुख्य किरदार लक्ष्य है, जो शुरुआत…
राजस्थान की सबसे मशहूर और आलीशान ट्रेन ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ ने एक नया इतिहास रच दिया है। अपने…
देश का सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी है और हर कोई IAS, IPS बनने का सपना देखता है। यूपीएससी सिविल सेवा में सेलेक्शन होने का सपना सभी लोग देखते हैं, लेकिन हर किसी के लिए आसान नहीं है। हर वर्ष लांखों एस्पिरेंट्स फॉर्म भरते हैं, सेलेक्शन बेहद कम लोगों का हो पता है। पेपर लेवल कुछ वर्षों से ओर भी कठिन हो गया है। अब तो पैटर्न बदलकर प्रश्न पूछें जाते हैं। बेकार नहीं होगी यूपीएससी परीक्षा की तैयारीगौरतलब है कि यूपीएसी की तैयारी में लोग कई साल लगा देते है। हर एक अटेंम्प्ट के साथ लगता है कि इस बार हो…
देश में नकदी की बढ़ती मांग के बीच भारतीय रिजर्व बैंक एक बार फिर प्लास्टिक आधारित मुद्रा नोटों…
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका में व्यापार जगत के दिग्गजों के साथ बातचीत के दौरान द्विपक्षीय व्यापार…
गर्मियों की छुट्टियों में हवाई सफर करने की योजना बना रहे यात्रियों के लिए एक मायूस करने वाली खबर है।…
ANIइलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजार को बताया कि मस्क को पहले टेस्ला को सशर्त शेयर…
भारत भर के केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी 8वें वेतन आयोग से संबंधित घटनाक्रमों का बेसब्री से इंतज़ार कर…
क्या आप जानते हैं कि हर साल 40% से ज़्यादा EPF बेनिफिट्स इसलिए बिना क्लेम के रह जाते हैं क्योंकि मेंबर्स ने सही नॉमिनेशन फाइल नहीं किया था? एक EPF मेंबर के तौर पर यह पक्का करना कि आपकी मेहनत की कमाई आपकी गैरमौजूदगी में आपके अपनों तक पहुंचे, सिर्फ़ एक ज़िम्मेदार फाइनेंशियल प्लानिंग ही नहीं है बल्कि यह आपके परिवार के भविष्य के लिए ज़रूरी सुरक्षा भी है। EPFO यूनिफाइड पोर्टल पर ई-नॉमिनेशन की शुरुआत ने इस प्रोसेस में बड़ा बदलाव किया है, फिर भी कई मेंबर्स अभी भी इस ज़रूरी काम को सही तरीके से पूरा करने में मुश्किल महसूस करते हैं। एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइज़ेशन (EPFO) मेंबर्स को अपने EPF अकाउंट के लिए परिवार के सदस्यों को नॉमिनेट करने की सुविधा देता है ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में फंड ट्रांसफर आसानी से हो सके। बाद में होने वाली दिक्कतों से बचने के लिए नॉमिनी की डिटेल्स…
यदि आपने समय से पहले ही कर्ज यानी लोन चुका दिया, जिसे “लोन फोरक्लोजर/प्री-क्लोजर” कहा जाता है और उसके बाद भी आपका सिबिल स्कोर गिर गया हो, तो यह प्रथम दृष्टया यानी पहली नजर में भले ही अजीब सा लगता है। लेकिन क्रेडिट स्कोरिंग सिस्टम ऐसा होने के पीछे कई तकनीकी पहलुओं पर काम करता है। इसलिए कई बार “जल्दी कर्ज चुकाना” भी अस्थायी रूप से आपके स्कोर घटा देता है। कहा भी जाता है कि कोई भी कार्य न तो समय से पहले करना चाहिए और न ही समय के बाद, बल्कि उसे उचित समय पर ही करना चाहिए। खासकर कर्ज जैसे वित्तीय लेन-देन के मामले में। अब आइए समझते हैं कि आखिर सिबिल स्कोर क्यों गिर जाता है?इसे भी पढ़ें: पीएम मुद्रा योजना में किस कैटेगरी में कितना लोन मिलता है?पहला, पुराना लोन एकाउंट बंद हो जाता है: जब आप लोन फोरक्लोज करते हैं, तो वह अकाउंट “बंद” दिखने…
कर्नाटक में कांग्रेस इस समय एक गहरे राजनीतिक धर्मसंकट में दिखाई दे रही थी, लेकिन मुख्यमंत्री बदलकर उसने इसका भी तोड़ निकाल लिया है। जिस तरह से आलाकमान के निर्देश पर सिद्धारमैया की जगह डी के शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया है, वह दूरदर्शिता का परिचायक है। लेकिन सवाल है कि क्या मुख्यमंत्री बदलने से समस्या का स्थायी हल निकल चुका है? या फिर कोई और नई समस्या पनपेगी! कांग्रेस का अतीत इसी बात की चुगली करता है।चूंकि कांग्रेस के लिए जहां एक ओर सत्ता संतुलन मायने रखता है, तो वहीं दूसरी ओर एक स्थिर और टिकाऊ सरकार की चुनौती उसके समक्ष मौजूद है, जो चुनावी मुद्दा भी 2028 के विधानसभा चुनाव में बनेगा। और इसी बीच मुख्यमंत्री बदलने की लगातार चल रही चर्चाओं को सही साबित करके और अपना नया मुख्यमंत्री घोषित करके उसने कर्नाटक के राजनीतिक तापमान बढ़ा चुकी है।सवाल यह है कि क्या नेतृत्व परिवर्तन…
प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) नीदरलैंड, स्वीडन, नार्वे और इटली की छह दिवसीय यात्रा संपन्न हो चुकी है। पश्चिमी एशिया संकट सहित दुनियाभर में चल रही उथल -पुथल तथा चीन की विस्तारवादी नीतियों के दृष्टिगत प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा इन देशों से द्विपक्षीय संबंध सुधारने की दिशा में एक अहम पड़ाव बनी। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान उन्हें स्वीडन तथा नार्वे जैसे देशों ने अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान देकर सम्मानित किया। नार्वे की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-नार्डिक देशों के शिखर सम्मेलन में भी भाग लिया। प्रधानमंत्री की पांच देशों की यात्रा के दौरान कुल 57 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के व्यापक कूटनीतिक, आर्थिक और सामरिक निहितार्थ हैं। इन यात्राओं का एक परोक्ष संदेश यह भी है अब भारत दुनिया के ताकतवर देशों की कूटनीति की छत्रछाया से बाहर निकल कर अपनी स्वतंत्र नीति…
वर्ष 2026 की गर्मी केवल एक मौसमीय घटना नहीं, बल्कि मानव सभ्यता के सामने खड़ी एक गंभीर चेतावनी बनकर सामने आई है। अप्रैल-मई के दौरान भारत सहित दक्षिण एशिया के अनेक हिस्सों में पड़ी रिकॉर्ड हीटवेव ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जलवायु परिवर्तन अब भविष्य का संकट नहीं, वर्तमान की भयावह वास्तविकता है। दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और मध्य भारत के अनेक क्षेत्रों में तापमान 46 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कई शहरों में बिजली की मांग ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। सड़कें सूनी दिखने लगीं, श्रमिकों का श्रम ठहरने लगा और बच्चों, बुजुर्गों तथा गरीब तबकों के सामने जीवन बचाने की चुनौती खड़ी हो गई। यह संकट अचानक नहीं आया। यह दशकों से प्रकृति के साथ किए गए असंतुलित व्यवहार, अंधाधुंध शहरीकरण, जंगलों की कटाई, संसाधनों के दोहन और सुविधावादी जीवनशैली का परिणाम है। प्रकृति ने बार-बार संकेत दिए, लेकिन विकास की अंधी दौड़ में…
आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने एक बार फिर बसपा प्रमुख मायावती के करीब जाने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। चूंकि कांग्रेस इस समय समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में है, इसलिए उसके शीर्ष नेता खुलकर मायावती से संपर्क नहीं कर सकते थे। ऐसे में कांग्रेस से जुड़े कुछ दलित नेताओं के माध्यम से मायावती तक पहुंचने की कोशिश की गई, लेकिन मायावती ने इस प्रयास को पूरी तरह विफल कर दिया। लखनऊ स्थित अपने आवास पर पहुंचे कांग्रेस नेताओं को उन्होंने मिलने का समय तक नहीं दिया। इस घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए संकेत दे दिए हैं।दरअसल मंगलवार शाम कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम और कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया मायावती से मिलने उनके आवास पहुंच गए। बताया गया कि उनके साथ कुछ अन्य दलित नेता भी थे। हालांकि उन्हें मायावती से मिलने का समय…
बंगाल में 69 वर्षों के अथक संघर्ष के बाद बनी शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार अपने चुनावी संकल्प पत्र के अनुरूप काम पर लग गई है। सत्ता परिवर्तन होते ही सभी धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर बंद करवाए गए। अवैध बूचड़खानों पर बुलडोजर एक्शन के आदेश जारी हुए। सभी विद्यालयों में अब सम्पूर्ण वंदेमातरम का गायन अनिवार्य कर दिया गया है। सड़कों पर नमाज व अन्य धार्मिक गतिविघियों पर पाबंदी लगा दी गई है। सीमा पर फेंसिंग के लिए सीमा सुरक्षा बल को जगह दे दी गई है और सम्पूर्ण भूमिहस्तांतरण निर्णय के 45 दिन में पूरा हो जाएगा। चिकन नेक क्षेत्र केंद्र को सौंप दिया गया है। धार्मिक आधार पर चलने वाली योजनाएं जैसे इमामों को वेतन बंद कर दिया गया है। आर.जी.कर केस की फाइल दोबारा खुलने के आदेश हो गए हैं। आयुष्मान भारत जैसी केंद्रीय जन कल्याण योजनाएं अब बंगाल पहुँच रही हैं।शुभेंदु सरकार की गति…
भारत के सर्वोच्च न्यायालय के 53वें मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के क्रम में याचिकाकर्ता की अपरिपक्व भाषा और समकालीन “सिस्टम पर हमले की प्रवृत्ति” पर एक तल्ख टिप्पणी की और परजीवी तक कह डाला। लिहाजा इसको भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। हालांकि, यह टिप्पणी केवल न्यायपालिका तक सीमित नहीं है, बल्कि संसद, चुनाव आयोग, मीडिया, नौकरशाही और संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार बढ़ते अविश्वास, राजनीतिक ध्रुवीकरण और सोशल मीडिया आधारित आक्रामक विमर्श की ओर संकेत करती है। इसलिए इसके अहम सियासी और प्रशासनिक मायने हैं और संविधान का संरक्षक होने के नाते सर्वोच्च न्यायालय भी अपने नैतिक दायित्व से सिर्फ छिछली टिप्पणी करके बच नहीं सकता, क्योंकि उसे हासिल स्वतः संज्ञान का अधिकार भी गरीबों की भलाई में एक हदतक निरर्थक प्रतीत होता आया है। बावजूद इसके सीजेआई की टिप्पणी कई मायनों में जायज मानी जा सकती है, क्योंकि आज भारत…
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) जैसी स्कीम की वजह से भारत में छोटा बिज़नेस शुरू करना बहुत आसान हो गया है। चाहे आप छोटी दुकान खोलना चाहते हों, डेयरी फार्म चलाना चाहते हों, टेलरिंग यूनिट शुरू करना चाहते हों या अपने मौजूदा बिज़नेस को बढ़ाना चाहते हों, आप बिना किसी कोलैटरल के ₹20 लाख तक का लोन ले सकते हैं। केंद्र सरकार ने यह स्कीम 8 अप्रैल 2015 को शुरू की थी ताकि यह पक्का किया जा सके कि छोटे एंटरप्रेन्योर, खासकर महिलाओं और पहली बार बिज़नेस शुरू करने वालों को साहूकारों पर निर्भर न रहना पड़े। अकेले पहली बार एंटरप्रेन्योर्स को 12.15 करोड़ से ज़्यादा लोन देने के साथ PM मुद्रा लोन स्कीम भारत सरकार की एक सफल फ्लैगशिप स्कीम साबित हुई है।प्रधानमंत्री मुद्रा योजना क्या है?प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) 8 अप्रैल 2015 को शुरू की गई थी। यह स्कीम नॉन-कॉर्पोरेट, नॉन-फार्म माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज को फाइनेंशियल मदद देती…
बांग्लादेश में नई सरकार आने के बाद लगा था कि मुहम्मद युनूस वाली गलतियां नहीं दोहराई जाएंगी और चीन तथा पाकिस्तान के खेमे में जाने की बजाय ढाका का झुकाव भारत की ओर ही रहेगा लेकिन ऐसा होता दिख नहीं रहा है। हम आपको बता दें कि ताजा घटनाक्रम के तहत बांग्लादेश ने अपने नौकरशाहों के प्रशिक्षण के लिए भारत के मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी की बजाय पाकिस्तान के लाहौर स्थित सिविल सर्विसेज अकादमी को चुना है। यह कदम दक्षिण एशिया की बदलती कूटनीतिक राजनीति और बांग्लादेश की नई विदेश नीति का संकेत माना जा रहा है।हम आपको बता दें कि करीब एक दशक तक बांग्लादेशी अधिकारियों के लिए मसूरी प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र रहा। वर्ष 2014 में शेख हसीना सरकार के दौरान बांग्लादेश के लोक प्रशासन मंत्रालय और भारत के राष्ट्रीय सुशासन केंद्र के बीच समझौता हुआ था। इसके बाद 2019 और 2024 में भी…
Supporting Student Journalist.
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