TRENDING NEWS
शुक्रवार को दिल्ली-NCR में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में भारी जलभराव हो गया, जिससे लोगों की आवाजाही बाधित हुई और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश की वजह से कई जगहों पर…
दिल्ली कैबिनेट ने शुक्रवार को प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल को मंज़ूरी दे दी। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई में दिल्ली कैबिनेट ने दिल्ली प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल को मंज़ूरी दी है,…
अम्बेडकरनगर में आज 706 करोड़ से अधिक लागत की 194 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धारदार भाषण दिया। इस दौरान योगी ने कहा कि हमने कहा- जो कुर्सी…
जयंत चौधरी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय लोक दल (RLD) को एक झटका लगा है। पार्टी की यूपी यूनिट के अध्यक्ष…
भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस वार्ता में आज प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और द्विपक्षीय मुद्दों पर पूछे गए…
विदेश मंत्रालय (MEA) ने प्रस्तावित विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पर अमेरिकी कांग्रेस सदस्य राइली मूर की आलोचना को…
शुक्रवार को रांची में झारखंड विधानसभा की ओर हो रहे विरोध मार्च के दौरान, एक व्यक्ति ने कथित तौर पर…
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की पत्नी संगीता ने शुक्रवार को तमिलनाडु की चेंगलपट्टू ज़िला अदालत में अभिनेता से…
रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि 15 अगस्त को लाल किले पर ‘वंदे मातरम’ बजाया जाएगा। यह पहली…
शुक्रवार को प्रयागराज में अपने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा…
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्रों के साथ इंस्टाग्राम पर ‘आस्क मी एनीथिंग’ सेशन के दौरान पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री…
आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और SAD प्रमुख सुखबीर सिंह बादल…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भरोसा है कि केंद्र के महत्वाकांक्षी महिला आरक्षण बिल और परिसीमन बिल को लोकसभा में पास…
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने शुक्रवार को RSS प्रमुख मोहन भागवत के ‘जेन Z’ (Gen Z)…
विपक्ष द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर बयान की मांग…
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले योगी बनाम अखिलेश की सियासत अब सीधे जातीय समीकरणों के अखाड़े में उतर चुकी है। मुख्यमंत्री…
1999 के कारगिल युद्ध की गाथा को भारतीय सिनेमा ने कई बार भुनाया है, लेकिन नेटफ्लिक्स की नई वेब सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ इस ऐतिहासिक लड़ाई के उस पहलू को सामने लाती है, जिसकी चर्चा अक्सर कम होती है—इंडियन एयर फोर्स (IAF) का ऐतिहासिक हाई-एल्टीट्यूड कॉम्बैट मिशन। ‘असुर’ फेम डायरेक्टर ओनी सेन के निर्देशन में बनी यह सीरीज ‘गोल्डन एरो स्क्वाड्रन’ के पराक्रम और वॉर ज़ोन के पीछे की मानवीय संवेदनाओं को बेहद ईमानदारी से पर्दे पर उतारती है।कहानी और प्लॉट: 18,000 फीट की ऊंचाई पर IAF का शौर्ययह सीरीज 1999 में कारगिल की बर्फ़ीली और दुर्गम पहाड़ियों में 16,000 से 18,000 फीट की ऊंचाई पर चलाए गए ग्राउंड अटैक ऑपरेशन्स पर केंद्रित है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे MiG-21, MiG-23 और MiG-27 जैसे फाइटर जेट्स के जरिए भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी घुसपैठियों के ठिकानों को तबाह किया था। कहानी सिर्फ हवाई हमलों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह…
Travel Tips: पहले ज्योतिर्लिंग की भव्यता का अनुभव, जानें Diu Airport और Veraval से पहुंचने का रास्ता
सावन में भगवान शिव के दर्शन के लिए इस बार अगर आप भी गुजरात के सोमनाथ मंदिर जाने…
Hindi NewsCareerOdisha Hostel Protest | Students Walk 12km Over Poor Food & Conditions3 मिनट पहलेकॉपी लिंकओडिशा के एक हॉस्टल में लगभग 180 छात्र रह रहे थे। छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें केवल दो कमरों में ठूंसकर रखा गया है। खाने की क्वालिटी खराब है। यहां तक कि चावल-दाल में कीड़े मिलने की शिकायत भी की। यह घटना ओडिशा के नबरंगपुर जिले के झरिगांव ब्लॉक स्थित सांतेमारा सरकारी उच्च विद्यालय के हॉस्टल से जुड़ी है।अधिकारियों ने दिया समस्या के समाधान का आश्वासनहॉस्टल की छत से बारिश का पानी टपकने, गंदे टॉयलेट और पानी की समस्याओं व खेल सामग्री की कमी…
मुंबई, सात अगस्त सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का चालू वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही…
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने मानक से कम गुणवत्ता वाला फोर्टिफाइड सूरजमुखी खाद्य तेल बनाने और बेचने…
एयरलाइन कंपनी अकासा एयर ने परिचालन के चार वर्ष पूरे होने पर शुक्रवार को अपना लॉयल्टी कार्यक्रम अकासा एलीवेट शुरू…
वैश्विक बाजार में इस समय इस्पात की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही हैं और इसका असर भारत समेत…
शेयर बाजार में पिछले सप्ताह भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला और इसका सीधा असर देश की सबसे बड़ी कंपनियों के…
लोकतांत्रिक राजनीति में कई बार छोटे चुनाव भी बड़े संदेश दे जाते हैं। विधानसभा उपचुनावों को लंबे समय तक केवल रिक्त सीटों को भरने की औपचारिक प्रक्रिया माना जाता रहा है। सामान्य धारणा यही रही कि जिस राज्य में जिस दल की सरकार होती है, प्रशासनिक बढ़त, संगठनात्मक शक्ति और सत्ता के प्रभाव के कारण वही दल उपचुनाव आसानी से जीत जाता है। इसी कारण उपचुनावों के परिणामों को व्यापक राजनीतिक संकेतक के रूप में कम ही देखा जाता था किंतु पिछले कुछ वर्षों में यह धारणा तेजी से बदली है। अब उपचुनाव केवल एक सीट का फैसला नहीं करते बल्कि जनता के तत्कालीन मनोभाव, सरकार के प्रति संतोष-असंतोष, संगठन की मजबूती, नेतृत्व की स्वीकार्यता और भविष्य की राजनीतिक दिशा के संकेत भी देते हैं। बिहार के बांकीपुर, मध्य प्रदेश के दतिया और गुजरात के मांझलपुर विधानसभा उपचुनावों ने भी यही संदेश दिया है। तीन सीटों में से दो पर…
आज जब पूरा देश पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है, तब हर भारतीय के मन में उनकी मुस्कुराती छवि, ओजस्वी आवाज़ और मानवीय संवेदनाओं से भरा व्यक्तित्व एक बार फिर जीवंत हो उठता है। देखा जाये तो भारतीय राजनीति में ऐसे नेता विरले ही हुए हैं, जिनकी लोकप्रियता केवल अपनी पार्टी तक सीमित न रहकर राजनीतिक सीमाओं को भी पार कर गई हो। सुषमा स्वराज उन्हीं असाधारण नेताओं में थीं। सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, संसद हो या अंतरराष्ट्रीय मंच, उनके शब्दों में दृढ़ता थी, विचारों में स्पष्टता थी और व्यवहार में ऐसी आत्मीयता थी, जिसने उन्हें हर दल के नेताओं और करोड़ों भारतीयों का सम्मान दिलाया। छह अगस्त 2019 को 67 वर्ष की आयु में उनके निधन ने भारतीय राजनीति को एक ऐसी आवाज़ से वंचित कर दिया, जिसकी कमी आज भी महसूस की जाती है।सुषमा स्वराज का अंतिम सार्वजनिक संदेश…
जन सुराज पार्टी के संस्थापक व मशहूर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार को लगभग 19 हजार वोटों से तगड़ी शिकस्त देकर न केवल चुनाव जीता, बल्कि राजनीतिक पंडितों को भी चौंका दिया। प्रशांत किशोर की यह जीत केवल एक सीट की जीत नहीं मानी जा रही, बल्कि बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखी जा रही है। ऐसा इसलिए कि प्रशांत किशोर ने भाजपा के तीन दशक से अधिक पुराने गढ़ में अकल्पनीय जीत दर्ज की है और अपनी जन सुराज पार्टी को पहली बड़ी चुनावी सफलता दिलाई है। हालांकि, एक उपचुनाव के परिणाम के आधार पर पूरे राज्य के चुनाव के जनादेश का संकेत मान लेना एक बड़ी सियासी गलतफहमी होगी। फिर भी, उनकी यह जीत कई कारणों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि जन सुराज पार्टी के सुप्रीमो प्रशांत किशोर ने बांकीपुर…
करीब तीन वर्षों तक देश की राजनीति, खेल जगत और मीडिया के केंद्र में रहे पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) अध्यक्ष एवं पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को आखिरकार दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत से बड़ी राहत मिल गई। महिला पहलवानों द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। वैसे बृजभूषण शरण सिंह पर लगे आरोपों के समर्थन में जिस तरह तमाम विपक्षी नेता खड़े हो गये थे उसके चलते यह सब कुछ शुरू से ही राजनीतिक षड्यंत्र नजर आ रहा था। उल्लेखनीय है कि जंतर मंतर पर पहलवानों का धरना प्रदर्शन कराया गया था और धरने के मंच पर तमाम बड़े विपक्षी नेता पहुँचे थे और मंच से दिये गये भाषणों के जरिये भाजपा को महिला विरोधी बताया जा रहा था। साथ ही बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ देशभर में माहौल बनवाने और मीडिया ट्रायल के जरिये उनकी छवि बिगाड़ने के…
लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना हर नागरिक का अधिकार है और सत्ता की आलोचना भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की ताकत मानी जाती है। लेकिन जब विरोध की भाषा शालीनता की सीमा लांघकर व्यक्तिगत अपमान में बदल जाए, जब तर्क और तथ्यों की जगह गाली-गलौज और कटाक्ष ले लें, और जब वरिष्ठों के सम्मान जैसी बुनियादी सामाजिक मर्यादाओं का भी मजाक उड़ाया जाने लगे, तब यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह लोकतांत्रिक विरोध है या फिर अभिव्यक्ति की आज़ादी की आड़ में सभ्य संवाद की संस्कृति को कमजोर करने की कोशिश है?हाल के दिनों में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके, उसके प्रवक्ता सौरव दास और अभिनेत्री रिचा चड्ढा के बयानों ने इसी बहस को जन्म दिया है। तीनों के बयान अलग-अलग संदर्भों में आए, लेकिन उनकी भाषा और दृष्टिकोण में जो समानता दिखाई देती है वह है व्यक्तिगत कटाक्ष, वरिष्ठों के प्रति असम्मान और मर्यादा की…
भारत में 15 फरवरी 2021 से हर फोर-व्हीलर, चाहे वह प्राइवेट हो या कमर्शियल, के लिए FASTag होना ज़रूरी है। FASTag कार की विंड शील्ड पर चिपकाया जाता है और RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) टेक्नोलॉजी और एक डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल करके टोल प्लाजा पर इलेक्ट्रॉनिक टोल पेमेंट करने में मदद करता है।देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल भुगतान को आसान बनाने के लिए FASTag अनिवार्य किया गया है। हालांकि कई बार वाहन मालिकों को ऐसी समस्या का सामना करना पड़ता है, जब FASTag में पर्याप्त बैलेंस होने के बावजूद वह ब्लैकलिस्ट (Blacklisted) या हॉटलिस्ट (Hotlisted) हो जाता है। ऐसी स्थिति में टोल प्लाजा पर परेशानी के साथ अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ सकता है।इसके अलावा, 1 अप्रैल 2021 से कार इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के लिए भी FASTags ज़रूरी हो गए हैं। भारत में पब्लिक सड़कों पर गाड़ी चलाने के लिए कम से कम एक थर्ड-पार्टी फोर-व्हीलर इंश्योरेंस पॉलिसी की…
गिद्धों का भी एक धर्म होता है, वो जिंदा जानवरों का मांस नहीं खातीं। वह प्रतीक्षा करती हैं उसके मरने की और प्राण छोडऩे के बाद ही लोथड़ों को नोचती हैं। लेकिन आज का इंसान गिद्ध से भी ज्यादा विभत्स हो गया लगता है। नीट पेपर लीक को लेकर देश भर में प्राण गंवाने वाले 21 युवाओं के पोस्टर लगा कर दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना देने वाली कॉकरोच जनता पार्टी के नेता इन युवाओं का शोक मनाना तो दूर बल्कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के तुरंत बाद फाइव स्टार होटलों में कुल्हे मटकाते और बोतलों के ढक्कन खोलते दिखे। पेपर लीक मामले में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का त्यागपत्र हो गया और लगभग एक महीने से दिल्ली के जंतर मंतर पर लोकतंत्र की नई-नई रखवाली कॉकरोच जनता पार्टी का धरना भी खत्म हो गया पर दो दिनों के भीतर ही इन नए नवेले लोकतंत्र के रखवालों…
जब नई दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र राजनीति गरमाई तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया और सोशल मीडिया मंच “इंस्टाग्राम” पर किए अपने एक लगभग 2.55 मिनट के सेल्फी वीडियो पोस्ट के माध्यम से जेन-जी से संवाद स्थापित कर विपक्षी नेताओं के सियासी चक्रब्यूह को सफलतापूर्वक भेद दिया। छात्र आंदोलन के दृष्टिगत प्रधानमंत्री के सेल्फी वीडियो संवाद के नीतिगत व सियासी मायने दूरगामी प्रभाव वाले साबित होंगे।इस बात में कोई दो राय नहीं कि प्रधानमंत्री मोदी के इस निर्णायक पहल से पुनः यह स्पष्ट हो गया कि पीएम मोदी भारतीय राजनीति पर गहरी पकड़ रखते हैं और जब जब सियासी फुटबॉल सुर्खियों में आता है, तब तब वह खुद ही आगे आकर कांग्रेस के नेता प्तिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ राजनीतिक मैदान का तगड़ा गोल मारते हुए उन्हें अप्रासंगिक बना डालते हैं। बीते 12 वर्षों में ऐसे कई मौके आए जब भाजपा का विकल्प…
नीट-यूजी की 3 मई 2026 को आयोजित मूल परीक्षा के पेपर लीक होने की खबरों के बाद 12 मई 2026 को सरकार ने नीट की परीक्षा को रद्द कर दिया था। तब से ही छात्रों में आक्रोश व्याप्त है और वह देश के विभिन्न हिस्सों में शांति पूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन करके अपना जबरदस्त विरोध प्रकट कर रहे थे। लेकिन अचानक ही 16 मई 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नामक एक पार्टी बन जाती है और वह पार्टी छात्रों के आंदोलन में कूद पड़ती है, उस पार्टी के द्वारा दिल्ली में जून के प्रथम सप्ताह से धरना प्रदर्शन शुरू किया जाता है, इस धरना प्रदर्शन में सबकुछ ठीक ठाक ही चल रहा था, लेकिन जब से कुछ राजनेताओं की एंट्री हुई है तब से ही छात्रों की मूल मांगो से खिलवाड़ होना शुरू हो गया है। हालांकि केंद्र सरकार ने नीट परीक्षा के पेपर लीक के इस मामले…
समय के साथ सोच में एक बड़ा बदलाव तेजी से यह देखने में आ रहा है कि यदि जुखाम, बुखार, खांसी जैसी सामान्य बीमारी में भी डॉक्टर की दवा से तत्काल राहत नहीं मिलती तो अब डॉक्टर बदलने में कोई गुरेज नहीं होता। देखा जाएं तो तुरंत स्वास्थ्य लाभ की प्रवृति के कारण डॉक्टर के ईलाज पर विश्वास में कहीं ना कहीं कमी देखने में आने लगी है और इसके परिणाम स्वरुप महानगरों में डॉक्टर शापिंग का नया ही चलन चलने लगा है। खासतौर से मरीज से मिलने-मिलाने वाले चिकित्सक बदलने की सलाह देने में किसी तरह का कोई गुरेज नहीं करते। चिकित्सक बदलने में कोई बुराई नहीं है पर जिस चिकित्सक से ईलाज करवा रहे हैं उससे बीमारी ठीक होने की संभावना के संबंध में चर्चा करना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। अन्य चिकित्सक की सलाह लेना और चिकित्सक बदलने में हमें अंतर करके चलना होगा। बीच ईलाज ही बार…
Supporting Student Journalist.
Playlist
0:16
0:16
0:16