TRENDING NEWS
लखनऊ, तीन नवंबर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करते हुए कहा कि त्योहारों के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं होनी चाहिए तथा सामाजिक सौहार्द एवं सुरक्षा…
नयी दिल्ली, तीन नवंबर कांग्रेस ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग की ओर से फॉर्म-6 को लेकर दी गई ताजा सफाई को शब्दों की बाजीगरी करार देते हुए कहा कि इससे कुछ भी स्पष्ट नहीं होता है।…
लखनऊ, तीन नवंबर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आरोप लगाया कि 2014 से पहले कांग्रेस की सरकार के दौरान रसोई गैस का एक कनेक्शन लेने के लिए लोगों को काफी परेशानी उठानी…
नयी दिल्ली, तीन नवंबर दिल्ली की वायु गुणवत्ता के ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंचने के बीच, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में…
तिरुवनंतपुरम, तीन नवंबर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता पी राजीव ने मंगलवार को आरोप लगाया कि केरलम में…
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी…
नयी दिल्ली, तीन नवंबर उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की वह नयी याचिका खारिज…
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की।…
तिरुवनंतपुरम, तीन नवंबर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को कहा कि सरकारी खजाने से निकाले जाने वाले एक-एक रुपये…
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले एक अहम बयान में, केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के…
(फोटो के साथ) जम्मू, तीन नवंबर जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने हालिया मंत्रिमंडल विस्तार और सांसद आगा सैयद रुहुल्ला…
जम्मू, तीन नवंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव ने मंगलवार को कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां)…
नयी दिल्ली, तीन नवंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी…
बडगाम (जम्मू-कश्मीर), तीन नवंबर श्रीनगर से लोकसभा सदस्य सैयद आगा रुहुल्ला मेहदी ने मंगलवार को यहां अपने पिता आगा सैयद…
अहमदाबाद, तीन नवंबर गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने तुर्किये से प्रत्यर्पित कर लाए गए अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्कर सलीम…
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
लोकतंत्र केवल सत्ता परिवर्तन की व्यवस्था नहीं, बल्कि जनआकांक्षाओं, नागरिक अधिकारों, जवाबदेही और सार्थक राजनीतिक संवाद की जीवंत प्रणाली है। इसकी मजबूती केवल सत्तारूढ़ दल की…
अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को लगातार अच्छे प्रदर्शन का इनाम मिला है और अब वह करीब…
फ्रेंचाइज़ी ने मंगलवार (13 अक्टूबर) को पुष्टि की कि भारत के दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह दिल्ली कैपिटल्स…
भारतीय बल्लेबाज़ स्मृति मंधाना ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में 16 अक्टूबर से शुरू होने वाले ज़िम्बाब्वे के…
ICC ने बताया है कि 12 दिन पहले बैलेट शुरू होने के बाद से ICC पुरुष क्रिकेट…
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने मंगलवार को कहा है कि उसे 12 दिन पहले 2027 विश्व कप…
खेल मंत्रालय ने विवादों से घिरी चयन प्रक्रिया के बाद पैरा एशियाई खेलों के लिये 166 खिलाड़ियों…
रियलिटी शो ‘बिग बॉस 20′ के बीते दो हफ्ते लव गिल के लिए काफी मुश्किलों भरे साबित हुए हैं। शो के दौरान उनके चरित्र पर कई तरह के सवाल खड़े किए गए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और डटकर अपना गेम खेल रही हैं। लव किसी की बेतुकी बातें बर्दाश्त नहीं करती हैं और यही वजह है कि घर में उनके कई कंटेस्टेंट्स के साथ टकराव देखने को मिले हैं। हाल ही में माही विज के साथ लव गिल की तीखी तकरार हुई थी, जिसमें माही ने उन पर अपमानजनक टिप्पणियां कर दी थीं। अब इस पूरे विवाद पर लव गिल की मां का गुस्सा फूटा है और उन्होंने सीधे तौर पर माही विज को निशाने पर लिया है।ऑडियो मैसेज में माही विज की लगाई क्लास’बिग बॉस 20’ के घर में जल्द ही एक इमोशनल टास्क देखने को मिलने वाला है, जहां सभी कंटेस्टेंट्स को उनके घरवालों के संदेश मिलेंगे।…
फेस्टिव सीजन चल रहा है। अगर आप भी दिवाली और धनतेरस के मौके पर माता लक्ष्मी के मंदिरों…
Hindi NewsCareerMeerut IIT Graduate Prashant Chaudhary Wins Rohini Nayar Award | Coding AIकुछ ही क्षण पहलेकॉपी लिंकमेरठ के पास के गांव से IIT पहुंचे प्रशांत चौधरी अब ग्रामीण बच्चों को मोबाइल पर मुफ्त में कोडिंग और AI सिखा रहे हैं। इस पहल के लिए प्रशांत को 31 अक्टूबर को 5वां रोहिणी नैयर पुरस्कार मिला। इसके तहत उन्हें 10 लाख रुपए, ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र दिया गया। उनके CodeYogi Foundation से 9 राज्यों के 120 जिलों में 3 लाख 50 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स जुड़ चुके हैं।प्रशांत को ये पुरस्कार ग्रामीण इलाकों में टेक्नोलॉजी की पढ़ाई को आसान बनाने के लिए…
मुंबई, तीन नवंबर भारतीय स्टार्टअप में 50 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाली कंपनियों की संख्या 2026 में…
नयी दिल्ली, तीन नवंबर देश में नवीकरणीय ऊर्जा के तेजी से विस्तार से पिछले 15 साल में कोयले और प्राकृतिक…
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मुनाफे के मामले…
डिजिटल प्रमाणीकरण सेवाएं देने वाली कंपनी ईमुद्रा ने अपने प्रमाणन प्राधिकरणों की ओर से जारी सुरक्षा कुंजियों में खामी सामने…
केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने कहा है कि अदाणी समूह ने विड़िण्गम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह का संचालन करने वाली…
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को आयोजित इंडी (INDIA) गठबंधन की महारैली केवल एक राजनीतिक सभा नहीं थी, बल्कि यह विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठाए जा रहे सवालों को राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने का एक और बृहत प्रयास था।’वोट बचाओ, देश बचाओ’ और ‘चलो दिल्ली’ के संदेश के साथ आयोजित इस रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार, नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, सीपीआई, सीपीआई एम, सीपीआई एमएल सहित लगभग 20 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। अधिकांश नेताओं ने गर्मजोशी पूर्वक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई और निज अनुभवजन्य आरोप लगाए। सबसे अंत में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संतुलित भाषण देते हुए एक परिपक्व नेता प्रतिपक्ष का परिचय दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,…
देश के चार राज्यों (उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक) की 28 विधान परिषद (एमएलसी) सीटों पर चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं, सभी राजनीतिक दल व विश्लेषक परिणामों का अध्ययन करके उसके अपने-अपने लाभ-हानि के हिसाब से मायने निकाल रहे हैं। लेकिन इस बार का यह चुनाव कई ऐसे सवाल छोड़ गया है जिनका जवाब राजनीतिक दलों के रणनीतिकारों के साथ विशेषकर उत्तर प्रदेश के संदर्भ में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को जल्द से जल्द तलाश ना होगा। क्योंकि भाजपा को अन्य दलों से अलग मानते हुए किसी व्यक्ति या परिवार की जागीर की जगह संगठन को सर्वोपरि मानने वाला राजनीतिक दल माना जाता है और वैसे भी अंदरूनी गुटबाजी से दूर अनुशासन वाली पार्टी मानने का दावा भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के द्वारा हमेशा सार्वजनिक रूप भी किया जाता है। लेकिन एमएलसी के चुनावों के परिणामों पर गौर करें तो उत्तर प्रदेश की हॉट सीट वाराणसी, लखनऊ व महाराष्ट्र…
बचपन में घोर गरीबी को बेहद करीब से देखने वाले और जीवनयापन के लिए रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने वाले नरेंद्र मोदी ने जब देश के प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभाली, तो उनके सामने भारत की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक थी गरीबी। करोड़ों लोगों के पास न पक्का मकान था, न बैंक खाता, न शौचालय, न रसोई गैस और न ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने गरीबों को सरकारी योजनाओं के केंद्र में रखते हुए गरीबी के अभिशाप से देश को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। अब इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं जिसे अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी मान रही हैं। उल्लेखनीय है कि विश्व बैंक की अक्टूबर 2026 की ताजा रिपोर्ट भारत की इसी परिवर्तनकारी यात्रा पर वैश्विक मुहर लगा रही है।विश्व बैंक की रिपोर्ट: 49.6 करोड़ लोगों की जिंदगी में बदलावविश्व बैंक की Poverty and Equity Brief, October 2026…
नौकरी जाने का डर लगभग हर कर्मचारी को रहता है। कई बार कंपनी अचानक कर्मचारी को नौकरी छोड़ने के लिए कह देती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या नियोक्ता बिना किसी नियम का पालन किए कर्मचारी को नौकरी से निकाल सकता है? इसका जवाब सीधा हां या ना में नहीं है। कर्मचारी को हटाने के नियम उसकी नौकरी की प्रकृति, सेवा अवधि, नियुक्ति की शर्तों और उस संस्थान पर लागू श्रम कानूनों पर निर्भर करते हैं।भारत में 21 नवंबर 2025 से Industrial Relations Code, 2020 लागू है। सरकार के अनुसार इस कानून में कर्मचारियों के लिए रिट्रेंचमेंट नोटिस और मुआवजे जैसी सुरक्षा बरकरार रखी गई है।इसे भी पढ़ें: EPFO की नई WhatsApp सेवा शुरू, जानें कैसे काम करता है यह सिस्टम?क्या कंपनी कर्मचारी को मनमाने तरीके से निकाल सकती है?अगर किसी कर्मचारी को कानून के तहत ‘worker’ माना जाता है और उसने नियोक्ता के साथ कम से कम…
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्यों और पेंशनर्स के लिए WhatsApp पर आधिकारिक चैनल शुरू किया है। इसका मकसद PF, पेंशन और EPFO से जुड़ी जरूरी जानकारी और नए अपडेट लोगों तक आसानी से पहुंचाना है। EPFO ने सितंबर 2026 में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए सदस्यों से WhatsApp Channel को फॉलो करने की अपील की थी।WhatsApp पर EPFO की सेवा कैसे काम करती है?सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि नया WhatsApp Channel एक सूचना और अपडेट प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए सदस्यों को EPFO की घोषणाओं, स्कीम से जुड़े अलर्ट और दूसरी उपयोगी जानकारी मिल सकती है। इसे PF खाते के पूरे ऑनलाइन पोर्टल का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।इसे भी पढ़ें: पीएम रोजगार सृजन योजना: कभी कोचिंग में पढ़ाते थे मनोज, अब पौने 2 करोड़ का टर्नओवर, आप भी करें आवेदनWhatsApp पर EPFO से जुड़ी सुविधाओं को मोटे तौर पर इस तरह समझें:- EPFO…
भारतीय लोकतांत्रिक विमर्श में पिछले कुछ वर्षों से एक अजीब और गहरी चिंताजनक परिपाटी देखने को मिल रही है। देश के राजनैतिक दल अपनी सांगठनिक कमजोरियों, जमीन से कटते जा रहे कार्यकर्ताओं और जनता के बीच नीतियों के गहरे संकट पर आत्ममंथन करने के बजाय, अपनी हर पराजय का पूरा ठीकरा देश की संवैधानिक चुनावी व्यवस्था पर फोड़ देते हैं। इस पूरे राजनैतिक खेल में ‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन’ यानी ईवीएम को एक बड़े वैश्विक खलनायक के रूप में पेश किया गया। कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष ने एक सुर में ‘वोट चोरी’ का एक ऐसा आक्रामक और संदेहास्पद नैरेटिव गढ़ा, जिसने आम मतदाताओं के मन में देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास के बीज बोने की पुरजोर कोशिश की। राष्ट्रीय स्तर पर महीनों तक इस बात का माहौल बनाया गया कि यदि देश को वापस मतपत्र यानी पुरानी बैलेट पेपर प्रणाली के दौर में ले जाया जाए, तो लोकतंत्र का…
पटना के मनोज कुमार शर्मा की कहानी उन युवाओं के लिए मिसाल है जो नौकरी के बजाय अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं। कभी कोचिंग में पढ़ाकर परिवार का खर्च चलाने वाले मनोज ने मेडिकल फर्नीचर के कारोबार में कदम रखा। आज उनकी यूनिट में करीब 25 लोग काम कर रहे हैं और उनके मुताबिक कारोबार का सालाना टर्नओवर करीब पौने दो करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कारोबार बढ़ाने में उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम यानी PMEGP और खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) से मिली मदद का लाभ मिला।क्या है PMEGP योजना?प्राइम मिनिस्टर एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन प्रोग्राम (PMEGP) नए एंटरप्रेन्योर्स को नॉन-फार्म सेक्टर में माइक्रो एंटरप्राइज शुरू करने में मदद करता है। इनोवेशन को बढ़ावा देकर, सस्टेनेबल रोजी-रोटी बनाकर और माइग्रेशन को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके बनाकर, PMEGP आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है और पूरे भारत में सबको साथ लेकर चलने वाले विकास को बढ़ावा…
भारतीय लोकतंत्र का इतिहास वैचारिक असहमतियों, तीखे तर्कों और धारदार बहसों से समृद्ध रहा है। संसद से लेकर सड़क तक, देश ने दक्षिणपंथ से लेकर वामपंथ और क्षेत्रीय अस्मिताओं के बीच बड़े-बड़े वैचारिक द्वंद्व देखे हैं। लेकिन, अतीत में इन सभी बहसों की एक अंतर्निहित मर्यादा होती थी। राजनीतिक विरोधी एक-दूसरे की नीतियों पर प्रहार करते थे, चरित्र और मर्यादाओं पर नहीं। दुर्भाग्य से, समकालीन राजनीति ने संवाद की उस समृद्ध परंपरा को हाशिए पर धकेल दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके दिवंगत पिता को लेकर की गई एक बेहद विवादित टिप्पणी (“मोदी का बाप भी जाएगा”) और उसके बाद आज पूरे देश में मचा सियासी बवाल इसी कड़वी हकीकत की तस्दीक करता है। पटना के एक कार्यक्रम में सामने आए इस बयान ने न केवल एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है, बल्कि यह सवाल भी नए सिरे से…
यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा महिला उद्यमी क्रेडिट योजना की जो मौखिक घोषणा की गई, उससे राज्य की औरतों में आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे, जो महिला सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा निर्णायक कदम साबित होगा। दरअसल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना केवल सामाजिक सशक्तिकरण का विषय नहीं, बल्कि परिवार की समृद्धि, रोजगार सृजन और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का भी प्रभावी माध्यम है।यदि उत्तर प्रदेश में एक करोड़ महिलाओं को “महिला उद्यमी क्रेडिट योजना 2026” के तहत एक लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने की पहल प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो यह प्रदेश में महिला उद्यमिता को नई गति देने वाला कदम साबित हो सकती है। इस तरह की योजना का सबसे बड़ा लाभ उन महिलाओं को मिल सकता है, जो सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, हस्तशिल्प, छोटी दुकान, घरेलू उत्पाद निर्माण अथवा डिजिटल…
विपरीत वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद दुनिया भर की रेटिंग संस्थाओं ने भारतीय अर्थव्यवस्था को गतिमान स्वीकार करते हुए वैश्विक औसत से लगभग दो गुणी विकास दर रहने की संभावना जताई है। यह इसलिए महत्वपूर्ण हो जाता है कि वैश्विक परिस्थितियों में कहीं और किसी तरह का सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। ईरान-अमेरिका युद्ध हो या रूस-यूक्रेन युद्ध हो या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तानाशाही पूर्ण तुगलकी निर्णय हो या कच्चे तेल के भावों में बेतहासा बढ़ोतरी और हार्मुज का संकट हालात समूचे विश्व में विकट से विकटतर बने हुए हैं। अब तो फ्रांस के हालात भी बिगड़ते जा रहे हैं तो उसका असर जहां योरोप में दिखाई देगा वहीं भारत में भी हालात को प्रभावित करने के कतिपय प्रयास जारी है। अच्छी बात यह है कि देश-दुनिया के गंभीर हालातों के बावजूद आर्थिक क्षेत्र की दुनिया की लगभग सभी रेटिंग संस्थाओं ने इंडियन इकोनोमी की ग्रोथ रेट को…
Supporting Student Journalist.
Playlist
0:16
0:16
0:16