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पटना। पंकज कुमार पाल सचिव, पथ निर्माण विभाग की अध्यक्षता में आज विभागीय सभाकक्ष में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (BRPNNL) के अंतर्गत आने वाले 60 मीटर से अधिक लंबाई के पुलों की सुरक्षा एवं…
अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों में मारे गए ईरान के सबसे लंबे समय तक सुप्रीम लीडर रहे अली खामेनेई को 4 जुलाई से शुरू होने वाले कई दिनों के अंतिम संस्कार के बाद 9 जुलाई…
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने जो रणनीतिक कदम उठाया था उसका असर अब पाकिस्तान के खेतों और उसकी अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। भले पाकिस्तान पानी की कमी से त्राहि त्राहि कर…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को दुखद AN-32 विमान दुर्घटना में भारतीय वायु सेना (IAF) के पांच कर्मियों की…
13 जून को नई दिल्ली में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग के बाद, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 2027 के पंजाब…
भारतीय वायु सेना के अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को असम के जोरहाट में राउरिया एयर फ़ोर्स स्टेशन पर AN-32…
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी की पार्टी में बढ़ती ताकत पर सवाल उठाने और सार्वजनिक रूप से उन पर…
स्वामी विवेकानंद ने कहा है कि राष्ट्र का निर्माण केवल पुरुषों से नहीं होता। महिलाओं का योगदान ही उसे स्थायित्व…
असम कैबिनेट ने एक अहम कदम उठाते हुए 18 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों के लिए रेगुलर एनरोलमेंट प्रोसेस…
दिल्ली में लाखों ग्राहकों के लिए बिजली के बिल बढ़ने वाले हैं। दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) ने बिजली वितरण…
अमरनाथ यात्रा को लेकर केंद्र सरकार इस बार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। यात्रा के दौरान सुरक्षा, निगरानी…
तृणमूल कांग्रेस में चल रही बगावत के बीच, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी…
ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने जिस तीखे…
राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। “क्या ये गर्भवती महिलाएँ PBM…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को देश के युवाओं और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के विजन को लेकर एक…
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पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने जो रणनीतिक कदम उठाया था उसका असर अब पाकिस्तान के खेतों और उसकी अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा…
महिला एशियाई कप फुटबॉल टूर्नामेंट में जहरा घनबारी की अगुआई वाली ईरान की टीम को दक्षिण कोरिया…
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) टी20 विश्व कप में टीम के निराशाजनक प्रदर्शन और सेमीफाइलन से पहले बाहर…
संजू सैमसन की विस्फोटक नाबाद 97 रन की पारी की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज को पांच विकेट…
प्राग में चल रहे अंतरराष्ट्रीय शतरंज महोत्सव में मुकाबले अब और दिलचस्प हो गए हैं। प्राग चेस…
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत को इंग्लैंड से गुरुवार को 5 मार्च को मुंबई…
ईरान-इजराइल के बीच जारी युद्ध का असर अब खेल जगत पर भी दिखने लगा है। दुबई में…
मशहूर ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स (Netflix) ने शनिवार को अपनी आगामी फिल्म ‘इक्का’ की आधिकारिक रिलीज डेट की घोषणा कर दी है। सनी देओल और अक्षय खन्ना के दमदार अभिनय से सजी यह कोर्टरूम ड्रामा (अदालती ड्रामा) फिल्म 10 जुलाई, 2026 को सीधे डिजिटल स्क्रीन पर दस्तक देने जा रही है। सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा के निर्देशन में बनी यह फिल्म कई मायनों में ऐतिहासिक है। यह न सिर्फ सनी देओल की ओटीटी की दुनिया में पहली फिल्म (ओटीटी डेब्यू) है, बल्कि कई बड़े कलाकारों की शानदार वापसी का जरिया भी बन रही है।इसे भी पढ़ें: कभी TRP में Top 5 पर था Deepika Singh का हिट शो Mangal Lakshmi, अब अचानक हो रहा है Off-Air निर्देशक सिद्धार्थ पी मल्होत्रा के निर्देशन में बनी यह फिल्म लगभग तीन दशक बाद दोनों अभिनेताओं को फिर से एक साथ पर्दे पर ला रही है। इससे पहले दोनों निर्देशक जेपी दत्ता की 1997 में रिलीज़…
आजकल युवाओं से लेकर वरिष्ठ नागरिकों में धार्मिक स्थल यात्रा का क्रेज ज्यादा देखने को मिल रहा है।…
सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई हैं। भारतीय रेलवे ने एनटीपीसी (स्नातक) 2025 भर्ती की सीबीटी-2 परीक्षा की संभावित तिथि घोषित की है। जारी किए गए नोटिस मुताबिक, परीक्षा में 10 जुलाई 2026 को आयोजित होगी। सीबीटी- 1 में सफल उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होंगे।कब जारी होगा एग्जाम सिटी स्लिप?आरआरबी ने बताया कि परीक्षा शहर और परीक्षा तिथि की जानकारी देने वाला लिंक एग्जाम से करीब 10 दिन पहले सभी क्षेत्रीय आरआरबी वेबसाइटों पर एक्टिव हो जाएगी। इसके साथ ही, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के उम्मीदवारों के लिए…
अमेरिकी सरकार के निर्यात नियंत्रण संबंधी निर्देश के बाद कृत्रिम मेधा (एआई) क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एंथ्रोपिक ने…
ANIभारत और स्विट्जरलैंड ने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए दवा क्षेत्र में नए निवेश अवसरों पर चर्चा…
दुनिया में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चल रही अनिश्चितता का असर अब भारत के आयात पैटर्न पर भी साफ दिखाई…
केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश में 6,500.90 रुपये प्रति टन के बाजार हस्तक्षेप मूल्य पर 20 लाख टन आलू की…
भारत सरकार ने स्मार्टफोन निर्माताओं और उद्योग जगत के कड़े विरोध के बाद उस विवादास्पद योजना को वापस ले लिया…
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत FIR 2023 में लागू हुई और यह भारत के क्रिमिनल प्रोसीजर कानूनों में एक बड़ा बदलाव है। यह FIR दर्ज करने का एक साफ और व्यवस्थित तरीका पेश करता है और इसका मकसद कानून लागू करने को तेज़ और ज़्यादा ट्रांसपेरेंट बनाना है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत FIR के नियमों में सेक्शन 173 और 174 में बड़े बदलाव किए गए हैं, जो इस बात पर फोकस करते हैं कि कोर्ट कानूनों को कैसे समझते हैं और सिस्टम गलत इस्तेमाल से कैसे बचाता है। नए एक्ट में ये अपडेट पहले के कोड ऑफ़ क्रिमिनल प्रोसीजर (CrPC) को भी बेहतर बनाते हैं। भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव हो चुके हैं। भारतीय दंड संहिता (IPC) और दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) के स्थान पर अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) पूरी तरह प्रभावी हैं। इन नए कानूनों का…
भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में कुछ कालखंड केवल शासन परिवर्तन के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के पुनर्जागरण के लिए याद किए जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते बारह वर्षों का दौर ऐसा ही एक कालखंड है। यह केवल एक प्रधानमंत्री के लंबे कार्यकाल की कहानी नहीं है, बल्कि उस भारत की कहानी है जिसने स्वयं को नए आत्मविश्वास, नई ऊर्जा और नई वैश्विक पहचान के साथ स्वयं को स्थापित किया है। नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यह उपलब्धि केवल राजनीतिक सफलता नहीं है, बल्कि जनता के उस विश्वास का प्रमाण है जो बार-बार लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से व्यक्त हुआ है। भारत जैसा विशाल, बहुभाषी, बहुधार्मिक और सांस्कृतिक विविधताओं से भरा देश किसी नेतृत्व को लगातार तीन…
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, कार्यशैली और राजनीतिक यात्रा पर अपने विचार रखते हुए कहा है कि मोदी की सबसे बड़ी विशेषता उनका आत्मचिंतनशील स्वभाव है। मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर लिखे गये अपने आलेख में देवेगौड़ा ने लिखा है कि नरेंद्र मोदी केवल लंबे समय तक पद पर बने रहने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि वह ऐसे जननेता हैं जिन्होंने बदलते भारत की आकांक्षाओं, चुनौतियों और लोकतांत्रिक चेतना को समझते हुए स्वयं को समय के अनुरूप ढाला है।देवेगौड़ा लिखते हैं कि नरेंद्र मोदी अब भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री बन चुके हैं। इस उपलब्धि ने जवाहरलाल नेहरू का पुराना कीर्तिमान पीछे छोड़ दिया है। यह केवल एक व्यक्ति की राजनीतिक सफलता नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता और जीवंतता का प्रमाण भी है।इसे भी पढ़ें: दिल्ली अग्निकाडों के…
भारत में परीक्षा अब केवल योग्यता का आकलन नहीं रह गई है बल्कि यह करोड़ों सपनों की निर्णायक कसौटी बन चुकी है लेकिन जब यही कसौटी बार-बार संदिग्ध हो जाए, जब मेहनत और ईमानदारी की जगह ‘जुगाड़’ और ‘माफिया नेटवर्क’ हावी हो जाएं, तब यह केवल परीक्षा का संकट नहीं बल्कि राष्ट्र के भविष्य का संकट बन जाता है। पेपर लीक के चलते नीट-यूजी 2026 परीक्षा का रद्द होना, सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली पर उठे गंभीर सवाल और एसएससी जीडी परीक्षा में धांधली, ये घटनाएं मिलकर यह साबित करती हैं कि भारत की परीक्षा प्रणाली अब गहरे संस्थागत संकट में फंस चुकी है और भारत की परीक्षा प्रणाली अब वेंटिलेटर पर है। नीट-यूजी 2026 का घटनाक्रम तो इस विफलता की सबसे भयावह तस्वीर पेश करता है। लगभग 22.79 लाख छात्रों की मेहनत, उनके परिवारों के त्याग और वर्षों की तैयारी एक झटके में शून्य हो गई। यह…
हम सभी के पास एक बैंक अकाउंट होता है जो हमने स्कूल या कॉलेज के दौरान खोला था। या जब हमारी सैलरी किसी दूसरी कंपनी के ज़रिए आती थी। या क्योंकि किसी दोस्त ने कहा, “बस खोल लो, कोई नुकसान नहीं है।” लेकिन सालों बाद पासबुक गायब है, ATM कार्ड एक्सपायर हो गया है और आपने उसे कभी छुआ तक नहीं है।तो क्या होता है जब आप लंबे समय तक अपने बैंक अकाउंट का इस्तेमाल नहीं करते? क्या बैंक इसे बंद कर सकता है? क्या कोई चार्ज जमा हो रहा है? क्या आपका पैसा गायब हो जाएगा?बैंक अकाउंट तब “इनएक्टिव” होता है जब लगातार 12 महीने तक कस्टमर की तरफ से कोई ट्रांज़ैक्शन—जैसे, डिपॉज़िट, विड्रॉल, फंड ट्रांसफर, या इंटरनेट बैंकिंग लॉगिन नहीं हुआ हो। अगर यह 24 महीने तक इनएक्टिव रहता है तो अकाउंट को रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के नियमों और दूसरे देशों के ऐसे ही नियमों के…
क्या आप जानते हैं कि हर साल 40% से ज़्यादा EPF बेनिफिट्स इसलिए बिना क्लेम के रह जाते हैं क्योंकि मेंबर्स ने सही नॉमिनेशन फाइल नहीं किया था? एक EPF मेंबर के तौर पर यह पक्का करना कि आपकी मेहनत की कमाई आपकी गैरमौजूदगी में आपके अपनों तक पहुंचे, सिर्फ़ एक ज़िम्मेदार फाइनेंशियल प्लानिंग ही नहीं है बल्कि यह आपके परिवार के भविष्य के लिए ज़रूरी सुरक्षा भी है। EPFO यूनिफाइड पोर्टल पर ई-नॉमिनेशन की शुरुआत ने इस प्रोसेस में बड़ा बदलाव किया है, फिर भी कई मेंबर्स अभी भी इस ज़रूरी काम को सही तरीके से पूरा करने में मुश्किल महसूस करते हैं। एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइज़ेशन (EPFO) मेंबर्स को अपने EPF अकाउंट के लिए परिवार के सदस्यों को नॉमिनेट करने की सुविधा देता है ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में फंड ट्रांसफर आसानी से हो सके। बाद में होने वाली दिक्कतों से बचने के लिए नॉमिनी की डिटेल्स…
यदि आपने समय से पहले ही कर्ज यानी लोन चुका दिया, जिसे “लोन फोरक्लोजर/प्री-क्लोजर” कहा जाता है और उसके बाद भी आपका सिबिल स्कोर गिर गया हो, तो यह प्रथम दृष्टया यानी पहली नजर में भले ही अजीब सा लगता है। लेकिन क्रेडिट स्कोरिंग सिस्टम ऐसा होने के पीछे कई तकनीकी पहलुओं पर काम करता है। इसलिए कई बार “जल्दी कर्ज चुकाना” भी अस्थायी रूप से आपके स्कोर घटा देता है। कहा भी जाता है कि कोई भी कार्य न तो समय से पहले करना चाहिए और न ही समय के बाद, बल्कि उसे उचित समय पर ही करना चाहिए। खासकर कर्ज जैसे वित्तीय लेन-देन के मामले में। अब आइए समझते हैं कि आखिर सिबिल स्कोर क्यों गिर जाता है?इसे भी पढ़ें: पीएम मुद्रा योजना में किस कैटेगरी में कितना लोन मिलता है?पहला, पुराना लोन एकाउंट बंद हो जाता है: जब आप लोन फोरक्लोज करते हैं, तो वह अकाउंट “बंद” दिखने…
कर्नाटक में कांग्रेस इस समय एक गहरे राजनीतिक धर्मसंकट में दिखाई दे रही थी, लेकिन मुख्यमंत्री बदलकर उसने इसका भी तोड़ निकाल लिया है। जिस तरह से आलाकमान के निर्देश पर सिद्धारमैया की जगह डी के शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया है, वह दूरदर्शिता का परिचायक है। लेकिन सवाल है कि क्या मुख्यमंत्री बदलने से समस्या का स्थायी हल निकल चुका है? या फिर कोई और नई समस्या पनपेगी! कांग्रेस का अतीत इसी बात की चुगली करता है।चूंकि कांग्रेस के लिए जहां एक ओर सत्ता संतुलन मायने रखता है, तो वहीं दूसरी ओर एक स्थिर और टिकाऊ सरकार की चुनौती उसके समक्ष मौजूद है, जो चुनावी मुद्दा भी 2028 के विधानसभा चुनाव में बनेगा। और इसी बीच मुख्यमंत्री बदलने की लगातार चल रही चर्चाओं को सही साबित करके और अपना नया मुख्यमंत्री घोषित करके उसने कर्नाटक के राजनीतिक तापमान बढ़ा चुकी है।सवाल यह है कि क्या नेतृत्व परिवर्तन…
प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) नीदरलैंड, स्वीडन, नार्वे और इटली की छह दिवसीय यात्रा संपन्न हो चुकी है। पश्चिमी एशिया संकट सहित दुनियाभर में चल रही उथल -पुथल तथा चीन की विस्तारवादी नीतियों के दृष्टिगत प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा इन देशों से द्विपक्षीय संबंध सुधारने की दिशा में एक अहम पड़ाव बनी। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान उन्हें स्वीडन तथा नार्वे जैसे देशों ने अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान देकर सम्मानित किया। नार्वे की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-नार्डिक देशों के शिखर सम्मेलन में भी भाग लिया। प्रधानमंत्री की पांच देशों की यात्रा के दौरान कुल 57 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के व्यापक कूटनीतिक, आर्थिक और सामरिक निहितार्थ हैं। इन यात्राओं का एक परोक्ष संदेश यह भी है अब भारत दुनिया के ताकतवर देशों की कूटनीति की छत्रछाया से बाहर निकल कर अपनी स्वतंत्र नीति…
वर्ष 2026 की गर्मी केवल एक मौसमीय घटना नहीं, बल्कि मानव सभ्यता के सामने खड़ी एक गंभीर चेतावनी बनकर सामने आई है। अप्रैल-मई के दौरान भारत सहित दक्षिण एशिया के अनेक हिस्सों में पड़ी रिकॉर्ड हीटवेव ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जलवायु परिवर्तन अब भविष्य का संकट नहीं, वर्तमान की भयावह वास्तविकता है। दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और मध्य भारत के अनेक क्षेत्रों में तापमान 46 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कई शहरों में बिजली की मांग ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। सड़कें सूनी दिखने लगीं, श्रमिकों का श्रम ठहरने लगा और बच्चों, बुजुर्गों तथा गरीब तबकों के सामने जीवन बचाने की चुनौती खड़ी हो गई। यह संकट अचानक नहीं आया। यह दशकों से प्रकृति के साथ किए गए असंतुलित व्यवहार, अंधाधुंध शहरीकरण, जंगलों की कटाई, संसाधनों के दोहन और सुविधावादी जीवनशैली का परिणाम है। प्रकृति ने बार-बार संकेत दिए, लेकिन विकास की अंधी दौड़ में…
Supporting Student Journalist.
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