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भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने एक ही दिन में एक ऐसा तहलका मचा दिया जिससे चार देशों की असली हैसियत पूरी दुनिया के सामने आ गई। पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी। इनका इस्लामिक नाटो…
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबिटकर ने अमरावती शहर के एक सरकारी अस्पताल की नवजात देखभाल इकाई में तड़के लगी आग की जांच के लिए सात सदस्यीय समिति गठित करने की सोमवार शाम घोषणा की। इस…
ईरान ने सोमवार को संकेत दिया कि हालांकि उसे सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के नेतृत्व वाले ‘मक्का समझौते’ में शामिल होने का निमंत्रण नहीं मिला है, लेकिन क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर बातचीत के प्रस्ताव ज़रूर…
भदोही जिले में तीन माह पहले कथित रूप से अगवा की गई 16 वर्षीय एक किशोरी को पुलिस ने जौनपुर…
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकालने का देशव्यापी आह्वान किया…
ओडिशा के अधिकांश हिस्सों में कम दबाव का क्षेत्र बनने से सोमवार को मूसलाधार बारिश हुई और पिछले 24 घंटों…
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को संबंधित अधिकारियों को संयुक्त अबर अमीरात में तीन महीने से अधिक समय…
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के गांव नेमरा के निवासियों ने सोमवार को छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की प्रस्तावित…
कर्नाटक के कापू तालुक में एक व्यवसायी की हत्या के मामले में वांछित मुंबई के एक संदिग्ध गैंगस्टर को पुलिस…
केरलम में मोटरसाइकिल दुर्घटना में जान गंवाने वाले 17 वर्षीय लड़के के माता-पिता ने सोमवार को एक सराहनीय पहल के…
दिल्ली के कई इलाकों में भारी बारिश हुई, जिससे गर्मी से राहत मिली। हालांकि, शहर के कई इलाकों में जलजमाव…
जादवपुर यूनिवर्सिटी कैंपस में हाल ही में हुई तोड़-फोड़ की जांच के लिए बनाई गई पांच सदस्यों वाली कमेटी के…
कलकत्ता हाई कोर्ट ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी की याचिका का निपटारा कर दिया। एक प्राइवेट…
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर राज्य में…
राजस्थान के अनेक भागों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने व कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम…
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बांग्लादेश आज अपने इतिहास के एक ऐसे संवेदनशील मोड़ पर खड़ा है, जिसे कूटनीतिक और राजनीतिक विश्लेषक ‘चौराहे’ का नाम दे रहे हैं। सत्ता के तख्तापलट,…
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्मृति मंधाना और दक्षिण अफ्रीका की टेस्ट टीम के कप्तान टेम्बा बावुमा,…
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव देवाजीत सैकिया ने गुरुवार को कहा कि खराब मौसम के…
अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम की जीत के साथ-साथ युवा खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन…
अफगानिस्तान के खिलाफ खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम…
क्रिकेट में अक्सर कहा जाता है कि उपमहाद्वीप की पिचों पर स्पिन गेंदबाज मुकाबले का रुख बदल…
लखनऊ में भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में भी कुछ ऐसा ही…
बॉलीवुड एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा जल्द ही फिल्म वन (Vvaan: Force of the Forest) में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म में उनके साथ अभिनेत्री तमन्ना भाटिया भी मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म को एक सुपरनेचुरल थ्रिलर बताया जा रहा है। पहले यह फिल्म मई में रिलीज होने वाली थी, लेकिन रिलीज डेट में बदलाव कर दिया गया था।अब फिल्म को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। मेकर्स ने फिल्म के नए पोस्टर जारी करते हुए टीजर की रिलीज डेट का ऐलान कर दिया है।25 अगस्त को रिलीज होगा वन का टीजरसिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म वन का टीजर 25 अगस्त को रिलीज किया जाएगा। मेकर्स ने फिल्म के तीन नए पोस्टर शेयर किए हैं, जिनके जरिए फिल्म और टीजर से जुड़ी जानकारी दी गई है।पहले पोस्टर के साथ लिखा गया है, “जहां जाना सूरज डूबने के बाद होता है, कहानी वहीं से शुरू होती है।” इस लाइन ने फिल्म की…
क्या आप कभी भारत के ऐसे इलाके में घूमने गए हैं, जहां की सड़कें एकदम जिगजैग हों। ऐसा…
Hindi NewsCareerKannauj School Controversy | Principal Accused Of Making Students Clean4 मिनट पहलेकॉपी लिंक20 अगस्त 2026 को कन्नौज के गुगरापुर PMश्री कंपोजिट विद्यालय में जूनियर कक्षाओं के बच्चे स्कूल पहुंचे और स्कूल के बाहर खड़े होकर प्रदर्शन करने लगे। बच्चों ने प्रभारी प्रधानाध्यापक राकेंद्र सक्सेना की कार को घेर लिया और नारेबाजी की। उन पर कई आरोप भी लगाए।घटना के संबंध में वायरल वीडियो में सामने आया कि कुछ लोगों ने बच्चों को बिस्किट बांटे थे और लालच देकर प्रदर्शन कराया था। छात्रों ने पूछताछ में कुछ अज्ञात लोगों पर बिस्किट का लालच देने की बात कही। कुछ राजनीतिक लोग…
चीनी की कीमतों में अचानक आए उछाल के बीच उद्योग संगठन इस्मा ने सोमवार को कहा कि देश…
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने में देरी, प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई)…
राजेश रायतोक्या, 24 अगस्त वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत कम से कम आठ-नौ…
कोलकाता, चार अगस्त रोजमर्रा के उपभोग का सामान बनाने वाली (एफएमसीजी) प्रमुख कंपनी इमामी लिमिटेड का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू…
नयी दिल्ली, चार अगस्त पिडिलाइट इंडस्ट्रीज लिमिटेड का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में…
भले ही देश की तमाम राजनीतिक पार्टियां आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए अपनी-अपनी बिसात बिछाने में जुटी हों, लेकिन भारतीय राजनीति की इस शतरंज पर जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक और बड़ा ‘मास्टरस्ट्रोक’ चलने की संभावना जोर पकड़ रही है। हम आपको बता दें कि ‘एक देश, एक चुनाव’ का विचार अब महज बहस या चुनावी नारा नहीं रह गया है, भारत इसके क्रियान्वयन से कुछ ही कदम दूर दिखाई दे रहा है। एक ओर भाजपा देशभर में विभिन्न सामाजिक और पेशेवर वर्गों के बीच इस विचार के समर्थन में अभियान चलाकर जनमत तैयार करने में जुटी है, वहीं इस मुद्दे पर विचार कर रही संयुक्त संसदीय समिति भी राज्यों, विधायिकाओं, शिक्षाविदों, कानूनी विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से व्यापक चर्चा के बाद अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के चरण में पहुंच रही है। ऐसे में सियासी हलकों में यह सवाल तेजी से उठ रहा…
नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन स्थल “जंतर-मंतर” (वोट क्लब के बाद) पर 21 अगस्त 2026 को हुआ ‘आरक्षण हटाओ’ आंदोलन वास्तव में आरक्षण सुधार मुहिम बनकर रह गया। हालांकि इसके सामाजिक मिजाज और जनहितकारी तेवरों ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह घटनाक्रम भारतीय राजनीति के लिए महज एक और धरना नहीं है, बल्कि यह उस असंतोष की राजनीतिक अभिव्यक्ति है जो सरकारी नौकरियों, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा में अवसरों को लेकर सामान्य वर्ग के एक प्रतिभाशाली हिस्से, खासकर जेन-जी युवाओं में दिखाई दे रहा है। साथ ही प्रौढ़ और बुजुर्ग समाजसेवियों का समर्थन भी उन्हें प्राप्त है। इसलिए जंतर-मंतर की सियासी झाड़फूंक पर गौर फरमाना आवश्यक है, क्योंकि संविधान, राजनीति और सामाजिक न्याय की असली परीक्षा यहीं से शुरू होती है जो कब खत्म होगी, शायद नेताओं को भी नहीं पता, क्योंकि दो नावों की सवारी करने में वे माहिर जो होते हैं। कहना न होगा कि जिस तरह…
Credit Card Closure: क्या आपके पास ऐसा क्रेडिट कार्ड है जिसे आपने लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किया है? यदि हां, तो इसे नजरअंदाज करना हमेशा सही रणनीति नहीं है। वजह यह कि लंबे समय तक कार्ड का इस्तेमाल न करने से हर स्थिति में सीधे आपका CIBIL Score खराब नहीं होता, लेकिन कार्ड पर लगने वाले शुल्क, कार्ड के बंद होने और कुल उपलब्ध क्रेडिट लिमिट में बदलाव जैसी परिस्थितियां आपकी क्रेडिट प्रोफाइल को प्रभावित कर सकती हैं।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि RBI के मौजूदा नियमों के तहत यदि कोई क्रेडिट कार्ड एक वर्ष से अधिक समय तक इस्तेमाल नहीं किया गया है, तो कार्ड जारी करने वाली कंपनी को कार्डधारक को सूचित करके उसे बंद करने की प्रक्रिया शुरू करनी होती है। यदि सूचना के 30 दिनों के भीतर कार्डधारक की ओर से कोई जवाब नहीं मिलता, तो बकाया राशि के भुगतान के अधीन कार्ड बंद किया…
महाराष्ट्र में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी का व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य करने का फैसला अब केवल सरकारी घोषणा नहीं, बल्कि जमीनी कार्रवाई का रूप ले चुका है। राज्यभर में शुरू हुई जांच के पहले ही दिन 1,268 व्यावसायिक यात्री वाहन चालकों मुख्यतः ऑटो और टैक्सी चालकों, को मराठी का पर्याप्त ज्ञान नहीं होने पर नोटिस जारी कर दिया गया। राज्य सरकार इसे यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और महाराष्ट्र की भाषा-संस्कृति से जोड़ रही है, लेकिन इस कार्रवाई ने रोज़गार, प्रवासी चालकों की आजीविका, नियमों की अस्पष्टता और कानूनी वैधता को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, राज्य में ऑटो और टैक्सी चलाने के लिए मराठी का ‘वर्किंग नॉलेज’ यानी व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य है। राज्य सरकार का तर्क है कि चालकों को रोजमर्रा के कामकाज में यात्रियों से संवाद करना पड़ता है और कई शिकायतें मिली हैं कि कुछ…
कानूनी विवाद में वकील की फीस और अन्य खर्च कई बार लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाते हैं। खासकर घरेलू हिंसा, संपत्ति विवाद, तलाक, भरण-पोषण, कार्यस्थल पर उत्पीड़न या अन्य कानूनी मामलों में महिलाओं को जानकारी और कानूनी सहायता की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में सरकार की मुफ्त कानूनी सहायता व्यवस्था महिलाओं के लिए काफी उपयोगी है।सबसे खास बात यह है कि किसी महिला को मुफ्त कानूनी सहायता पाने के लिए केवल कम आय वाली होना जरूरी नहीं है। विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 के तहत महिला होने के आधार पर भी मुफ्त कानूनी सेवाएं ली जा सकती हैं। NALSA के अनुसार आर्थिक रूप से स्वतंत्र महिला भी मुफ्त कानूनी सहायता के लिए आवेदन कर सकती है।इसे भी पढ़ें: Masked Aadhaar Card क्या है, जानें कैसे यह आपके बैंक अकाउंट को फ्रॉड से रखता है सेफ?किन मामलों में मिल सकती है मदद?मुफ्त कानूनी सहायता केवल…
मणिपुर में जनगणना से पहले एनआरसी की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब बड़ा रूप ले चुका है और राज्य सरकार ही नहीं बल्कि केंद्र सरकार की चिंताएं भी बढ़ती जा रही हैं। मणिपुर में बड़े प्रयासों के बाद शांति स्थापित हुई लेकिन नये आंदोलन के चलते प्रशासन के हाथ पांव फूल रहे हैं और जनगणना प्रशिक्षण का काम कुछ जिलों में रोकना पड़ गया है। देखा जाये तो मणिपुर में ‘नो एनआरसी, नो सेंसस’ का नारा अब केवल जनगणना रोकने की मांग तक सीमित नहीं रह गया है। इसके पीछे विस्थापन, जनसंख्या में बदलाव, भूमि अधिकार, पहचान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर लंबे समय से चली आ रही चिंताएं हैं। तीन साल से अधिक समय से जातीय हिंसा की मार झेल रहे मणिपुर में जनगणना से पहले एनआरसी की मांग अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे का रूप ले चुकी है।बताया जा रहा है कि वर्तमान आंदोलन…
1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे सज्जन कुमार का गुरुवार को दिल्ली में निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे। एक समय ग्रामीण और बाहरी दिल्ली की राजनीति के सबसे ताकतवर चेहरों में गिने जाने वाले, जाट समाज में व्यापक जनाधार रखने वाले और राष्ट्रीय राजधानी की सियासत में कांग्रेस की सत्ता का मजबूत स्तंभ रहे सज्जन कुमार की जिंदगी आखिरकार एक ऐसे मोड़ पर खत्म हुई, जिसे उनके राजनीतिक उत्थान और बाद के पतन की पूरी कहानी के रूप में देखा जा सकता है। सत्ता के शिखर से लेकर तिहाड़ जेल तक का उनका सफर इस कड़वे सच की याद दिलाता है कि बुरे काम का अंजाम बुरा ही होता है। हम आपको बता दें कि पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को तिहाड़ जेल से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की…
सर्जियो गोर के एक बयान ने पाकिस्तान को ऐसा झटका दिया कि इस्लामाबाद ट्रंप प्रशासन पर बुरी तरह भड़क उठा। अमेरिका के भारत में राजदूत और दक्षिण व मध्य एशिया के विशेष दूत सर्जियो गोर ने श्रीनगर पहुंचकर जम्मू-कश्मीर को भारत का “महत्वपूर्ण हिस्सा” क्या बताया, पाकिस्तान की वर्षों पुरानी कूटनीतिक पटकथा ही हिल गई। प्रतिक्रिया इतनी तीखी थी कि पाकिस्तान ने अमेरिकी चार्जे डी’अफेयर्स नताली बेकर को विदेश मंत्रालय तलब कर बाकायदा “स्ट्रॉन्ग डिमार्श” थमा दिया और गोर के बयान को “गैर-जिम्मेदाराना” करार दे डाला। सवाल यह है कि आखिर गोर के शब्दों में ऐसा क्या था जिसने पाकिस्तान को सीधे अमेरिका से भिड़ने के लिए मजबूर कर दिया?दरअसल, श्रीनगर दौरे पर पहुंचे गोर ने साफ कहा, “यह भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और मैं यहां पहली बार आया हूं।” उन्होंने जम्मू-कश्मीर की खूबसूरती की तारीफ की, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की और कहा कि अमेरिका जम्मू-कश्मीर…
आधार आज कई सरकारी और निजी सेवाओं में पहचान के दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल होता है। बैंकिंग और दूसरी सेवाओं में KYC के लिए भी आधार का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में आधार नंबर को अनावश्यक रूप से सार्वजनिक करने से बचना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए Masked Aadhaar का विकल्प दिया गया है। इसमें आधार नंबर के ज्यादातर अंक छिपे रहते हैं और केवल आखिरी चार अंक दिखाई देते हैं।क्या होता है Masked Aadhaar?UIDAI के मुताबिक, Masked Aadhaar में आधार नंबर के पहले आठ अंक ‘xxxx-xxxx’ से छिपा दिए जाते हैं, जबकि केवल अंतिम चार अंक दिखाई देते हैं। यानी 12 अंकों का पूरा आधार नंबर दस्तावेज पर नजर नहीं आता। यह e-Aadhaar का ही एक रूप है। इसका मकसद जरूरत के मुताबिक पहचान का दस्तावेज उपलब्ध कराते हुए आधार नंबर के अनावश्यक खुलासे को कम करना है।इसे भी पढ़ें: Atal Pension Scheme: क्या…
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिया गया हालिया बयान केवल एक जहरीली एवं कड़वी राजनीतिक टिप्पणी ही नहीं है, बल्कि पाकिस्तान की उस मानसिकता का आईना है, जिसमें भारत के प्रति कटुता, अविश्वास, नफरत और वैचारिक विरोध आज भी गहरे पैठे हुए हैं। जरदारी ने ‘अखंड भारत’ की अवधारणा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारतीय इसमें विश्वास करते हैं, लेकिन वे मुसलमान होने के नाते इससे सहमत नहीं हैं। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान में हिंदुओं के सुरक्षित और सुखी होने का दावा भी किया। सवाल यह है कि दुनिया किसी राष्ट्राध्यक्ष के दावे पर विश्वास करे या आंकड़ों और जमीन पर दिखाई देने वाली वास्तविकता पर? इतिहास का न्याय भावनाओं से नहीं, तथ्यों से होता है। और पाकिस्तान के संदर्भ में जनसांख्यिकी, अल्पसंख्यकों की स्थिति, धार्मिक स्वतंत्रता और आतंकवाद-ये चारों क्षेत्र ऐसे आईने हैं जिनमें उसकी अपनी तस्वीर साफ दिखाई देती है।1947…
Supporting Student Journalist.
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