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ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच अब एक नई कूटनीतिक पहल सामने आई है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उम्मीद और अनिश्चितता दोनों को बढ़ा दिया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, ईरान ने युद्ध…
लखनऊ में लेखिका डॉ. शिवानी कटारा की पुस्तक “विकसित भारत का अमृतकाल” का भव्य विमोचन माननीय पंकज चौधरी (प्रदेश अध्यक्ष एवं केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री) के करकमलों द्वारा विधिवत रूप से सम्पन्न हुआ।इस गरिमामयी अवसर पर…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों की घड़ी करीब आ गई है। सोमवार को राज्य की 293 सीटों (फालता को छोड़कर) पर होने वाली मतगणना को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग ने कमर…
पुणे में चार साल की बच्ची के साथ हुए रेप और मर्डर की दर्दनाक घटना पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र…
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में पानी की टंकी पर फंसे दो बच्चों को भारतीय वायु सेना ने सुरक्षित बचा लिया…
दिल्ली के विवेक विहार इलाके में रविवार तड़के एक चार मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे…
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने फालता विधानसभा क्षेत्र में दोबारा चुनाव कराने के फैसले पर भाजपा नेता अमित…
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की फालता विधानसभा सीट पर हुई वोटिंग को रद्द कर दिया है। शनिवार को आयोग…
मध्य प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री उमा भारती आज यानी की 03 मई को अपना 65वां जन्मदिन मना रही हैं।…
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज यानी की 03 मई को अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। शांत स्वभाव,…
भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को आम आदमी पार्टी पर प्रतिशोध की राजनीति करने का आरोप लगाया। यह आरोप राज्यसभा…
नई दिल्ली। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह…
छत्तीसगढ़ पुलिस ने शनिवार को बताया कि बस्तर मंडल में माओवादियों के ठिकानों की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे…
साकेत की एक अदालत ने अल फलाह ट्रस्ट से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी जवाद अहमद सिद्दीकी…
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा प्रहार करते हुए, भाजपा नेता नलिन कोहली ने पार्टी की लगातार कानूनी चुनौतियों का उपहास…
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर एग्जिट पोल्स के अनुमानों ने राज्य की राजनीति को अत्यंत रोचक बना दिया है। विभिन्न सर्वेक्षणों में यह संकेत मिल…
चेन्नई में खेले गए अहम मुकाबले में तिलक वर्मा ने आखिरकार वह पारी खेली जिसका इंतजार टीम…
चेन्नई में खेले गए अहम मुकाबले में टीम इंडिया ने आखिरकार वह प्रदर्शन दिखाया जिसका इंतजार था।…
भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने कहा कि वह परिस्थितियों से सामंजस्य से बिठाने और बल्लेबाजों पर…
भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर ने टी20 विश्व कप में अभिषेक शर्मा की वापसी की सराहना…
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में शुक्रवार को…
विश्व चैंपियन डी गुकेश ने उज्बेकिस्तान के नोदिरबेक याकूबोव के साथ अंक बांटकर एक और ड्रॉ खेला,…
ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘वाराणसी’ की शूटिंग में जबरदस्त बिजी हैं। जिस कारण से एक्ट्रेस को कई प्रोग्रामों में जाना रद्द कर रही है। इस बीच खबर आईं कि प्रियंका इस बार मेट गाला 2026 में शामिल नहीं होगी। कल यानी 4 मई 2026 (सोमवार) को न्यूयॉर्क शहर के मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट में मेट गाला 2026 (Met Gala 2026) आयोजित होने जा रहा है। इस साल की थीम ‘कॉस्ट्यूम आर्ट’ (Costume Art) है, और ड्रेस कोड ‘फैशन इज़ आर्ट’ (Fashion is Art) रखा गया है। हालांकि, यह बात इसलिए ध्यान खींच रही है क्योंकि इस बार प्रियंका चोपड़ा रेड कार्पेट पर नजर नहीं आएंगी। एक्ट्रेस का गहरा जुड़ाव मेटा गाला के रेड कर्पेट पर रहा है। प्रियंका का दुनिया भर से आने वाले लोकप्रिय चेहरों में सबसे ज्यादा नाम रहा है।मेट गाला नहीं जाएंगी प्रियंकावैरायटी इंडिया की एक रिपोर्ट से पता चला है कि इस…
धुमक्कड़ लोग घूमने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। किसी को पहाड़ों पर जाना है , तो कोई…
Hindi NewsCareerBhopal NEET Aspirants House Collapses Day Before Exam, Doctor Dream Shattered14 मिनट पहलेकॉपी लिंकआज 3 मई को देशभर में NEET का एग्जाम हुआ। इससे ठीक एक दिन पहले, जहां एक ओर सारे एस्पिरेंट्स इसकी आखिरी तैयारी में लगे थे, वहीं दूसरी ओर भोपाल की NEET एस्पिरेंट अंकिता दांगी मलबे में से अपना एडमिट कार्ड खोज रही थी। वही मलबा जो शनिवार सुबह तक उसका घर था।17 साल की अंकिता दांगी ने सुबकते हुए कहा, ‘मैं ऐसी स्थिति में एग्जाम कैसे दूंगी? सब बिगाड़ दिया, हमारा घर-पढ़ाई और हमारा भविष्य। एक घर के साथ हमारी लाइफ खत्म कर दी।’अंकिता दांगी…
महंगाई का असर अब रोजमर्रा के सामान पर भी दिख सकता है। देश की बड़ी खाद्य कंपनी नेस्ले…
निजी क्षेत्र के बैंक एक्सिस बैंक ने शनिवार को यहां अपनी पहली डिजिटल लॉकर-केंद्रित शाखा का उद्घाटन किया। एक्सिस बैंक…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि वह अगले सप्ताह यूरोपीय संघ (ईयू) से आयातित कारों एवं ट्रकों…
घरेलू मुद्रा बाजार में बुधवार को एक बार फिर कमजोरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर…
वैश्विक स्तर पर बढ़ता तनाव कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव को सुर्खियों में ला दिया है। मौजूद जानकारी…
इंश्योरेंस का मकसद मन की शांति देना है, जब ज़िंदगी में अचानक कोई मुश्किल आती है – चाहे वह कार एक्सीडेंट हो, मेडिकल इमरजेंसी हो, घर में आग लग जाए, या कोई ट्रिप खराब हो जाए। लेकिन, अगर आपका इंश्योरेंस क्लेम अचानक रिजेक्ट हो जाए तो यह शांति खत्म हो सकती है।क्लेम रिजेक्ट होना कोई नई बात नहीं है। हर साल हज़ारों क्लेम ऐसे कारणों से रिजेक्ट हो जाते हैं जिन्हें अक्सर रोका जा सकता है। यह आर्टिकल इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने के सबसे आम कारणों के बारे में बताता है, बताता है कि क्लेम प्रोसेस कैसे काम करता है और इन महंगी गलतियों से बचने के लिए प्रैक्टिकल टिप्स देता है।इसे भी पढ़ें: क्या होता है होम लोन इंश्योरेंस और क्यों हैं इसे लेना फायदे का सौदा?इंश्योरेंस क्लेम क्या है?इंश्योरेंस क्लेम एक फॉर्मल रिक्वेस्ट है जो पॉलिसी होल्डर अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत कवर हुए नुकसान या डैमेज के…
घर खरीदना हर परिवार का बड़ा सपना होता है, जिसे पूरा करने के लिए अधिकांश लोग होम लोन लेते हैं। लेकिन अगर लोन चुकाने के दौरान कमाने वाले व्यक्ति के साथ कोई अनहोनी हो जाए तो परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। ऐसे जोखिम से बचाव के लिए होम लोन इंश्योरेंस अहम भूमिका निभाता है। लोन लेने वाले हमेशा इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि अगर जल्द ही उनके साथ कुछ अनहोनी हो गई तो वे अपने घर के लोन का बकाया नहीं चुका पाएंगे। कंज्यूमर नहीं चाहता कि उनकी असमय मौत के बाद होम लोन लेने का बोझ उनके परिवार पर पड़े। क्योंकि होम लोन एक लंबे समय के लोन से जुड़ा होता है जो 30 साल तक चल सकता है, इसलिए यह बात लोन लेने वाले के दिमाग में बार-बार आती है। इसलिए, लोन लेने वालों के लिए यह समझदारी है कि वे इसे ध्यान में…
बिहार में नए मुख्यमंत्री पद पर सम्राट चौधरी के चयन ने भाजपा को एक “नया चेहरा और नया नारा” दिया है, जिसे पार्टी पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में केंद्र में लेकर चल रही है। इसी वजह से बिहार के नए प्रमुख चेहरे के इस चयन से बंगाल में भी भाजपा की “लहर की बात” तेज़ी से चलने लगी है। चूंकि बिहार में सम्राट चौधरी का महत्व निर्द्वन्द है, इसलिए पश्चिम बंगाल के लोगों में भाजपा के प्रति विश्वास और गहरा हुआ। उल्लेखनीय है कि बिहार में नीतीश कुमार के बाद भाजपा ने पहली बार अपने प्रत्यक्ष नेता को मुख्यमंत्री बनाकर संकेत दिया है कि पार्टी अब “एनडीए के नेतृत्व” को भी भाजपा के नाम से बेचेगी। बता दें कि तारापुर की सियासत को लोककल्याण कारी दिशा देने वाले पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शकुनि चौधरी के यशस्वी पुत्र सम्राट चौधरी कुशवाहा (कोईरी/ओबीसी) समाज से हैं; लेकिन सवर्णों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं।…
भारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता आखिरकार आज नई दिल्ली में हस्ताक्षरित हो गया, जिसे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस समझौते पर भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मकले की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे एक पीढ़ी में एक बार होने वाला महत्वपूर्ण समझौता बताया, जो वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, निवेश प्रवाह और श्रम गतिशीलता के लिए नए रास्ते खोलेगा।हम आपको बता दें कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा। भारत सरकार ने इस अवसर को वैश्विक व्यापार के नए द्वार के रूप में प्रस्तुत किया है। पीयूष गोयल ने कहा कि भारत में व्यापार करना आसान बनाया जा रहा है, नियमों को…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुआ अभूतपूर्व बम्पर मतदान लोकतंत्र में लोक की आस्था का प्रमाण है। यह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। यह बताता है कि भारत के आम नागरिक का अपने संविधान, संवैधानिक प्रक्रियाओं और संस्थाओं पर कितना अटूट विश्वास है। राजनैतिक दलों के लिए इस मतदान में क्या छुपा है वो तो 4 मई 2026 को ज्ञात होगा किन्तु जनता जनार्दन अपना कर्तव्य निभाने में जीत चुकी है। राजनैतिक विश्लेषक बंगाल में बंपर मतदान के पीछे कई कारण बता रहे हैं जैसे कि मतदाता जागरूकता अभियानों में लगातार वृद्धि, महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी, बेहतर चुनाव प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही स्थानीय मुद्दों पर जागरुकता। बंगाल में एक बड़ा कारण जनमानस में राजनीतिक चेतना जाग्रत होना भी माना जा रहा है। कुछ लोग एसआईआर के कारन कम हुए मतदाताओं को ही इसका एकमात्र कारण बता रहे…
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार एक बड़ा बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। भाजपा, जिस पर लंबे समय से बाहरी होने का आरोप लगता रहा, उसने इस धारणा को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह पार्टी के नेता स्थानीय खानपान, परंपराओं और सांस्कृतिक प्रतीकों से जुड़ते नजर आए हैं, उससे बंगाल के लोगों के बीच यह संदेश गया है कि यह दल अब बाहरी नहीं, बल्कि अपना ही है। स्थानीय भोजन के साथ जुड़ाव ने इस राजनीतिक दूरी को कम करने में अहम भूमिका निभाई है और मतदाताओं के मन में अपनापन पैदा किया है।हम आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य में इस बार राजनीति और भोजन का एक अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। यह केवल प्रचार का तरीका नहीं, बल्कि पहचान, सांस्कृतिक जुड़ाव और स्वीकार्यता का प्रतीक बन गया है। जिस तरह फिल्मकार सत्यजीत रे…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बीच केंद्र सरकार ने देश की महिलाओं को संसद व राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ वर्ष 2034 की बजाए 2029 से देने के लिए 131वां संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया। यह संशोधन विधेयक पारित होने के लिए इसके पक्ष में दो तिहाई बहुमत चाहिए था। कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस व डीएमके जैसे दलों ने इस संशोधन को समर्थन नहीं दिया जिससे दो तिहाई बहुमत न मिलने के कारण यह 298 मतों के मुकाबले 230 मतों से गिर गया। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक गिरने के बाद विपक्षी दलों ने इसको प्रधानमंत्री की हार बताते हुए मेजें थपथपाकर जश्न मनाया। लोकसभा में विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि इन सभी विधेयकों में उत्तर दक्षिण से कोई भेदभाव नहीं किया गया है तथा सरकार इसका कोई क्रेडिट…
कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में दो महीनों के भीतर चार छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं केवल एक संस्थान की त्रासदी एवं नाकामी नहीं हैं, बल्कि पूरे भारतीय समाज, शिक्षा व्यवस्था और हमारी सामूहिक संवेदनहीनता पर लगा गहरा प्रश्नचिह्न हैं। ये घटनाएं हमें झकझोरती हैं कि आखिर वह कौन-सी परिस्थितियां हैं, जिनमें देश की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएं जीवन से हार मानने को विवश हो जाती हैं। कोई भी युवा, जो कठिन प्रतिस्पर्धा से गुजरकर ऐसे प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचता है, वह सहज रूप से जीवन का परित्याग नहीं करता, वह तब यह निर्णय लेता है जब उसे हर ओर अंधकार ही अंधकार दिखाई देता है। यह अंधकार केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक, पारिवारिक और संस्थागत विफलताओं का सम्मिलित परिणाम है। एक बड़ा सवाल है कि इस तरह छात्रों का आत्मघात करना क्या सपनों का बोझ है या सिस्टम की नाकामी? आज भारत का भविष्य कहे जाने वाले युवा जिस मानसिक…
पश्चिम बंगाल चुनाव दिनों-दिन बेहद दिलचस्प होता दिख रहा है। अजेय समझी जाने वाली ममता बनर्जी हैरान, परेशानी और आक्रोशित दिखाई दे रही हैं। हाल ही में एक चुनावी सभा में उनका ये बयान – ‘रहा तृणमूल तो फिर मिलेंगे’ ; ख़ूब चर्चा में है। जहां कुछ सियासी पंडित इसे ममता बनर्जी के चुनाव में सरेंडर करने से जोड़ रहे हैं। वहीं कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि- ये उनका शक्ति प्रदर्शन का अंदाज़ ए बयां है। लेकिन जिस तरह से पश्चिम बंगाल के चुनाव में दृश्य दिखाई दे रहे हैं। वो किसी भी लिहाज़ से ममता बनर्जी के पक्ष में नहीं हैं। अपने चुनावी अभियान के बीच ममता बनर्जी उकसावे वाले बयान दे रही हैं।चुनाव कराने आए सुरक्षाबलों के ख़िलाफ़ लोगों को उकसा रही हैं। 25 मार्च 2026 को दार्जिलिंग के नक्सलबाड़ी में नंदप्रसाद गर्ल्स हाई स्कूल के मैदान में आयोजित एक जनसभा में उनका उकसावे वाला बयान सामने…
इंडिया गठबंधन की विपक्षी एकजुटता ने पुनः सत्ताधारी गठबंधन एनडीए की नींद उड़ा दी है। ऐसा इसलिए कि लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, जो लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लाने से जुड़ा था, 16 अप्रैल 2026 को वोटिंग में गिर गया। इसके पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े, जबकि न्यूनतम दो-तिहाई बहुमत (लगभग 352 वोट) की आवश्यकता थी, जो सरकार के रणनीतिकारों ने नहीं जुटा पाए। शायद पहली बार सदन में अमित शाह की रणनीति पिट गई। इसका राजनीतिक प्रभाव यह रहा कि मोदी सरकार के लिए 12 साल में पहली बड़ी संवैधानिक हार हुई है, जो विपक्ष की एकजुटता को दर्शाता है।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे “संविधान पर हमला” बताकर कांग्रेस-विपक्ष की रणनीति की जीत घोषित की, जबकि भाजपा इसे विपक्ष विरोधी हथियार बनाने की योजना बना रही है। एक सत्ता विरोधी रणनीति के तहत जहां विपक्ष…
Supporting Student Journalist.
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