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टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक यूनिट में सामने आए कथित सेक्स स्कैंडल और धर्मांतरण रैकेट मामले में एक नया मोड़ आया है। अब तक मुख्य आरोपी और कंपनी की ‘HR हेड’ बताई जा रही निदा…
महिला आरक्षण संशोधन बिल पर संसद में जारी ऐतिहासिक चर्चा के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा को संबोधित किया। अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने न केवल इस बिल के महत्व को रेखांकित किया, बल्कि परिसीमन…
भारतीय संसदीय इतिहास में आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण होने जा रहा है। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने से संबंधित संशोधनों पर आज यानी शुक्रवार को चर्चा पूरी होगी,…
तमिलगा वेट्ट्री कज़गम (टीवीके) के प्रमुख विजय ने गुरुवार को आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए अपनी पार्टी का घोषणापत्र…
आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने महिला आरक्षण विधेयक से संबंधित मौजूदा परिसीमन प्रक्रिया का विरोध करते हुए…
कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने गुरुवार को कहा कि हालांकि उनकी पार्टी महिला आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन परिसीमन…
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने गुरुवार को राज्य के सांसदों से 131वें…
बिहार में नई सरकार के गठन के बाद बृहस्पतिवार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार बृहस्पतिवार दोपहर…
जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद संजय कुमार झा ने गुरुवार को परिसीमन विधेयक सहित संवैधानिक संशोधन विधेयकों के विरोध के…
हाल के हफ्तों में विधानसभा को लगातार मिल रही बम धमाकों की धमकियों के बाद दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि परिसीमन प्रक्रिया में राज्यों के बीच कोई भेदभाव नहीं होगा, चाहे वे…
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने गुरुवार को कहा कि परिसीमन प्रक्रिया का विरोध करना सही नहीं है और उन्होंने जोर…
कांग्रेस विधायक रमेश चेन्निथला ने गुरुवार को केरल में नेतृत्व को लेकर चल रहे विवाद को खत्म करने की कोशिश…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक पर लोकसभा में कहा कि हम सब भाग्यवान हैं कि ऐसे महत्वपूर्ण और…
पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान में एक रैली के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बंगाल में पहचान…
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हमारे देश के राजनेता भले ही चुनावों के दौरान दलित-महादलित-आदिवासी, ओबीसी-ईबीसी, अल्पसंख्यक-पसमांदा और गरीब सवर्ण आदि से जुड़े सामाजिक न्याय सम्बन्धी तरह-तरह की बातें करते हैं,…
बता दें कि टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप ए में यह मुकाबला पाकिस्तान के लिए बेहद…
टी20 विश्व कप में भारत का अगला मुकाबला टीम संयोजन के लिहाज से अहम माना जा रहा…
टी20 विश्व कप में भारत ने तीन मुकाबले खेल लिए हैं, लेकिन युवा ओपनर अभिषेक शर्मा का…
पाकिस्तान हॉकी टीम के ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद विवाद खड़ा हो गया है। टीम के कप्तान अम्माद…
स्पेनिश फुटबॉल में इस समय बार्सिलोना को लेकर सवालों का दौर जारी है। लगातार दो अहम मुकाबलों…
आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप के एक मुकाबले में पाकिस्तान ने नामीबिया को 102 रनों से हराकर…
भारतीय स्टार क्रिकेटर विराट कोहली एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका बल्ला नहीं बल्कि उनका इंस्टाग्राम ‘लाइक’ है। दक्षिण अफ्रीकी इन्फ्लुएंसर LizLaz की एक पुरानी फोटो को लाइक कर कोहली ने अनजाने में सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का तूफान खड़ा कर दिया है। यह घटना तब चर्चा में आई जब प्रशंसकों ने देखा कि कोहली ने इन्फ्लुएंसर LizLaz और फोटोग्राफर अद्वैत वैद्य की एक पोस्ट को लाइक किया है। हैरानी की बात यह है कि कोहली उस इन्फ्लुएंसर को फॉलो नहीं करते हैं। देखते ही देखते इस लाइक के स्क्रीनशॉट वायरल हो गए और प्रशंसकों ने इसे एक बड़े ‘मीम फेस्ट’ में बदल दिया। एक प्रशंसक ने चुटकी लेते हुए लिखा: “कोहली ने इंस्टाग्राम पर यह पोस्ट लाइक की। लगता है एल्गोरिदम पर एक और स्पष्टीकरण वाला पैराग्राफ लोड हो रहा है।” इसे भी पढ़ें: ‘महिला आरक्षण किसी दल की जीत नहीं, लोकतंत्र की मजबूती है’:…
भारत में घूमने के लिए कई लोकप्रिय जगहें है। जिन लोगों घूमने का काफी शौक होता है वे…
Hindi NewsCareerTIME 100 Most Influential: 3 Indians Included | April 17 Current Affairs13 मिनट पहलेकॉपी लिंकजानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं…नेशनल (NATIONAL)1. TIME 100 लिस्ट में 3 भारतीय शामिल15 अप्रैल को दुनिया की प्रतिष्ठित TIME मैगजीन ने 2026 की TIME 100 Most Influencial लिस्ट जारी की।इस लिस्ट में सुंदर पिचाई, रणबीर कपूर और शेफ विकास खन्ना को दुनिया के सबसे प्रभावी लोगों में शामिल किया गया है।सुंदर पिचाई को लिस्ट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेसी और टेक्नोलॉजी में योगदान के लिए शामिल किया गया।रणबीर कपूर को एक्टिंग के लिए…
दिल्ली की एक अदालत ने कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन के मामले में रिलायंस अनिल…
भारतीय नागरिक उड्डयन क्षेत्र में मचे उथल-पुथल के बीच एक बड़ी हलचल देखने को मिली है। सिंगापुर एयरलाइंस (SIA) के…
सरकारी कर्मचारी संघों ने 8वें वेतन आयोग के तहत एक महत्वाकांक्षी प्रस्ताव पेश किया है, लेकिन यह हकीकत में बदलेगा…
यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त और विश्व इंजीनियरिंग संगठन संघ (WFEO) द्वारा आयोजित सतत विकास के लिए विश्व इंजीनियरिंग दिवस (WED)…
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच भारत वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की तलाश कर रहा है, ऐसे में ऑस्ट्रेलिया और…
बिहार के नए सम्राट को फूलों की सेज नहीं, बल्कि कांटों का ताज मिला है। चाहे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हों, या पूर्व मुख्यमंत्री दम्पत्ति लालू प्रसाद और राबड़ी देवी, कभी भी चैन पूर्वक राज नहीं कर सके। लिहाजा, मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी उन जातीय और साम्प्रदायिक चुनौतियों से जूझना होगा, जो बिहार के विकास में शुरू से ही बाधक समझी गई हैं। लेकिन जिस प्रकार से आधुनिक बिहार के निर्माता और प्रथम मुख्यमंत्री श्री कृष्ण सिन्हा को कांग्रेस के सहयोग से लंबे समय तक राज करते हुए जनसेवा का मौका मिला, वैसी ही मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भाजपा के सहयोग से जनसेवा का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा भी है कि पार्टी ने उन्हें पद नहीं, जनसेवा का अवसर दिया है, इसलिए विकास, सुशासन और समृद्धि उनके शासन का मूलमंत्र होगा।बिहार के आर्थिक विश्लेषक बताते हैं कि बिहार के विकास में श्रीकृष्ण सिन्हा के बाद नीतीश कुमार…
असम, केरल व पुद्दुचेरी में विधानसभा चुनाव हेतु मतदान संपन्न हो जाने के बाद पश्चिम बंगाल व तमिलनाडु के चुनाव प्रचार मे आक्रामकता आ गई है। बंगाल के सन्दर्भ में प्राप्त विश्लेषणों के अनुसार ऐसा लग रहा है कि इन चुनावों में बंगाल में मात्र दो प्रतिशत मतों के अंतर से ही सरकार बनने का खेल होने वाला है। सत्ता के लिए प्रमुख लड़ाई चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए प्रयासरत ममता बनर्जी तथा भारतीय जनता पार्टी के बीच ही है और यही दोनों आक्रामक रूप से चुनाव प्रचार भी कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने पहले ममता सरकार के खिलाफ श्वेत पत्र जारी किया फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन विशाल जनसभाओं के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने भाजपा का संकल्प पत्र जारी किया। इस बीच बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व उनकी पार्टी के कुछ नेताओं ने बीजेपी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर हिंसा को बढ़ावा देने वाली…
हेल्थ इंश्योरेंस में Pre-existing Disease छुपाने से आपका क्लेम रिजेक्ट हो सकता है, पॉलिसी रद्द हो सकती है और भविष्य में इंश्योरेंस मिलना भी मुश्किल हो सकता है। पूर्व शोध IRDAI की रिपोर्ट के अनुसार हर साल लगभग 8 से 10 लाख क्लेम PED या उससे जुड़ी शर्तों की वजह से रिजेक्ट हो जाते हैं। जब आप अपना हेल्थ इंश्योरेंस कराते है, तो कंपनी आपकी पुरानी बीमारी यानी Pre-existing Disease का रिकॉर्ड मांगती है। यदि आप ऐसे मेंं झूठ बोलते है या जानकारी छुपाते हैं, तो कंपनी आपकी पॉलिसी तुरंत रद्द कर सकती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि यह ‘अतुल्य विश्वास’ (Uberrimae Fidei) के सिद्धांत का उल्लंघन है, जिसे बीमा कंपनी और कानून धोखाधड़ी मानते हैं।इसे भी पढ़ें: जानिए, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYMY) के तहत आपको मात्र 55-200 रुपये में कैसे मिलेगी 3000 पेंशन?अगर आप यह गलती कर चुके हैं, तो इंश्योरेंस कंपनी आपका क्लेम स्वीकार नहीं करेगी या आपका…
प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना (PM SYMY) असंगठित क्षेत्र के गरीब श्रमिकों के लिए एक सरकारी पेंशन योजना है, जिसके तहत 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3000 रुपये की पेंशन मिलती है। वो भी तब, जब आपने लगभग 55–200 रुपये प्रति माह इस फंड में योगदान दिया हो, जो कि उम्र के हिसाब से निर्धारित है। फिर इसमें सरकार आपके योगदान के बराबर ही अतिरिक्त राशि जमा करती है, जिससे लंबे समय में 3000 ₹ प्रतिमाह की पेंशन व्यवस्था बनती है। # समझिए, PM SYMY क्या है? यह किसके लिए है?PM SYMY एक “केंद्रीय क्षेत्र की पेंशन योजना” है जो असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों (रेहड़ी पटरी वाले, मजदूर, घरेलू कामगार, निर्माण मजदूर, एग्रीकल्चर वर्कर आदि) के लिए 2019 में शुरू की गई थी। इसे श्रम एवं रोजगार मंत्रालय चलाता है और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) पेंशन फंड के रूप में काम करता है। इसे भी पढ़ें: PM…
सरकारी मशीनरी के नाकारा होने के कारण देश में धार्मिक आयोजनों में भगदड़ जैसे हादसे रुक नहीं रहे हैं। हादसों ऐसी श्रृंखला में नालंदा मंदिर का हादसा भी जुड़ गया है। नालंदा के शीतला माता मंदिर में पूजा करने के दौरान भगदड़ मच गई और इसमें 9 लोगों की जान चली गई। आठ महिलाओं की भीड़ में दबने से मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक पुरुष ने अस्पताल में दम तोड़ा। चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार को शीतला अष्टमी के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में पहुंचे थे। वहां मेला भी लगा था। इसी दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज मंगलवार को नालंदा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति शामिल हुईं। दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने कई देशों के छात्रों को डिग्री व मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान दिया गया। राष्ट्रपति की यात्रा की सुरक्षा में 8 जिलों के 2500 जवानों को लगाया गया था,…
भारत के खिलाफ जहर उगलने के आदी पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने जब कोलकाता को निशाना बनाने की धमकी दी तो यह उनकी बौखलाहट का खुला प्रदर्शन था, लेकिन हैरानी इससे भी ज्यादा इस बात पर है कि भारत के भीतर कुछ नेता इस खोखली धमकी को लेकर हंगामा खड़ा कर रहे हैं। जिसे बार-बार उसकी हर हरकत पर मुंहतोड़ जवाब मिला हो, जिसे उसकी गुस्ताखियों की सजा उसके घर में घुसकर दी गई हो, उसकी गीदड़ भभकी पर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का शोर मचाना न केवल हास्यास्पद है बल्कि चिंताजनक भी है। देखा जाये तो यह एक कमजोर और बेअसर खतरे को बढ़ा चढ़ाकर पेश करने और चूहे को शेर बताकर लोगों में डर पैदा करने की कोशिश से ज्यादा कुछ नहीं है।हम आपको बता दें कि ख्वाजा आसिफ ने पिछले सप्ताह सियालकोट में मीडिया से बातचीत के दौरान यह दावा किया था कि भविष्य में…
वर्ष 2026 के पश्चिम बंगाल विधनासभा चुनाव घोषित हो चुके हैं। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है वैसे वैसे राज्य की राजनीति का पारा चढ़ रहा है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए अपने प्रचार को आक्रामक बना चुकी हैं। उनके लिए इस बार राह उतनी आसान नहीं है। भारतीय जनता पार्टी भी इस बार हर हाल में बंगाल में अपनी सरकार बनाने को संकल्पबद्ध है। बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सभा में कहा था कि गंगा नदी बिहार से ही बंगाल में जाती है और उसी दिन से बंगाल मे राजनीतिक तपिश का अनुभव होने लगा था। बंगाल में ममता दीदी के चौथी बार मुख्यमंत्री बनने की राह बहुत आसान नहीं है क्योकि कांग्रेस और वामपंथी दल भी पूरी ताकत से ममता दीदी को हराने के लिए काम कर रहे हैं। उनकी अपनी ही पार्टी के निष्कासित विधायक…
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वर्ष 2021 में बैंक लॉकर सुविधा के लिए विभिन्न संशोधित दिशानिर्देश जारी किए, जो विगत 1 जनवरी 2022 से लागू हैं। इनके तहत बैंक लॉकर से सामान गायब होने पर बैंक की जिम्मेदारी तय की गई है। साथ ही ग्राहक की लापरवाही के बारे में भी नियमसम्मत जानकारी उपलब्ध कराई गई है ताकि किसी भी प्रकार का नीतिगत विरोधाभास नहीं बचे। यही वजह है कि बैंक लॉकर के धंधे में तेजी आई है।इस बारे में मुख्य गाइडलाइंस निम्नलिखित है- आरबीआई के अनुसार, बैंक लॉकर की सामग्री का इन्वेंटरी रखने या उसके मूल्य की जांच करने का अधिकार बैंक को नहीं है।हां, लॉकर हायरर को अवैध या खतरनाक वस्तुएं रखने की मनाही है, और बैंक को अपनी सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी होती है। इसलिए लॉकर एग्रीमेंट में ये शर्तें शामिल होनी चाहिए।इसे भी पढ़ें: नए इनकम टैक्स ड्राफ्ट नियमों के बीच चर्चा में आई Old Regime,…
प्रस्तावित ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स, 2026 पुराने बनाम नए टैक्स सिस्टम की बहस को चुपचाप बदल सकता है। हालांकि इनकम टैक्स एक्ट, 2025 ने एक बड़ा स्ट्रक्चरल रीसेट और टैक्स की भाषा को आसान बनाया, लेकिन ज़्यादातर टैक्सपेयर्स के लिए असली सवाल आसान है: क्या मैं ज़्यादा टैक्स बचाऊंगा? नया एक्ट और नियम 1 अप्रैल, 2026 (टैक्स साल 2026–27) से लागू होंगे। नए इनकम टैक्स ड्राफ्ट नियम 2026 के सामने आने के बाद एक बार फिर Old Tax Regime चर्चा में है। अब तक सरलता और कम दरों के कारण New Tax Regime को बढ़त मिल रही थी, लेकिन प्रस्तावित बदलावों ने पुराने सिस्टम को फिर प्रतिस्पर्धी बना दिया है।हालांकि ये नियम अभी ड्राफ्ट फॉर्म में हैं, लेकिन ये सिर्फ प्रोसेस और लिमिट बदलने से कहीं ज़्यादा हैं। ड्राफ्ट नियम चुपचाप यह बताते हैं कि कई नई छूट, एग्ज़ेम्प्शन और ज़्यादा लिमिट से मुख्य रूप से पुराने टैक्स सिस्टम के तहत…
देश में समय के साथ लोकतंत्र के परिपक्कव होने के बजाए कमजोर होने की आहट आ रही है। आजादी के बाद देश में ऐसा पहली बार हुआ है कि संवैधानिक संस्थाओं को पक्षपात के आरोपों के कारण कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। इन संस्थाओं के कामकाज के तौर—तरीकों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इन पर पूरी तरह से सत्तारुढ केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के इशारों पर काम करने करने और विपक्ष के अधिकारों को दबाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोपों के इस घेरे में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के सभापति रहे जगदीप धनखड़, भारत के नियंत्रक-महालेखा परीक्षक और अब मुख्य चुनाव आयुक्त आ चुके हैं।लोकसभा स्पीकर को हटाने के लिए 118 विपक्षी सांसदों के समर्थन से अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। विपक्षी सांसदों का दावा था कि ओम बिरला ने “पक्षपातपूर्ण व्यवहार” दिखाया है और उनका कार्यालय अपेक्षित निष्पक्षता बनाए रखने में विफल…
Supporting Student Journalist.
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