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उच्चतम न्यायालय ने 2020 से 2022 के दौरान भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) के पूर्व सचिव की ओर से दायर जमानत याचिका पर सोमवार को केंद्रीय अन्वेषण…
ANIतेलंगाना के नागरकुर्नूल ज़िले में श्रीशैलम घाट रोड पर सोमवार सुबह एक तूफ़ान गाड़ी और बुलेट मोटरसाइकिल की टक्कर में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने मौके पर…
यूक्रेन से युद्ध शुरू होने के बाद रूस में पहली बार हुए संसदीय चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की समर्थित यूनाइटेड रशिया पार्टी ने देश की संसद में अपना बहुमत बरकरार रखा है। अधिकारियों ने यह…
दिल्ली में वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ (SIR) के दौरान दी गई जानकारी में गड़बड़ियों को लेकर कई बड़े…
ANIबीजेपी नेता राम कदम ने शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत की आलोचना की है। राउत ने दिशा सालियन के पिता…
चेयरपर्सन चुनाव से पहले, राजस्थान की तिजारा म्युनिसिपल काउंसिल के 18 कांग्रेस पार्षद हिमाचल प्रदेश से लौटते समय हरियाणा में…
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी से 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन पर जल्द…
भारतीय जनता पार्टी के सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को कांग्रेस पार्टी की आलोचना करते हुए कहा…
ANIलद्दाख को राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम…
उत्तर प्रदेश में 2027 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर अभी से ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो…
मणिपुर पहुंचने पर यहां हवाई अड्डे से कथित तौर पर अगवा किए गए पश्चिम बंगाल के एक व्यक्ति को सुरक्षा…
Prabhasakshiउत्तर दिल्ली के सदर बाजार इलाके में 11 साल की बच्ची का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में पुलिस ने…
Prabhasakshiराजस्थान में 273 नगर निकायों के प्रमुखों के चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए…
Prabhasakshiबेंगलुरु दक्षिण जिले में बच्चों के यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार 49 वर्षीय शिक्षक शशिधर ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय…
केरल में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुए भूस्खलन (Landslides) और अचानक आई…
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अक्सर विवादित बयान देकर सुर्खियों में रहने वाले पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के हालिया बयान ने भारतीय राजनीति में एक बार फिर राष्ट्रवाद, सांप्रदायिकता और कांग्रेस…
इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला शुरू होने से पहले भारतीय टीम ने बर्मिंघम के…
विश्व कप 2026 में शानदार प्रदर्शन करने के बाद नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हालांड एक बार…
विश्व कप से बाहर होने के बाद आम तौर पर किसी भी टीम के खिलाड़ियों के चेहरे…
विश्व फुटबॉल में पिछले कुछ दिनों से लगातार दुखद खबरें सामने आ रही हैं। दक्षिण अफ्रीका के…
विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल में मंगलवार को फ्रांस और स्पेन के बीच होने वाला मुकाबला बेहद…
हॉकी इंडिया ने मस्कट में 20 से 25 जुलाई तक होने वाली पहली युवा हॉकी फाइव्स एशियाई…
अभिनेत्री रश्मिका मंदाना की आने वाली फिल्म ‘मायसा’ का टीजर जारी हो गया है। टीजर में रश्मिका एक ऐसे किरदार में नजर आ रही हैं, जो उनके अब तक के निभाए किरदारों से काफी अलग है। फिल्म में वह एक गोंड महिला की भूमिका निभा रही हैं, जिसे सामाजिक बंदिशों और कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। हालांकि, वह इन चुनौतियों के आगे झुकने के बजाय उनका सामना करती नजर आती हैं।मुश्किलों के खिलाफ लड़ती नजर आईं रश्मिकाटीजर में मायसा ऐसी महिला के रूप में दिखाई गई हैं, जो अपने रास्ते में आने वाली हर मुश्किल से लड़ने का फैसला करती है। उनके किरदार का एक बेहद मजबूत और जुझारू रूप देखने को मिलता है। युद्ध का ऐलान करने के उनके फैसले के साथ ही कहानी में संघर्ष और अपने अस्तित्व के लिए लड़ाई की झलक मिलती है।इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी के मंच पर कॉमेडी, फिर नोएडा शो…
इंफाल एयरपोर्ट को देखकर आपका दिल खुश हो जाएगा। मणिपुर शैली की हरी छतों वाला यह छोटा और…
जिस यूपीआई ने भारत में भुगतान की आदत बदल दी, अब उसी यूपीआई की अर्थव्यवस्था बदलने जा रही है। मोबाइल निकाला, क्यूआर कोड स्कैन किया और भुगतान हो गया, न नकदी की जरूरत, न खुले पैसे की चिंता और न किसी अतिरिक्त शुल्क का झंझट। चाय की दुकान से लेकर मॉल तक, रेहड़ी-पटरी वाले से लेकर बड़े कारोबारी प्रतिष्ठानों तक यूपीआई भारतीय जीवन का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (पी2एम) लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू करने का निर्णय केवल भुगतान उद्योग का व्यावसायिक निर्णय नहीं…
ANIमीडिया से बातचीत के दौरान गोयल ने कहा मैंने शुक्रवार को मुंबई में कनाडा के साथ व्यापार समझौते…
अगर आप घरेलू गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सरकारी सहायता का लाभ लेते हैं तो आपके लिए यह खबर जरूरी…
टाटा समूह के भीतर चल रहा विवाद अब कानूनी लड़ाई की तरफ बढ़ता दिख रहा है। टाटा ट्रस्ट्स ने वरिष्ठ…
ओला इलेक्ट्रिक को उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई-वाहन) के तहत 95.81 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए भारी…
ई20 पेट्रोल को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने स्थिति साफ कर दी है। कंपनी…
उत्तर प्रदेश की राजनीति को देश के सत्ता मार्ग का सबसे बड़ा प्रवेश द्वार माना जाता है। यहाँ का हर चुनावी समर राजनीतिक सिद्धांतों, सामाजिक इंजीनियरिंग और रणनीतिक पैंतरों की एक नई प्रयोगशाला बन जाता है। इस समय सूबे की सियासत 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट से पूरी तरह गर्म हो चुकी है। इस बार का विमर्श लोक-कल्याणकारी नीतियों या पारंपरिक विकास मॉडलों पर कम, बल्कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के “बदलते वैचारिक और प्रतीकात्मक रंगों” पर ज्यादा केंद्रित है। कभी लाल टोपी और हरे झंडे के पर्याय रहे अखिलेश यादव के इस नए राजनीतिक कलेवर ने उत्तर प्रदेश के पूरे राजनीतिक परिदृश्य को एक नई बहस में झोंक दिया है। उनके इस नए तेवर को जहां विपक्षी दल चुनावी अवसरवाद और “गिरगिट की तरह रंग बदलने” की संज्ञा दे रहे हैं, वहीं सपा के रणनीतिकार इसे बहुजन और वंचित समाज को एकजुट करने की एक व्यापक…
उत्तर प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में साल 2024 का लोकसभा चुनाव एक ऐसे मोड़ के रूप में दर्ज हो चुका है, जिसने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अजेय मानी जाने वाली छवि को गहरा धक्का पहुँचाया। दिल्ली की सत्ता पर लगातार तीसरी बार काबिज होने के बावजूद, देश के सबसे बड़े और राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश में पार्टी की सीटों का आंकड़ा लगभग आधा रह जाना एक ऐसी चेतावनी थी, जिसे नजरअंदाज करना आत्मघाती साबित हो सकता था। इस चुनावी झटके ने जहाँ एक ओर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन को नई ऊर्जा दी, वहीं दूसरी ओर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को आत्ममंथन और अपनी रणनीतियों को नए सिरे से परिभाषित करने पर मजबूर कर दिया। अब जबकि राज्य साल 2027 के विधानसभा चुनाव के मुहाने पर खड़ा है, भाजपा का पूरा ध्यान केवल सत्ता बचाने पर नहीं, बल्कि अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन…
भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ भी कर गुजरने को तैयार हो जाते हैं। पश्चिम एशिया में होर्मुज और बाब-अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर दबाव बढ़ा तो भारत ने हाथ पर हाथ रखकर बैठने की बजाय अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए नए रास्तों की तलाश तेज कर दी। इसी कूटनीतिक और रणनीतिक सक्रियता के बीच ओमान ने भारत के सामने ऐसा जोरदार प्रस्ताव रख दिया है, जो आने वाले समय में खाड़ी क्षेत्र से भारत तक तेल और ऊर्जा संसाधनों की निर्बाध आपूर्ति के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। हम आपको बता दें कि ओमान ने भारत को अपने सोहार बंदरगाह में निवेश का न्योता दिया है। यह ऐसा बंदरगाह है जो होर्मुज जलडमरूमध्य से दूर है और संकट के समय भारत के लिए खाड़ी तक पहुंच का एक वैकल्पिक और सुरक्षित द्वार बन सकता है।नई दिल्ली में 16 सितंबर…
यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) की 10 वर्षों की गौरवमयी यात्रा और अभूतपूर्व सफलता के बाद केंद्र सरकार ने आगामी 15 अक्तूबर 2026 से इसके माध्यम से दो हजार रुपए से अधिक के कारोबारी भुगतान पर कारोबारियों के लिए 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने का निर्णय लिया है।झूठ की गूंज एक्सप्रेस चलाने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व वाला इंडी गठबंधन इस निर्णय के लिए सरकार पर अमेरिकी दबाव में झुकने, घुटने टेकने जैसे आरोप लगा रहा है। विपक्ष सोशल मीडिया पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क को मोदी टैक्स बताकर इसे तत्काल वापस लेने की मांग कर रहा है। 2000 से ऊपर के कारोबारी भुगतान के इस 0.4 प्रतिशत शुल्क पर विपक्ष के झूठ की गूंज सोशल मीडिया से लेकर व्यापारियों तक पहुंच चुकी है। राजधानी लखनऊ व उत्तर प्रदेश के व्यापारी इसका प्रबल विरोध कर रहे हैं जबकि पेट्रोल पंप कंपनियां इस टैक्स को वापस लेने के…
नई दिल्ली ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के तुरंत बाद जिस गति से पड़ोसी देशों के साथ उच्चस्तरीय संपर्क बढ़ाया है, उसने भारतीय विदेश नीति के अगले चरण की तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी के बाद भारत ने हिमालयी पड़ोस और हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी सक्रियता तेज कर दी है।भूटान में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की यात्रा इसका सबसे ताजा उदाहरण है। 16 से 18 सितंबर तक की यात्रा में जयशंकर ने भूटान के प्रधानमंत्री के अलावा विदेश मंत्री डी.एन. ढुंगयेल के साथ विकास, ऊर्जा, व्यापार, संपर्क, संस्कृति और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों पर व्यापक चर्चा की। इसके साथ ही भारत ने तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे बढ़ाकर यह संदेश दिया कि भूटान के साथ संबंध केवल पारंपरिक मित्रता तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले विकास और रणनीतिक सहयोग पर…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज विकास के पथ पर तेज़ी से अग्रसरित भारत, विकसित भारत बने के लिए सर्वांगीण विकास के कार्यों को धरातल पर मूर्त रूप देते हुए सफलता के नित-नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में तेज़ी से आर्थिक सुधार हो रहे हैं, मोदी ने देश में परिवर्तन लाने के लिए शहर, कस्बों से लेकर के गांव, दुर्गम दूरदराज के इलाकों तक में भी अब विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के अनवरत विकास का कार्य युद्ध स्तर पर चलवाने का कार्य कर रखा है। 21वीं सदी की आधुनिकता की दौड़ में एआई व डिजिटल क्रांति के क्षेत्र में भारत दुनिया भर में अपना लोहा मनवाने का कार्य कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विज़न के दम पर स्वदेशी को तेज़ी से बढ़ावा देकर के भारत तेज़ी से आत्मनिर्भर बनने का मुकाम हासिल कर रहा है। देश में विश्वस्तरीय आधुनिक सड़क, सागर…
दिल्ली में हुई ब्रिक्स शिखर बैठक को अगर केवल एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन मानकर देखा जाएगा तो उसकी असली राजनीतिक अहमियत समझ में नहीं आएगी। देखा जाये तो यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब दुनिया कई मोर्चों पर तनाव, युद्ध, अविश्वास और बदलते शक्ति-संतुलन से गुजर रही है। ऐसे माहौल में भारत ने जिस तरह अलग-अलग ध्रुवों के देशों को एक मंच पर बैठाया, संवाद के रास्ते खोले और मतभेदों के बावजूद सहयोग की जमीन तैयार की, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति के लिए एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि के तौर पर सामने आई है।ब्रिक्स की इस बैठक की सबसे बड़ी सफलता यही रही कि भारत ने उन देशों के बीच भी संवाद की संभावना पैदा की, जिनके बीच गहरे मतभेद हैं। ईरान और खाड़ी के देशों के बीच बातचीत इसका सबसे महत्वपूर्ण उदाहरण है। पश्चिम एशिया लंबे समय से टकराव, अविश्वास और संघर्ष का मैदान बना हुआ है।…
आजकल म्यूचुअल फंड में निवेश करने का प्रचलन बढ़ा है, क्योंकि इसमें थोड़ी सी जोखिम उठाने और सही रणनीति अपनाने से बैंक ब्याज या एफडी से ज्यादा रिटर्न प्राप्त होता है। इसलिए वित्तीय सलाहकार बताते हैं कि म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय सबसे बड़ी गलती रिटर्न के पीछे भागना और अपने लक्ष्य, जोखिम तथा समय-अवधि को नजरअंदाज करना है। देखा जाए तो म्यूचुअल फंड के निवेशक 10 आम गलतियाँ कर ही बैठते हैं। प्रायः हर किसी से यह हो जाती हैं। इसलिए इन गलतियों से बचें और एक बेहतर आर्थिक भविष्य प्राप्त करें। म्यूचुअल फंड निवेश की कुछ महत्वपूर्ण गलतियाँ निम्नलिखित हैं:-पहला, सिर्फ पिछले रिटर्न देखकर फंड चुनना: पिछले 1–3 साल का शानदार प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं है। इसलिए फंड की रणनीति, जोखिम और लंबी अवधि का प्रदर्शन भी देखें। अन्यथा भविष्य में आपको हानि उठानी पड़ सकती है।इसे भी पढ़ें: वाहन खरीदा, लेकिन छह महीने तक…
पश्चिम बंगाल में शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की ओर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख शैक्षणिक प्रकल्प विद्या भारती के कम से कम एक हजार नए विद्यालय स्थापित करने का लक्ष्य केवल विद्यालयों की संख्या बढ़ाने की घोषणा नहीं है, बल्कि इसे राज्य की शिक्षा-दृष्टि में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के संकेत के रूप में देखा जाना चाहिए। 4 सितंबर 2026 को सामने आई इस घोषणा के अनुसार अगले एक वर्ष में राज्य के प्रत्येक जिले, नगरपालिका और पंचायत तक विद्या भारती के विद्यालयों का विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में पश्चिम बंगाल में विद्या भारती से जुड़े 313 विद्यालय संचालित होने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने विद्या भारती के नेतृत्व को राज्य सचिवालय में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर इस योजना को आगे बढ़ाने का भी निमंत्रण दिया है। यह घोषणा इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि विद्या भारती आज देश…
उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनाव सिर्फ वोटों की गिनती से नहीं जीते जाते। यहां जाति, जज्बात, चेहरा और संदेश, इन चारों का सही तालमेल सत्ता तक पहुंचने का रास्ता बनाता है। 2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर जरूर है, लेकिन सियासी बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी अपनी पुरानी साइकिल में नए राजनीतिक पुर्जे लगाने में जुटे हैं। मकसद सपा को उसकी पुरानी छवि से बाहर निकालना है, जिसे विरोधी लंबे समय से एक खास सामाजिक दायरे और सत्ता में कथित तौर पर आक्रामक राजनीति से जोड़ते रहे हैं। अखिलेश की नई रणनीति में जातीय समीकरण भी है, हिंदू प्रतीक भी हैं, पीडीए का विस्तार भी है और सबसे दिलचस्प बात यह है कि डिंपल यादव के रूप में एक नया और अपेक्षाकृत शांत चेहरा भी है।डिंपल की बढ़ती भूमिका और ‘सॉफ्ट पॉलिटिक्स’देखा जाये तो अब तक डिंपल यादव की राजनीति अपेक्षाकृत…
Supporting Student Journalist.
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