महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि कुछ समय तक औद्योगिक विकास की रफ्तार धीमी रहने के बाद नासिक में अब उद्योग क्षेत्र फिर से गति पकड़ रहा है और अगले पांच वर्षों में यह महाराष्ट्र के प्रमुख वृद्धि केंद्रों में शामिल हो जाएगा। फडणवीस ने पुणे स्थित सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय के नासिक उपकेंद्र में प्रशासनिक भवन का उद्घाटन करने के बाद कहा कि मौजूदा सदी के पहले दशक में कई समस्याओं के कारण उत्तर महाराष्ट्र के इस शहर में औद्योगिक वृद्धि की रफ्तार प्रभावित हुई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दौरान छत्रपति संभाजीनगर और पुणे के आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ा, जबकि नासिक में निवेश लगभग स्थिर रहा।
उन्होंने कहा, “मुझे बहुत खुशी है कि इसके बावजूद पिछले 10-12 वर्षों में नासिक को अलग-अलग तरीकों से आगे बढ़ाया गया है और यहां विभिन्न क्षमताएं विकसित हुई हैं। आज नासिक एक बार फिर नई शुरुआत कर रहा है।”
मुख्यमंत्री के साथ ही वित्त विभाग के प्रमुख की जिम्मेदारी भी संभालने वाले फडणवीस ने कहा, ‘‘अगले पांच वर्षों में नासिक महाराष्ट्र के सबसे महत्वपूर्ण वृद्धि केंद्रों में से एक होगा।’’
उन्होंने कहा कि पड़ोसी पालघर जिले में बन रहा वधावन बंदरगाह नासिक के लिए नए अवसर खोलेगा। सरकार नासिक को वधावन बंदरगाह से सीधे जोड़ने वाला मार्ग विकसित कर रही है।
इस मार्ग के बनने से नासिक इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक एवं निर्यात के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बन जाएगा। मुख्यमंत्री ने शैक्षणिक संस्थानों से भविष्य में रोजगार पैदा करने वाले क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए अपने पाठ्यक्रम तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने विभिन्न विषयों को जोड़ने वाले ‘सैंडविच’ पाठ्यक्रम शुरू करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
फडणवीस ने कहा कि ज्ञान के किसी भी क्षेत्र को अलग-थलग करके नहीं देखा जा सकता।
