मद्रास उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को तमिलनाडु के मंत्री आधव अर्जुन की उस याचिका पर द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन को नोटिस जारी करने का आदेश दिया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ अपमानजनक बयान देने के लिए एक करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। न्यायमूर्ति के. गोविंदराजन थिलाकवडी ने द्रमुक की आईटी शाखा को भी नोटिस जारी करने का आदेश दिया और मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर के लिए तय की। मंत्री की याचिका में स्टालिन और द्रमुक की आईटी शाखा को उनके बारे में ‘‘झूठे और अपमानजनक’’ बयान प्रकाशित करने से रोकने का भी अनुरोध किया गया है।
आरोप है कि आठ जून, 2026 को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर द्रमुक की आईटी शाखा के आधिकारिक अकाउंट के जरिए अर्जुन के खिलाफ झूठा, दुर्भावनापूर्ण और अपमानजनक आरोप प्रकाशित किया गया था। इस प्रकाशन से वादी की प्रतिष्ठा, सम्मान, विश्वसनीयता और सार्वजनिक छवि को अपूरणीय और गंभीर नुकसान पहुंचा है। अर्जुन ने याचिका में कहा कि जिस प्रकाशन पर सवाल उठाया गया है, वह किसी सोशल मीडिया कर्मचारी द्वारा बिना इजाजत किया गया काम नहीं था, बल्कि इसे स्टालिन की योजना, निर्देशों और मंजूरी के तहत प्रकाशित किया गया था।
याचिका में कहा गया कि प्रवर्तन निदेशालय की कार्यवाही में जिस व्यक्ति का जिक्र किया गया है, वह वादी का रिश्तेदार नहीं था। यह आरोप बिना किसी पुष्टि या सबूत के और सच्चाई को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए प्रकाशित किया गया है।
