पुलिस की एक टीम ने बुधवार तड़के मलयालम समाचार चैनल ‘रिपोर्टर टीवी’ के कोच्चि स्थित मुख्यालय में तलाशी ली। चैनल ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से उसके समाचार संचालन में बाधा पहुंची। चैनल के अनुसार, पुलिसकर्मी पत्रकारों और अन्य कर्मचारियों के मोबाइल फोन अपने साथ ले गए।
चैनल ने बताया कि तलाशी न्यूज़ डेस्क पर ली गई, जहां आम तौर पर केवल पत्रकार और तकनीकी कर्मचारी काम करते हैं। चैनल का आरोप है कि अधिकारी आधे घंटे से अधिक समय तक कार्यालय में मौजूद रहे, लेकिन उन्होंने तलाशी का कारण या अन्य विवरण स्पष्ट नहीं किया। ड्यूटी पर आए पत्रकारों के निजी इस्तेमाल वाले मोबाइल फोन भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए।
माना जा रहा है कि यह कार्रवाई केरलम में पिछली वामपंथी सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए मेस्सी-अर्जेंटीना फुटबॉल कार्यक्रम के विफल होने से जुड़े विवाद की जांच से जुड़ी है। विशेष जांच दल (एसआईटी) कथित तौर पर पांच स्थानों पर तलाशी ले रहा है। इनमें कोच्चि में ‘रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी’ के मालिक ऑगस्टीन बंधुओं के आवास, कंपनी का कार्यालय और वायनाड स्थित उनका पारिवारिक घर शामिल हैं।
चैनल ने आरोप लगाया कि तलाशी का उद्देश्य उसके प्रसारण कार्य में बाधा डालना था। विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा की और आरोप लगाया कि न्यूज़ डेस्क तक पहुंचना तथा पत्रकारों के फोन जब्त करना मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला है। विजयन ने एक बयान में कहा कि पुलिसकर्मी तड़के ‘न्यूज़ डेस्क पर आ गए’ और करीब डेढ़ घंटे तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने पत्रकारों की वीडियो रिकॉर्डिंग की। विजयन ने इस कार्रवाई की तुलना अन्य राज्यों और दिल्ली में मीडिया संस्थानों से जुड़े मामलों से की और कहा कि मुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री को मीडिया स्वतंत्रता पर इस कथित हमले पर जवाब देना चाहिए। चैनल और विजयन द्वारा लगाए गए आरोपों पर पुलिस का पक्ष तत्काल उपलब्ध नहीं हो सका।
