कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 26 मई को नई दिल्ली की यात्रा पर जा रहे हैं, जहां वे कांग्रेस के उच्च कमान के नेताओं – सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खर्गे और केसी वेणुगोपाल – के साथ उच्च स्तरीय विचार-विमर्श करेंगे। इस यात्रा को राज्य के राजनीतिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री मुख्य रूप से पार्टी नेतृत्व से अपने मंत्रिमंडल में बहुप्रतीक्षित फेरबदल के लिए मंजूरी लेंगे, और यह पहला बड़ा फेरबदल होगा।
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प्रस्तावित फेरबदल से सरकार में बेहतर प्रतिनिधित्व और प्रदर्शन-आधारित बदलावों की लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने की उम्मीद है। मंत्रिस्तरीय फेरबदल के अलावा, राज्यसभा चुनावों के लिए तीन उम्मीदवारों के नामों और विधान परिषद के लिए नामांकनों पर भी चर्चा होने की संभावना है। एमएलसी चुनाव के बाद, कांग्रेस ऊपरी सदन में सबसे बड़ी पार्टी होगी और अगले अध्यक्ष के भी इसी पार्टी से होने की संभावना है। ये नियुक्तियाँ परिषद में पार्टी की उपस्थिति को मजबूत करने और महत्वपूर्ण चुनावी मुकाबलों से पहले वफादारों को पुरस्कृत करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
कुछ हलकों में यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि इस दौरे के दौरान कर्नाटक कांग्रेस के नेतृत्व का व्यापक मुद्दा उठ सकता है, लेकिन पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने ऐसी बातों को “कोरी कल्पना” बताकर खारिज कर दिया। नेता के अनुसार, नेतृत्व का मुद्दा एजेंडा में नहीं है और मौजूदा व्यवस्था के पक्ष में पहले से ही सुलझा हुआ है। दिल्ली दौरे में आगामी जीबीए और अन्य स्थानीय एवं विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस की रणनीति पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
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पार्टी का लक्ष्य कर्नाटक के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत करना है, इसलिए चुनाव प्रचार रणनीतियों और उम्मीदवार चयन प्रक्रियाओं को अंतिम रूप देना प्रमुख फोकस क्षेत्र होंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस दौरे का परिणाम कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की स्थिरता और दिशा पर असर डाल सकता है, खासकर तब जब पार्टी 2023 के विधानसभा चुनावों में अपनी जीत के बाद अपनी गति बनाए रखने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने यात्रा कार्यक्रम या विशिष्ट एजेंडा पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने पुष्टि की है कि सिद्धारमैया कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और अन्य केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ बैठकें करेंगे।
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