ओडिशा तट के पास 22 अगस्त को डूबे पनामा के झंडे वाले जहाज के 22 नाविकों की तलाश के लिए भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) और नौसेना की ओर से चलाए जा रहे अभियान के दौरान जहाज का आपातकालीन संकेत उपकरण तथा एक जीवनरक्षक नौका बरामद हुई है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि जहाज पर सवार 22 नाविकों के बारे में अब भी कोई सुराग नहीं मिला है।
‘एमवी ओशन विनर’ पर चालक दल के 24 सदस्य सवार थे। यह जहाज 72,000 टन लौह अयस्क लेकर सिंगापुर के रास्ते चीन जा रहा था। चालक दल के दो चीनी सदस्यों को 22 अगस्त को बचा लिया गया।
वे जीवनरक्षक राफ्ट में पानी पर तैरते हुए मिले थे। आईसीजी ने एक बयान में कहा कि बीजिंग स्थित समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (एमआरसीसी) के साथ मिलकर ‘एमवी ओशन विनर’ के चालक दल के लापता सदस्यों का खोज एवं बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। हालांकि, बयान में कहा गया है, “शनिवार को जहाज के डूबने के बाद से जारी खोज एवं बचाव अभियान के दौरान अब तक सिर्फ दो नाविकों को बचाया जा सका है, जबकि बाकी 22 नाविकों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।”
बयान के मुताबिक, बचाव अभियान को तेज करने के लिए इलाके में तटरक्षक बल के अतिरिक्त संसाधन और मर्चेंट जहाज भी तैनात किए जा रहे हैं और उनके बीच तालमेल स्थापित किया जा रहा है।
बयान में कहा गया है, “आईसीजीएस वरद इलाके में मौजूद वाणिज्यिक जहाजों के साथ मिलकर चालक दल के लापता सदस्यों की बड़े पैमाने पर तलाश कर रहा है। हवाई अभियान के दौरान नौसेना के एक विमान ने मदद के लिए भेजा गया सिग्नल पकड़ा और आईसीजीएस वरद को उस जगह की ओर भेजा।”
इसमें कहा गया है, “25 अगस्त को सुबह लगभग सात बजे आईसीजीएस वरद को तलाश क्षेत्र में एमवी ओशन विनर की एक जीवनरक्षक नौका मिली। एक टीम ने जीवनरक्षक नौका की जांच की; हालांकि, उस पर कोई नहीं मिला… इसके बाद, आईसीजीएस वरद ने उस इलाके से एक आपातकालीन संकेत उपकरण बरामद किया, जिसकी जांच करने पर पुष्टि हुई कि वह एमवी ओशन विनर से जुड़ा था।”
अधिकारियों के अनुसार, खोज एवं बचाव अभियान में जुटी एजेंसियों को आशंका है कि समुद्री लहरों और बहाव की वजह से नाविक दूर चले गए होंगे, इसिलए उन्हें अभियान का दायरा बढ़ा दिया है।
जहाज पर सवार चालक दल के सदस्यों में चीन के 20, म्यांमा के तीन और बांग्लादेश का एक नागरिक शामिल है।
