अमेरिका की प्रमुख सॉफ्टवेयर कंपनी एडोबी ने अपने अगले मुख्य कार्यकारी अधिकारी के नाम का ऐलान कर दिया है। भारतीय मूल के अनिल चक्रवर्ती कंपनी की कमान संभालेंगे। वह फिलहाल एडोबी के ग्राहक अनुभव से जुड़े कारोबार को लीड कर रहे हैं। चक्रवर्ती एक दिसंबर 2026 से कंपनी के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी की जिम्मेदारी संभालेंगे। वह लंबे समय से कंपनी का नेतृत्व कर रहे शांतनु नारायण की जगह लेंगे।
गौरतलब है कि शांतनु नारायण ने 18 वर्षों से अधिक समय तक एडोबी का नेतृत्व किया है। उन्होंने इसी वर्ष पद छोड़ने की योजना की घोषणा की थी। अब वह कार्यकारी अध्यक्ष की भूमिका में रहेंगे और नेतृत्व परिवर्तन के दौरान चक्रवर्ती के साथ मिलकर काम करेंगे। नारायण ने चक्रवर्ती पर भरोसा जताते हुए उन्हें कंपनी को एआई के दौर में आगे ले जाने के लिए सही व्यक्ति बताया है।
एडोबी के सामने नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय में हो रहा है, जब एआई तेजी से सॉफ्टवेयर उद्योग का स्वरूप बदल रही है। कैनवा जैसी कंपनियों के अलावा एंथ्रोपिक और ओपनएआई जैसी एआई अनुसंधान कंपनियों के नए उपकरण भी एडोबी के पारंपरिक कारोबार के सामने चुनौती बढ़ा रहे हैं। कंपनियां अब ऐसे एआई आधारित तंत्र को तेजी से अपना रही हैं, जो कई काम अपने स्तर पर करने में सक्षम हैं।
अनिल चक्रवर्ती जनवरी 2020 में एडोबी से जुड़े थे। उस समय उन्हें डिजिटल अनुभव कारोबार की जिम्मेदारी दी गई थी। सितंबर 2020 में उन्हें दुनिया भर में कंपनी के कारोबार संचालन की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी मिली। दिसंबर 2021 में उन्हें डिजिटल अनुभव और वैश्विक कारोबार ऑपरेशन का अध्यक्ष बनाया गया।
उनके नेतृत्व में एडोबी ने ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने वाले समाधान के क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत की। चक्रवर्ती ने ऐसे उत्पादों और सेवाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिनमें एआई और वास्तविक समय में उपलब्ध आंकड़ों का इस्तेमाल करके ग्राहकों के लिए अधिक व्यक्तिगत डिजिटल अनुभव तैयार किए जाते हैं। एडोबी सीएक्स एंटरप्राइज, जेनस्टूडियो और ब्रांड विजिबिलिटी जैसे उत्पादों के विकास में भी उनका योगदान रहा है।
बता दें कि चक्रवर्ती ने एडोबी के अनुभव मंच के विस्तार और नए उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाई। वर्कफ्रंट और सेमरश के अधिग्रहण तथा उन्हें कंपनी के मौजूदा कारोबार में शामिल करने की प्रक्रिया में भी वह महत्वपूर्ण भूमिका में रहे हैं।
एडोबी में आने से पहले चक्रवर्ती वर्ष 2015 से 2020 तक उद्यमों के लिए क्लाउड आधारित आंकड़ा प्रबंधन कंपनी इंफॉर्मेटिका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे। इससे पहले वह सिमेंटेक, वेरिसाइन और मैकिन्से एंड कंपनी में भी वरिष्ठ जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, वाराणसी से कंप्यूटर विज्ञान और इंजिनियरिंग में प्रौद्योगिकी स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से विज्ञान में स्नातकोत्तर और पीएचडी की।
इसी बीच एडोबी में शीर्ष पद के लिए एक अन्य प्रमुख दावेदार डेविड वाधवानी कंपनी से विदा हो रहे हैं। वह रचनात्मकता और उत्पादकता से जुड़े कारोबार का नेतृत्व कर रहे थे। एडोबी में दो अलग-अलग अवधियों में करीब 15 वर्ष काम करने वाले वाधवानी का कंपनी से जुड़ाव काफी पुराना रहा है। वह 2005 में मैक्रोमीडिया के अधिग्रहण के बाद पहली बार एडोबी का हिस्सा बने थे।
मौजूद जानकारी के अनुसार, शांतनु नारायण के पद छोड़ने की घोषणा के बाद चक्रवर्ती और वाधवानी को मुख्य कार्यकारी पद के प्रमुख दावेदारों के रूप में देखा जा रहा था। वाधवानी ने कहा है कि आने वाले कुछ महीनों में वह निवेश क्षेत्र की कंपनी ग्रेलॉक के अशीम चांदना और साम मोटामेदी के साथ नए विचारों पर काम करेंगे। वह लाइट्सपीड के सह-संस्थापक रवि म्हात्रे के साथ भी तकनीकी क्षेत्र में उभरते बदलावों को समझने पर ध्यान देंगे।
चक्रवर्ती ने अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर कहा है कि वह रचनात्मकता, उत्पादकता और ग्राहक अनुभव के क्षेत्र में एआई आधारित नए सॉफ्टवेयर के अगले दौर में एडोबी की बढ़त बनाए रखने को लेकर उत्साहित हैं। ऐसे समय में जब पूरा सॉफ्टवेयर उद्योग तेजी से बदल रहा है, उनकी नियुक्ति को एडोबी की भविष्य की रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।