चंडीगढ़, एक अगस्त अकाली दल की विधायक गनीव कौर मजीठिया ने शनिवार को अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज को पत्र लिखकर यह बताने का अनुरोध किया कि आपत्तिजनक वीडियो को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान को गुरु दोखी (गुरुओं का विरोधी) और खालसा पंथ विरोधी घोषित किए जाने के आदेश के बाद क्या उन्हें आगामी विधानसभा सत्र में भाग लेना चाहिए। जत्थेदार ने 15 जून को जारी अपने आदेश में सिख समुदाय को मुख्यमंत्री से दूरी बनाए रखने को कहा था। मजीठिया ने कहा कि वह एक निर्वाचित विधायक होने के साथ-साथ एक सिख हैं।
उन्होंने लिखा कि उनके लिए संवैधानिक जिम्मेदारियों और गुरमत (गुरुओं के बताए मार्ग) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के बीच संतुलन तभी संभव है, जब वह सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त के मार्गदर्शन के अनुसार कदम उठाएं। शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की पत्नी गनीव कौर मजीठिया ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में गुरु दोखी घोषित किए गए व्यक्ति को देखना उनके अंतर्मन और धार्मिक आस्था के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि एक सिख और अकाल तख्त की समर्पित सेवक होने के नाते वह स्वयं को विधानसभा सत्र में शामिल होने के योग्य नहीं मानती हैं।
मजीठिया ने कहा कि दुनिया में सबसे बड़ा आदेश गुरु का आदेश होता है, इसलिए अकाल तख्त का निर्देश ही उनके लिए अंतिम मार्गदर्शन होगा। शिअद नेता ने लिखा कि सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था से जो भी आदेश मिलेगा, वह उसे स्वीकार करेंगी। पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र तीन अगस्त से शुरू होगा और 10 अगस्त तक चलेगा।
