नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने कारोबार पर पड़ रहे असर का हवाला देते हुए नवरात्र से दिवाली तक दिल्ली के प्रमुख व्यावसायिक और मध्यवर्ती क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों पर रोक लगाने की मांग की है। संगठन ने सरकार से शहर के बाहर प्रदर्शन के लिए एक स्थायी स्थान निर्धारित करने का भी आग्रह किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र में सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने जंतर-मंतर, संसद मार्ग और लुटियंस दिल्ली में बड़ी सभाओं पर पाबंदी लगाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले प्रदर्शनों और मेट्रो सेवाएं बाधित होने से कारोबारियों एवं ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। गोयल ने कहा कि नवरात्र और रामलीला के आयोजनों के साथ 11 अक्टूबर से शुरू होने वाला त्योहारों का समय कारोबारियों के लिए बेहद अहम है। इसके बाद दिवाली आएगी और शादियां भी शुरू हो जाएंगी।
संगठन ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में करीब 15 लाख कारोबारियों के हितों की रक्षा के लिए ये पाबंदियां जरूरी हैं। सीटीआई के एक सर्वेक्षण के अनुसार, पिछले तीन दिन में दिल्ली के बाजारों में कारोबारी गतिविधियां करीब 70 प्रतिशत घट गई हैं। संगठन ने दावा किया कि खरीदारी के लिए दिल्ली के बाहर से शहर आने वाले ग्राहकों की संख्या रोजाना अनुमानित दो से तीन लाख से घटकर करीब 40,000 से 50,000 रह गई है।
स्थानीय बाजारों में आने वाले लोगों की संख्या में भी 50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। पत्र में कहा गया कि मेट्रो स्टेशनों को बार-बार बंद किए जाने, यातायात जाम और जंतर-मंतर, संसद मार्ग तथा कनॉट प्लेस के आसपास आवाजाही बाधित होने से लोग बाजारों में आने से कतरा रहे हैं। गोयल ने कहा, ‘‘हम लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का पूरा सम्मान करते हैं।
हालांकि, त्योहारों से ठीक पहले मध्य दिल्ली में हजारों लोगों के जुटने से कारोबारियों पर सीधा असर पड़ता है।’’
सीटीआई के महासचिव गुरमीत अरोड़ा ने कहा कि सरकार को जंतर-मंतर और अन्य प्रमुख स्थानों पर 1,000 से अधिक लोगों की भागीदारी वाले प्रदर्शनों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए। संगठन ने मध्य दिल्ली से बाहर प्रदर्शन के लिए एक स्थायी स्थान बनाने का भी प्रस्ताव दिया। इसके लिए उसने बुराड़ी या रामलीला मैदान को संभावित विकल्प बताया।
ये मांगें ऐसे समय आई हैं, जब कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन करने का आह्वान किया है।
