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सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
Vishwakarma Puja 2026: Revered as the architect of the universe and the progenitor of Vastu Shastra, mechanical engineering, and craftsmanship, every year, Lord Vishwakarma is worshipped alongside the tools, vehicles, and technology that power human progress. This year, millions are celebrating Vishwakarma Puja on Thursday, September 17. Also read | Vishwakarma Puja: Know all about its history and significanceVishwakarma Puja 2026 auspicious timingsAccording to Drik Panchang, Vishwakarma Puja calculations are performed according to Bisuddhasidhanta. The festival coincides annually with Kanya Sankranti — marking the final day of the Hindu month of Bhadra. According to planetary calculations provided by Drik Panchang,…
17 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। गुजरात के छोटे से शहर वडनगर से शुरू हुई उनकी जीवन-यात्रा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक, भारतीय जनता पार्टी के संगठनकर्ता, गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बनने तक पहुंची। नरेंद्र मोदी का राजनीतिक जीवन भारतीय राजनीति में लंबे समय तक चर्चा और विश्लेषण का विषय रहा है। उनके समर्थक उन्हें निर्णायक नेतृत्व, विकास योजनाओं और भारत की वैश्विक भूमिका को मजबूत करने वाला नेता मानते हैं, जबकि आलोचक आर्थिक नीतियों, रोजगार और सामाजिक मुद्दों को लेकर सवाल भी उठाते रहे हैं।…
अमेरिकी कांग्रेस में ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट’ के पारित होने के बाद भारत सरकार ने कड़ा, संतुलित और बेहद स्पष्ट रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को आधिकारिक तौर पर जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने अमेरिकी संसद के इस नए विधायी घटनाक्रम का गहराई से संज्ञान लिया है और वाशिंगटन में चल रही आगे की गतिविधियों पर बारीक नजर रखी जा रही है। भारत सरकार ने वैश्विक मंच पर एक बार फिर यह दृढ़ संदेश दिया है कि देश के 1.4 अरब नागरिकों की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना…
(मोना पार्थसारथी) नयी दिल्ली, 17 सितंबर एशियाई खेलों में भारतीय हॉकी टीम को पहला स्वर्ण पदक जीते छह दशक बीत गए लेकिन टीम के धुरंधर सेंटर फॉरवर्ड हरबिंदर सिंह के जेहन में आज भी उसकी यादें ताजा है और वह गाना आज तक नहीं भूले जो टीम बस में हमेशा बजता था। भारतीय पुरूष हॉकी टीम ने बैंकॉक में 1966 एशियाई खेलों में पहली बार स्वर्ण पदक जीता था। इसके 32 साल बाद 1998 में बैंकॉक में ही धनराज पिल्लै की कप्तानी में भारत ने दूसरी बार स्वर्ण जीता।इंचियोन में 2014 के बाद हांगझोउ एशियाई खेलों में 2022 में भारतीय…
राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से सब-इंस्पेक्टर/ प्लाटून कमांडर संयुक्त प्रतियोगी री एग्जाम-2021 का आयोजन 20 सितम्बर को होगा। इसके लिए कैंडिडेट्स के एडमिट कार्ड अपलोड कर दिए गए है। इसमें 2.18 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे, 11 जिलों में 666 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। आयोग प्रशासन का प्रयास है कि इस एग्जाम का रिजल्ट 20 दिन में जारी कर दिया जाए। 11 जिलों में 666 परीक्षा केंद्र प्रदेश के 11 जिलों में कुल 666 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें कुल 2 लाख 18 हजार 131 रजिस्टर्ड अभ्यर्थी शामिल होंगे। इसके लिए अजमेर में 74, अलवर में…
कोई भी व्यक्ति जन्म से महान नहीं बनता, उसके द्वारा किए गए कर्म ही उसकी छवि बनाते हैं। भाग्य कुछ नहीं होता, कर्म से सब प्राप्त किया जा सकता है। गुजरात के निर्धन परिवार में जन्म लेने वाले नरेंद्र मोदी के व्यापक विस्तार की कहानी भी ऐसी ही है। मोदी ने अपने और अपने परिवार के बारे में कभी नहीं सोचा। उनके चिंतन के केंद्र में आम आदमी प्रमुखता से है। संभवतः वे पंडित दीनदयाल जी की उस उक्ति को धरती पर लाने का उपक्रम कर रहे हैं, जिसमें अंतिम छोर पर निवास करने वाले व्यक्ति का उत्थान छुपा हुआ…
वाराणसी में बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी हो रही है जिनमें में गुजरात के वडनगर तक मोटरसाइकिल यात्रा और 76 युवा पुरोहितों द्वारा प्रधानमंत्री के अच्छे स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना के लिए गंगा की विशेष पूजा-अर्चना मुख्य आयोजन हैं। नरेन्द्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय विधायक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री नीलकंठ तिवारी ने धार्मिक कार्यक्रम का नेतृत्व किया।इस दौरान 76 ‘बटुकों’ ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगा तट पर अनुष्ठान किए।…
भगवान विश्वकर्मा को ब्रह्माण्ड के दिव्य वास्तुकार और वास्तु शास्त्र के जनक माना जाता है। उन्हें सृष्टि के प्रथम अभियंता तथा वास्तु सृजन का देवता भी कहा जाता है। भगवान विश्वकर्मा के जन्म को लेकर पुराणों में एक कथा का उल्लेख मिलता है, जिसके अनुसार, सृष्टि की रचना की शुरूआत में भगवान विष्णु क्षीरसागर में प्रकट हुए और उनके नाभि-कमल से ब्रह्मा जी की उत्पत्ति हुई। ब्रह्मा जी के पुत्र का नाम धर्म रखा गया। धर्म का विवाह संस्कार वस्तु नामक स्त्री से हुआ। धर्म और वस्तु के सात पुत्र हुए और सातवें पुत्र का नाम वास्तु रखा गया। वास्तु…
Most patients who walk into a doctor’s clinic convinced their health problem is complicated turn out to have a simpler issue: a diet that has slipped out of shape over several years without anyone noticing, because nothing about it ever felt urgent. This isn’t about willpower. It’s about eating habits so common in Indian households that they no longer feel like habits.Poor eating habits affect your heart in the long run, so be very careful about your diet choices (Adobe Stock)Tavishi Dogra is a Deputy Chief Content Producer, Health & Wellness, at Hindustan Times. She has over 9 years of…
टाइल्स तथा बाथवेयर बनाने वाली कंपनी वर्मोरा ग्रेनिटो लिमिटेड 22 सितंबर को 708 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने जा रही है। कंपनी की ओर से बृहस्पतिवार को जारी सार्वजनिक घोषणा के अनुसार, आईपीओ के लिए मूल्य दायरा 140-148 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। यह तीन दिन का सार्वजनिक निर्गम 24 सितंबर को बंद होगा, जबकि बड़े (एंकर) निवेशक 21 सितंबर को बोली लगा पाएंगे।आईपीओ 320 करोड़ रुपये तक के नए शेयर और 388 करोड़ रुपये के 2.62 करोड़ शेयर की बिक्री पेशकश (ओएफएस) का मिश्रण होगा। राजकोट स्थित कंपनी नए शेयर से मिली राशि का…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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