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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
क छोटे से विद्रोही गुट ने सऊदी अरब का F1-15 लड़ाकू विमान मार गिराया है। उसके बाद यह F15 लड़ाकू विमान के मलवे पर खड़े होकर जश्न मना रहे हैं। मलबे को पलट-पलट कर उस पे लगा सऊदी अरब का झंडा दिखा रहे हैं। विमान का नंबर दिखा रहे हैं। इसी बड़ी घटना के बीच रूस को लेकर एक बहुत बड़ा दावा किया गया है जिस पर हम आगे बात करेंगे। लेकिन सबसे पहले इस तस्वीर और सोशल मीडिया पर पूछे जा रहे दो दिलचस्प सवालों के बारे में जान लीजिए। सोशल मीडिया पर एक सवाल पूछा जा रहा है…
एशियाई खेलों में अव्यवस्था के कारण हो रही आलोचना के बीच पारंपरिक ध्वजारोहण समारोह शुक्रवार को पहले तो देर से शुरू हुआ और फिर अज्ञात कारणों से उसमें बाधा आ गई जिससे भारत समेत कई देशों को आयोजकों से स्पष्ट जानकारी का इंतजार करना पड़ा। भारत के चार अभियान उप प्रमुख अचंता शरत कमल, लिजो डेविड टी, अलकनंदा अशोक और अंजलि भागवत गार्डन पियर पर समारोह के लिये मौजूद थे। यह स्थान खिलाड़ियों के लिये बने कंटेनरनुमा आवास के करीब है।स्थानीय आयोजकों ने एक बयान में कहा ,‘‘ विलंब के लिये हम क्षमाप्रार्थी हैं। एक टीम के साथ कुछ दिक्कत…
I love small handbags but realised I need smarter ones: 5 bags I’d actually carry (Pinterest)Samarpita Yashaswini is a Content Producer for Fashion (HT Shop Now) at Hindustan Times Digital. She has five years of experience in lifestyle writing, specialising in fashion, beauty, and trend-led commerce content. She covers everything from seasonal must-haves and wardrobe essentials to brand reviews and styling edits that make everyday dressing easier and more exciting.She began her writing journey in 2020, but her love for fashion started long before that. Over the years, she has interned with Times Internet and Desi Martini, and worked with…
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, 18 सितंबर चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की अमेरिका यात्रा से पहले, तिब्बत समर्थक एक संगठन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पंचेन लामा की रिहाई का मुद्दा उठाने और दलाई लामा के साथ सार्थक बातचीत फिर शुरू करने के लिए चीन पर दबाव बनाने का आग्रह किया है। ‘इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत’ (आईसीटी) ने यहां एक बयान में कहा कि तिब्बत को लेकर अमेरिका की नीति ‘तिब्बतन पॉलिसी एक्ट, 2002’ और ‘रिजॉल्व तिब्बत एक्ट, 2024’ से निर्देशित होती है। आईसीटी की अध्यक्ष तेनचो ग्यात्सो ने कहा कि इन दोनों कानूनों में कहा गया है कि…
कैंची धाम को नीम करोली बाबा के आश्रम के नाम से भी जाना जाता है। हर महीने यहां पर हजारों की संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उत्तराखंड की पहाड़ियों में स्थित कैंची धाम सिर्फ धार्मिक दृष्टि से नहीं बल्कि खूबसूरती और शांति के लिए भी पसंद की जाती है। कैंची धाम नैनीताल जिले में है और यहां पहुंचना भी आसान है। अगर आप भी यहां पर जाने का प्लान कर रहे हैं और दर्शन करने के बाद आपके पास थोड़ा सा समय है, तो वापस लौटने की जगह आसपास की कुछ खूबसूरत जगहों को एक्सप्लोर कर सकती…
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रणधीर ठाकुर ने कहा कि भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा ‘‘मजबूत’’ नजर आ रही है और सेमीकॉन 2.0 के तहत नीतिगत स्थिरता से उद्योग की कार्ययोजना में महत्वपूर्ण निरंतरता बनी हुई है। भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में अपनी मजबूत जगह बनाने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस क्षेत्र की प्रमुख कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स गुजरात के धोलेरा में भारत का पहला वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर चिप विनिर्माण संयंत्र (फैब) और असम के जागीरोड में देश की पहली स्वदेशी सेमीकंडक्टर ‘असेंबली’ एवं परीक्षण सुविधा स्थापित कर रही है।इन दोनों परियोजनाओं में कुल…
वर्ष 1812 में 18 सितंबर के दिन ही मॉस्को में आग लगने से शहर का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो गया था और लगभग 12 हजार लोगों की मौत हुई थी। 18 सितंबर 1940 को दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश यात्री जहाज सिटी ऑफ बनारस को जर्मन पनडुब्बी यू-48 ने अटलांटिक महासागर में टॉरपीडो से हमला कर डुबो दिया जिससे इसमें सवार 406 लोगों में से 77 बच्चों सहित 260 लोग मारे गए। यह जहाज ब्रिटिश सरकार की चिल्ड्रेन्स ओवरसीज रिसेप्शन बोर्ड (सीओआरबी) योजना का हिस्सा था जिसके तहत युद्धग्रस्त और बमबारी झेल रहे ब्रिटेन से बच्चों को सुरक्षित…
महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पार्षद के पति और कारोबारी शेर बहादुर सुरेश सिंह को 2017 में गाड़ी उठाने की कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों को धमकाने और उनके साथ मारपीट करने के मामले में गवाहों के बयानों में विसंगतियों का हवाला देते हुए बरी कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस.एस. रेंगे ने बृहस्पतिवार को सिंह को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत आपराधिक धमकी देने और सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी करने से रोकने के आरोपों से बरी कर दिया। यह मामला 29 सितंबर, 2017 की एक घटना से जुड़ा है, जब अवैध…
भारतीय उद्योग जगत के सबसे बड़े कारोबारी घरानों में से एक टाटा संस (Tata Sons) के बोर्ड ने एन चंद्रशेखरन (N. Chandrasekaran) को अगले पांच वर्षों के लिए फिर से चेयरमैन नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुंबई में आयोजित टाटा संस के बोर्ड की बैठक में यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया। वर्ष 2017 से समूह का नेतृत्व कर रहे 63 वर्षीय चंद्रशेखरन की इस दोबारा नियुक्ति से टाटा संस के शीर्ष पद पर उनका कार्यकाल आगामी पांच सालों के लिए बढ़ जाएगा।एन चंद्रशेखरन का पद छोड़ना और वापसीचंद्रशेखरन ने 12 अगस्त को घोषणा की थी कि…
दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक छात्र कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले के मामले में गिरफ्तार हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को अदालत द्वारा तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दिये जाने के तीन दिन बाद बृहस्पतिवार देर रात तिहाड़ जेल से रिहा किया गया। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। एक वीडियो सामने आया है जिसमें भारद्वाज को जेल के बाहर इंतजार कर रही कार की ओर तेजी से बढ़ते हुए देखा जा सकता है।वह अपने साथियों के साथ कार में सवार होकर वहां से निकल गया। दिल्ली की एक अदालत ने 15 सितंबर को भारद्वाज को तीन सप्ताह की…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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