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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
कोटा (राजस्थान), आठ सितंबर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को मतदाताओं से आगामी नगर निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवारों को जिताने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक तेजी से पहुंचाने के लिए ‘डबल इंजन’ सरकार में तीसरा इंजन जोड़ना जरूरी है। शर्मा ने आगामी नगर निकाय चुनाव से पहले कोटा में ‘रोड शो’ किया और जनसभा को संबोधित किया।उन्होंने कहा कि जब केंद्र और राज्य में समान विचारधारा की सरकार हो तथा क्षेत्र को मजबूत नेतृत्व मिले तो विकास कार्यों को गति…
नोएडा, आठ सितंबर गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) के एक छात्र को पांच लाख रुपये का निजी मुचलका भरने के लिए नोटिस जारी किया गया है। पुलिस का आरोप है कि छात्र ने अन्य विद्यार्थियों को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल में हुए कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व वाले प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया था। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।पुलिस ने बताया कि बाद में छात्र को जारी किया गया ‘‘शांति बनाए रखने का बंधपत्र नोटिस’’ वापस ले लिया गया। ‘शांति बंधपत्र नोटिस’ कोई सजा या किसी व्यक्ति को दोषी घोषित करना नहीं होता है।…
बेंगलुरु, आठ सितंबर कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक सत्र अदालत के उस आदेश पर आपत्ति जताई है, जिसमें सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट से जुड़े भ्रष्टाचार और सार्वजनिक पद के दुरुपयोग के आरोपों की जांच पर विचार करने के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाने के बजाय जांच का निर्देश दिया गया था। इस ट्रस्ट के न्यासियों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, उनके बेटे और कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे और उनके रिश्तेदार शामिल हैं। न्यायमूर्ति एम. नागप्रसन्ना ने बेंगलुरु के एक अतिरिक्त नगर दीवानी एवं सत्र न्यायाधीश के 11 अगस्त के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को आंशिक रूप से अनुमति…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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