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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के समय उमर अब्दुल्ला ने अन्य कश्मीरी नेताओं के साथ मिलकर कई प्रकार के विरोधी बयान दिए थे, लेकिन अब उनके द्वारा तिरंगे के प्रति दिखाया गया सम्मान पूरे देश को एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश दे रहा है। श्रीनगर में घटी एक घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान किसी भी राजनीतिक मतभेद से ऊपर होता है और यही भावना देश की एकता को मजबूत करती है।हम आपको बता दें कि बुधवार को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला श्रीनगर के कश्मीर हाट में हस्तशिल्प विभाग के एक…
सरकारी कर्मचारी संघों ने 8वें वेतन आयोग के तहत एक महत्वाकांक्षी प्रस्ताव पेश किया है, लेकिन यह हकीकत में बदलेगा या नहीं, यह अभी पक्का नहीं है। इस मांग का मुख्य बिंदु न्यूनतम मूल वेतन में भारी बढ़ोतरी करके इसे 69,000 रुपये करना है, जो मौजूदा 18,000 रुपये से काफ़ी ज़्यादा है। नेशनल काउंसिल–ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी के कर्मचारी पक्ष द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव ने, इसमें मांगी गई बढ़ोतरी के बड़े पैमाने के कारण, तुरंत सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।नेशनल काउंसिल (ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी), जिसे NC-JCM के नाम से जाना जाता है, की ड्राफ़्ट समिति ने 8वें केंद्रीय वेतन…
नई दिल्ली, 15 मार्च 2026। राजधानी के प्रतिष्ठित तालकटोरा स्टेडियम में आईआईटीएम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा आयोजित एक दिवसीय वार्षिक महोत्सव ‘फिएस्टा 2026’ का भव्य एवं यादगार आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट की निदेशक डॉ. रचिता राणा ने कहा कि संस्कार ही जीवन में सफलता की राह को सरल बनाते हैं। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ श्रेष्ठ संस्कारों को भी आत्मसात करना चाहिए। इस वर्ष फिएस्टा 2026 अपने अनूठे अंदाज़, ऊर्जा और भव्य प्रस्तुतियों के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।कार्यक्रम में प्रसिद्ध पंजाबी गायक परमीश वर्मा ने अपनी दमदार प्रस्तुति,…
संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र आज से शुरू हो रहा है, जो भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। इस सत्र का मुख्य केंद्र संविधान (131वां संशोधन) बिल है। यह बिल न केवल लोकसभा की सीटों के ढांचे को बदलेगा, बल्कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण) के मार्ग में आने वाली सबसे बड़ी कानूनी और व्यावहारिक अड़चनों को भी दूर करेगा। इस कदम का मकसद लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करके ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर बनी कानूनी अड़चन को दूर करना है। इसे भी पढ़ें: IPL 2026 RCB vs…
पूरी दुनिया में आतंकिस्तान के नाम से जाना जाने वाला पाकिस्तान अब इस हालत में पहुंच चुका है कि एक देश का कर्ज चुकाने के लिए दूसरे देश से कर्ज लेना उसकी मजबूरी बन गई है। इसके चलते वह दुनिया भर में मजाक का विषय बनता जा रहा है। व्यंग्यकारों का तो यहां तक कहना है कि किसी देश की आर्थिक हालत पर यदि व्यंग्य लिखना हो तो शायद पाकिस्तान से बेहतर उदाहरण आज दुनिया में मिलना मुश्किल है। हम आपको बता दें कि सऊदी अरब ने पाकिस्तान को तीन अरब डॉलर की नई आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है,…
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) अपनी रोमांचक क्रिकेट के साथ-साथ अब मैदान के बाहर के विवादों को लेकर भी चर्चा में है। 5 अप्रैल को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के बीच हुए मुकाबले के दौरान बजाए गए संगीत और की गई टिप्पणियों पर सीएसके ने कड़ी आपत्ति जताई है। फ्रेंचाइजी ने इस संबंध में BCCI को एक औपचारिक पत्र लिखकर मामले की जांच की मांग की है।विवाद की जड़: ‘डोसा, इडली, सांभर, चटनी’ गाना’द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, CSK प्रबंधन उस समय नाराज हो गया जब स्टेडियम में ‘गाना अप्पू’…
आज यानी की 16 अप्रैल को कुलभूषण जाधव अपना 56वां जन्मदिन मना रहे हैं। कुलभूषण जाधव भारतीय नौसेना के एक पूर्व अधिकारी हैं। जिनको पाकिस्तान सेना ने मार्च 2016 में आतंकवाद और जासूसी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। जिसको भारत सरकार द्वारा खारिज कर दिया गया था। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर कुलभूषण जाधव के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में…जन्म और परिवारमहाराष्ट्र के सांगली में 16 अप्रैल 1970 को कुलभूषण जाधव का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम सुधीर जाधव था, जोकि मुंबई पुलिस के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं।…
Aam Ki Launji, also called Kairi Ki Launji, is a sweet-sour raw mango relish made with tangy green mangoes, jaggery, and simple spices. Every spoonful tastes slightly sour, mildly spicy, and gently sweet, with soft pieces of raw mango adding a nice bite. This quick recipe takes only 10 minutes and stays fresh in the refrigerator for up to 10 to 15 days.Aam Ki Launji Recipe (freepik)A bowl of aam ki launji can instantly make a simple meal feel brighter. Raw mangoes give the relish a sharp and tangy flavour, while jaggery adds natural sweetness without using white sugar. Fennel…
भारतीय नौसेना के शीर्ष कमांडरों ने समुद्री सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने के साथ-साथ पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों पर गंभीर विचार विमर्श किया है। मंगलवार से आरंभ हुए कमांडरों के सम्मेलन में नौसेना प्रमुख एडमिरल डीके त्रिपाठी ने अपने संबोधन में वर्तमान वैश्विक और क्षेत्रीय परिस्थितियों को अत्यंत जटिल और चुनौतीपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आज समुद्री सुरक्षा का वातावरण एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां अनेक कारक एक साथ सक्रिय हो रहे हैं। इनमें समानांतर संघर्ष, विरोधी ताकतों की बढ़ती क्षमता, वैश्विक संस्थाओं का कमजोर…
Summer afternoons feel much easier with a cold glass waiting in the fridge, especially one made with ripe mango and creamy curd. Healthy mango lassi brings together the sweet taste of mango with the smooth texture of yogurt, creating a drink that feels fresh and cooling on hot days.Healthy Mango Lassi Recipe (Freepik)Mango is naturally rich in vitamin C, vitamin A, and antioxidants. One ripe mango can add plenty of fruity flavour without needing extra sugar. Alphonso, Kesar, and Banganapalli mangoes work especially well because they are naturally sweeter and blend easily into a smooth drink.This low-sugar mango drink uses…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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