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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
(तीसरे पैरा में कुछ शब्द जोड़ते हुए) नयी दिल्ली, 23 सितंबर दिल्ली की एक अदालत ने म्यांमा में जातीय सशस्त्र समूहों से जुड़े ड्रोन युद्ध प्रशिक्षण शिविर के मामले में गिरफ्तार किए गए छह यूक्रेनी नागरिकों को बुधवार को ‘डिफॉल्ट’ जमानत दे दी। इस मामले की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) कर रहा है। विशेष एनआईए न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने छह यूक्रेनी नागरिकों को एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि नकद जमा करने की शर्त पर जमानत दे दी।अदालत ने विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) द्वारा अपराधों का निपटारा किए जाने को ध्यान में रखते हुए,…
लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने पिछले साल 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा के सिलसिले में 20 लोगों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले वापस लेने की बुधवार को घोषणा की। सक्सेना ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैंने लद्दाख में शांति, जन-शांति और सामाजिक सौहार्द के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए लेह में पिछले साल 24 सितंबर को हुई दुर्भाग्यपूर्ण हिंसा से संबंधित 20 व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को वापस लेने की मंजूरी दे दी है।’’ उन्होंने कहा कि लद्दाख पुलिस ने व्यापक समीक्षा के बाद लेह थाने में दर्ज प्राथमिकी संख्या…
टाटा समूह के भीतर नेतृत्व और कंपनी के संचालन को लेकर चल रहे विवाद के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने टाटा ट्रस्ट्स की भूमिका को लेकर अपनी बात रखी है। पवार ने कहा है कि टाटा समूह की पुरानी सामाजिक सोच और संस्थागत व्यवस्था को बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने टाटा ट्रस्ट्स को मिले अधिकारों का कंपनी के फैसलों में सम्मान किए जाने की बात कही है।शरद पवार ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर मराठी भाषा में एक संदेश शेयर किया है। इसमें उन्होंने टाटा समूह की विरासत और उसके सामाजिक कामकाज का जिक्र किया…
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) त्योहारों, धार्मिक कार्यक्रमों और बड़े सार्वजनिक समारोहों के दौरान विभिन्न स्टेशनों पर भीड़-भाड़ वाली स्थिति का 2022 से एक डेटाबेस तैयार करेगा, ताकि ऐसे मौकों पर अधिक भीड़ के कारण भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए समय रहते उपाय किये जा सकें। इन उपायों में, स्टेशन पर समय पर कर्मियों को तैनात करना, यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित करना और राज्य पुलिस के साथ तालमेल बिठाना शामिल है। भीड़-भाड़ वाले आयोजनों में त्योहार, धार्मिक समागम, मेले, परीक्षाएं, भर्ती अभियान, राजनीतिक कार्यक्रम, खेल-कूद के आयोजन, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम, बड़े सार्वजनिक समारोह और…
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू कर लंबित नियुक्तियों का रास्ता साफ किया जाए। राहुल गांधी ने 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान छात्रों और अभ्यर्थियों द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद मुख्यमंत्री को पत्र लिखा। उन्होंने 22 सितंबर को लिखे पत्र में कहा कि इंदौर के कार्यक्रम में छात्रों ने शिक्षा, रोजगार और भर्ती से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ ओबीसी आरक्षण के तहत लंबे समय से…
एस्सेल समूह के संस्थापक सुभाष चंद्रा ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की पांच-सदस्यीय पीठ के उस आदेश के खिलाफ अपीलीय न्यायाधिकरण एनसीएलएटी में अपील की है, जिसमें मामले की सुनवाई लंबित रहने तक उन्हें अपनी संपत्तियां हस्तांतरित करने से रोक दिया गया था। एनसीएलटी की पांच-सदस्यीय पीठ ने एक सितंबर के अपने आदेश में चंद्रा की व्यक्तिगत दिवाला प्रक्रिया से जुड़े मामले में तीसरे निर्णायक सदस्य के आदेश पर रोक लगा दी थी। तीसरे सदस्य ने करीब 22,000 करोड़ रुपये की कुल देनदारियों के मुकाबले चंद्रा की 6.5 करोड़ रुपये की पुनर्भुगतान योजना को मंजूरी दी थी।बुधवार को राष्ट्रीय…
माइक्रोसॉफ्ट के गेमिंग कारोबार में एक बार फिर बड़े बदलाव किए गए हैं। एक्सबॉक्स ने 268 कर्मचारियों की नौकरियां खत्म करने का ऐलान किया है। यह पिछले कुछ महीनों में कंपनी की दूसरी बड़ी छंटनी है। इसके साथ ही कई गेम स्टूडियो की जिम्मेदारियां बदली गई हैं और अगली हेलो गेम के विकास की जिम्मेदारी एक्टिविजन को दी गई है।माइक्रोसॉफ्ट के गेमिंग कारोबार में एक बार फिर बड़ा बदलाव हुआ है। एक्सबॉक्स ने 268 पद खत्म करने की घोषणा की है। कंपनी के मुताबिक, यह कदम इस साल शुरू किए गए उसके व्यापक बदलाव कार्यक्रम का हिस्सा है। छंटनी का…
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बुधवार को कहा कि पिछले 12 वर्षों में 23,000 से अधिक सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय सचिवालय समूह-सी कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि कर्मचारियों को प्रेरित रखने और प्रशासन का प्रभावी कामकाज सुनिश्चित करने के लिए समय पर करियर में प्रगति महत्वपूर्ण है। मंत्री ने पदोन्नति से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के निरंतर प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों के दौरान 23,000 से अधिक पदोन्नतियों को…
अंतरिक्ष के क्षेत्र में 24 सितंबर की तारीख भारत की एक अहम उपलब्धि के साथ इतिहास के पन्नों में दर्ज है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) मंगल ग्रह की कक्षा में सफलतापूर्वक अंतरिक्ष यान (मंगल यान) भेजने वाली विश्व की चौथी अंतरिक्ष एजेंसी बनी। एशिया के दो दिग्गज चीन और जापान को भारत ने पीछे छोड़ दिया, क्योंकि यह दोनों देश अपने पहले मंगल अभियान में सफल नहीं हो पाए थे।देश-दुनिया के इतिहास में 24 सितंबर की तारीख पर दर्ज कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:- 1726 : ईस्ट इंडिया कंपनी को बम्बई, कलकत्ता और मद्रास में…
When you think of Pitru Paksha, you may immediately think of a few familiar practices: avoiding haircuts, not buying new clothes, staying away from celebrations and performing Shraddha for your ancestors. But the observance involves more than a list of things you should or should not do.There are several traditional practices associated with Shraddha, Tarpan, food offerings, specific tithis, and the timing of ancestral rituals. Some of these customs may be familiar, while others are less widely known.ALSO READ: Pitru Paksha 2026: Tarpan rituals, dates, timings and how to offer water to your ancestorsPitru Paksha 2026 will be observed from…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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