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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
सरकारी नौकरी की चाहत रखने वालों के लिए यह खबर बेहद काम की है। दरअसल, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान AIIMS, भोपाल में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरु हो गए हैं। ऐसे में जो अभ्यर्थी एम्स भोपाल में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर नौकरी करना चाहते हैं।एम्स भोपाल की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं और अपना फॉर्म भर सकते हैं। इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवार पात्रता मानदंड की जांच करके असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर आवेदन कर सकते हैं।कौन कर सकते हैं असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर आवेदनउम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से एमडी या एमएस…
लखनऊ, तीन अक्टूबर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार पर निशाना साधते हुए शनिवार को कहा कि वर्ष 2016-17 में अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति भेजी ही नहीं गई और तत्कालीन सरकार ने यह राशि हड़प ली। योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद 2016-17 और 2017-18 की छात्रवृत्ति एक साथ भेजी गई। उन्होंने कहा, “पहले केवल 2,900 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती थी।आज हमारी सरकार 6,200 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति देती है।” मुख्यमंत्री ने शनिवार को लोकभवन में चालू वित्त वर्ष के लिए पूर्वदशम (कक्षा…
“Heera ka haar (string of diamonds),” we say to a child, as an endearment.It is a phrase that echoes in Hindi, Gujarati, Bengali, Malayalam, Tamil, Telugu, Punjabi.That’s just one example of how these inimitable gems, timeless and rare, echo through India’s ancient culture, as a jewel to be worn and flaunted, but also as a metaphor: for something precious, enduring and powerful; something to be treasured, and held close.The echoes go all the way back to the beginning.In Sanskrit, the word “vajra” means both “thunderbolt” and “diamond”, inextricably linking the gemstone with the God of storms, Indra. The vajra is…
October 3 brings a mix of clarity, emotional release, discernment and renewed motivation. Some signs may find themselves sorting through competing possibilities, separating facts from assumptions or looking beyond appearances before making decisions. Others may be encouraged to release emotional weight, accept changing circumstances or remain open when one path seems to close.Aries Horoscope TodayToday’s energy focus needs to be on: Third Eye ChakraConfusion may arise when too many possibilities compete for attention. Slow down and separate facts from assumptions before deciding.Chakra balancing practice: Practice alternate-nostril breathing for five minutes.What to eat or drink: Blueberries, purple grapes, or peppermint tea.Crystal…
Tavishi Dogra is a Deputy Chief Content Producer, Health & Wellness, at Hindustan Times. She has over 9 years of experience writing about fitness, nutrition, and mental well-being, translating medical research and expert insights into practical advice readers can trust.Career journey and experienceTavishi began her health journalism journey in 2017, and has since reported for RSTV, Financial Express, Jagran, HT Media Labs and Zee. She joined Hindustan Times to simplify wellness subjects by cutting through jargon.From decoding health trends and interviewing doctors to testing fitness routines herself, Tavishi always approaches content with one filter: “Will this help someone make a…
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर केंद्र ने उच्चतम न्यायालय को बताया है कि असम के राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) से बाहर किए गए 19 लाख लोगों को अस्वीकृति पर्चियां जारी करने की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है, क्योंकि अंतिम एनआरसी को अभी औपचारिक रूप से अधिसूचित किया जाना बाकी है। अगस्त 2019 में जारी ‘अंतिम राष्ट्रीय नागरिक पंजी’ के अनुसार, 19.07 लाख आवेदकों के नाम सूची से बाहर कर दिए गए थे, जबकि 3.11 करोड़ आवेदकों के नाम एनआरसी में शामिल किए गए थे। उच्चतम न्यायालय में दाखिल एक हलफनामे में भारत के महापंजीयक ने कहा कि राज्य एनआरसी समन्वयक…
फ्लाईदुबई की एक उड़ान में संकट टालने वाले कप्तान स्मित मच्छर का नाम सामने आया तो उनकी बहादुरी के साथ उनके अनोखे उपनाम ने भी लोगों का ध्यान खींचा। ‘मच्छर’ नाम सुनकर भले ही पहले उड़ने वाले कीट की तस्वीर सामने आए, लेकिन यहां बात एक ऐसे पायलट की है, जिसने 9/11 जैसे आतंकी हमले को घटित होने से रोका और सभी विमान यात्रियों की जान बचाई। स्मित मच्छर नाम ने गुजरात के उन अनोखे उपनामों की कहानी भी सामने ला दी, जिनमें पशु-पक्षियों और कीट-पतंगों के नाम पीढ़ियों से लोगों की पहचान बने हुए हैं।हम आपको बता दें कि…
पितृ पक्ष का समय चल रहा है। इस दौरान हम सभी अपने पूर्वजों को याद करते हैं और उनके प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं। इन 16 दिनों में पितरों की तृप्ति और उनकी आत्मा की शांति के लिए समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पितृ पक्ष के समय पितर अपने परिवार से मिलने धरती पर आते हैं। ऐसे में श्राद्ध पक्ष के समय भोजन, खान-पान और रसोई की पवित्रता या शुद्धता का खासा ध्यान रखा जाता है। आइए आपको इस लेख में बताते हैं कि श्राद्ध के दौरान घर में क्या बनाएं और क्या नहीं।श्राद्ध के भोजन में…
अभिनेता सलमान खान ने फ्लाईदुबई की इजराइल जा रही उड़ान को कथित तौर पर सह-पायलट द्वारा दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश को नाकाम करने वाले पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की सराहना की है। खान ने सोशल मीडिया पर मच्छार की बहादुरी को सलाम किया। अभिनेता ने ‘एक्स’ में अपने पोस्ट में कहा, ‘‘ कमाल कर दिया पायलट जी, हम सब आपके साहस को सलाम करते हैं… आपके साथ उड़ान भरना खुशी की बात होगी… बहुत बढ़िया भाई… कैप्टन स्मित मच्छार।’’ दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान एफजेड1073 ने बुधवार को आपात संकेत भेजे थे और इसके बाद विमान 34,000 फुट की…
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर निर्यात किए गए उत्पादों पर शुल्क और करों में छूट (आरओडीटीईपी) योजना को 31 दिसंबर तक बढ़ाया जाना निर्यातकों के लिए महत्वपूर्ण है। इससे चुनौतीपूर्ण और बदलते वैश्विक व्यापार माहौल के बीच भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा बनाए रखने में मदद मिलेगी। उद्योग मंडल सीआईआई की राष्ट्रीय निर्यात समिति के चेयरमैन संजय बुधिया ने शनिवार को यह कहा।आरओडीटीईपी योजना की शुरुआत वर्ष 2021 में की गई थी। योजना के तहत निर्यातकों को वस्तुओं के विनिर्माण और वितरण की प्रक्रिया में लगे उन करों, शुल्कों और उपकरों की वापसी की जाती है, जिनकी भरपाई केंद्र, राज्य या स्थानीय…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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