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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
ताइवान के कोस्ट गार्ड एडमिनिस्ट्रेशन (CGA) ने कहा कि उसने दो चीनी मछली पकड़ने वाली नावों को ताइवान के कंट्रोल वाले इलाके से बाहर खदेड़ दिया, क्योंकि वे प्राटास आइलैंड्स के पास ताइवान के अधिकार वाले पानी में घुस गई थीं। ताइपे टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना गुरुवार सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई, जब प्राटास आइलैंड के उत्तर-पूर्व में लगभग 15.5 नॉटिकल मील दूर—यानी ताइवान के प्रतिबंधित समुद्री इलाके में करीब 5.5 नॉटिकल मील अंदर—एक अनजान नाव देखी गई। रिपोर्ट के अनुसार, CGA ने उस इलाके में अपना ‘युनलिन’ पेट्रोल वेसल भेजा। दोपहर करीब 3 बजे, उस…
3 अक्टूबर को एशियाई खेलों में दीपक पूनिया ने पुरुषों की 97-किलो फ्रीस्टाइल कुश्ती कैटेगरी में मंगोलिया के गनखुयाग गनबातार को 2-1 से हराकर भारत के लिए ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। यह मेडल पुरुषों की 97-किलो फ्रीस्टाइल कैटेगरी में 60 साल बाद भारत का पहला मेडल है; इससे पहले 1966 के खेलों में भीम सिंह ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था। इस कामयाबी के साथ ही खेलों में भारत के कुल मेडलों की संख्या 83 हो गई, जिसमें 20 गोल्ड, 26 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं।इसे भी पढ़ें: Pakistan के खिलाफ Team India की रणनीतिक जीत, Shreyas Iyer ने बताया…
भारत की ऊर्जा सुरक्षा के मोर्चे पर सितंबर में एक बड़ा बदलाव दिखाई दिया है। रूस से कच्चे तेल का आयात लगातार दूसरे महीने घटा है, जबकि इराक, सऊदी अरब, कुवैत और कतर जैसे पश्चिम एशियाई आपूर्तिकर्ताओं से भारत की खरीद में तेज उछाल आया है। यह बदलाव महज व्यापारिक आंकड़ा नहीं है। इसके पीछे रूस पर पश्चिमी प्रतिबंधों का दबाव, चीन की बढ़ती रूसी तेल मांग, रूस के तेल और गैस ढांचे पर यूक्रेनी हमले तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता सामरिक जोखिम, इन सभी का सीधा असर दिखाई दे रहा है।आंकड़ों और रिपोर्टों के मुताबिक, सितंबर में भारत का…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बारे में अपने अगले कदमों की जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात अच्छे चल रहे हैं और उम्मीद जताई कि यह टकराव ज़्यादा लंबा नहीं चलेगा। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से ‘मरीन वन’ से रवाना होने से पहले ये बातें कहीं। जब उनसे ईरान के बारे में उनकी अगली रणनीति के बारे में पूछा गया, तो अमेरिकी नेता ने शुरू में संकेत दिया कि अगर उन्होंने अपनी योजनाएं बताईं तो बड़ी सुर्खियां बनेंगी। ट्रंप ने कहा, “यह बहुत… अरे, यह तो… अगर मैं आपको बताऊं, तो आपके पास एक…
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने रेखा गुप्ता नीत सरकार से दिल्ली चिकित्सा परिषद (डीएमसी) में महिलाओं को कम से कम 50 प्रतिशत आरक्षण देने के संबंध में जल्द निर्णय लेने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश डी के उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने चिकित्सक अंजू गंभीर की जनहित याचिका पर 30 सितंबर को यह आदेश दिया। याचिका में परिषद में महिला चिकित्सकों को ‘‘समान और सार्थक प्रतिनिधित्व’’ देने का अनुरोध किया गया है।अदालत ने कहा कि डीएमसी का गठन दिल्ली चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1997 के तहत किया गया है, जिसमें चुनाव या मनोनयन, किसी भी…
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य नीलेश शाह ने शनिवार को कहा कि इस साल भारत की आर्थिक विकास दर लगभग 7 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। तेल की ऊंची कीमतों और कम बारिश की चिंताओं के बावजूद दूसरी तिमाही में विकास की गति अच्छी दिख रही है। कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव के पांचवें संस्करण के दौरान ANI से बात करते हुए शाह ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में भारत की विकास दर लगभग 7 प्रतिशत बनी रहेगी। शाह ने कहा मुझे लगता है कि भविष्य में हमारी विकास दर लगभग 7% रहेगी। दूसरी तिमाही की गति…
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि भारत की आर्थिक मज़बूती पिछले दशक में सोच-समझकर किए गए वित्तीय अनुशासन, बुनियादी ढांचे के निर्माण, बैंकिंग सुधारों, आखिरी छोर तक सेवा पहुंचाने और लगातार सुधारों के ज़रिए बनाई गई है। साथ ही, उन्होंने उभरती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए ज़्यादा रणनीतिक आज़ादी और तैयारी की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। 5वें कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा कि मज़बूती का मतलब है विकास के रास्ते से भटके बिना झटकों को झेलने की क्षमता और भविष्य की रुकावटों से निपटने के लिए ज़रूरी नीतिगत गुंजाइश बनाए…
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने आस्था कुंज पार्क में 17 साल की लड़की के साथ कथित गैंग-रेप के बाद महिलाओं के खिलाफ हिंसा का विरोध करने के लिए लेडी श्रीराम कॉलेज और दिल्ली यूनिवर्सिटी के दूसरे कॉलेजों के छात्रों की तारीफ़ की। छात्रों ने इस घटना के बाद कड़े कदम उठाने की मांग को लेकर गार्गी कॉलेज और कमला नेहरू कॉलेज के बाहर मार्च निकाला। वायनाड की सांसद ने X पर एक पोस्ट में कहा कि मुझे LSR और दूसरे कॉलेजों की उन सभी लड़कियों पर बहुत गर्व है जो हर दिन महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा के…
फ्रांस में हाई स्कूल के छात्रों ने आगजनी की और पुलिस पर चीज़ें फेंकीं। जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान देश भर में नई झड़पें हुईं। सरकार का कहना है कि हाई स्कूल (lycees) में पढ़ने वाले किशोर छात्रों को अपनी शिकायतें रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन उसने हिंसा की निंदा की है। इस हिंसा में युवाओं के एक समूह ने एक पुलिसकर्मी का पीछा किया, उसे लात मारी और पीटा। सितंबर में पेरिस इलाके से शुरू हुआ यह आंदोलन तेज़ी से…
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने शनिवार को कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि विकास का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने आगाह किया कि ऐसा नहीं होने पर युवाओं का लोकतंत्र में विश्वास कम हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि समावेशिता से विकास को टिकाऊ बनाए रखने में मदद मिल सकती है और आम सहमति के आधार पर निर्णय लेना जरूरी है।उपराष्ट्रपति ने यहां पांचवें कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए विकास की व्यापक संभावनाओं और भारतीय अर्थव्यवस्था पर बात की। राधाकृष्णन ने कहा कि विकास…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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