असम पुलिस ने बृहस्पतिवार को 17 कथित बांग्लादेशी घुसपैठियों को राज्य में प्रवेश करने से रोक दिया। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि घुसपैठियों से निपटने का एक ही तरीका है कि उन्हें वापस भेज दिया जाए।
शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, कागज नहीं, तो प्रवेश नहीं! असम पुलिस की सतर्कता और सक्रियता की वजह से बृहस्पतिवार तड़के 17 घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें भारत में प्रवेश करने से रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि वैध तरीके से आने वाले लोगों के लिए राज्य के दरवाजे खुले हैं जबकि अवैध रूप से प्रवेश करने वालों को वापस भेजा जाएगा।
हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह नहीं बताया कि इन लोगों को किस क्षेत्र में रोककर वापस भेजा गया। असम के श्रीभूमि में एकीकृत जांच चौकी और मानकाचर में भूमि सीमा शुल्क केंद्र है। शर्मा पहले भी कह चुके हैं कि राज्य सरकार घुसपैठ मुक्त असम के लिए प्रतिबद्ध है।
पड़ोसी देश में पिछले साल अशांति शुरू होने के बाद से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पूर्वोत्तर में 1,885 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा पर निगरानी बढ़ा दी है। एक अधिकारी ने बताया कि असम पुलिस भी भारत-बांग्लादेश सीमा पर पूरी तरह सतर्क है, ताकि कोई व्यक्ति अवैध रूप से राज्य में प्रवेश न कर सके और बिना वैध दस्तावेजों के पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को वापस भेजा जा सके।
