(फाइल फोटो के साथ)
कोलकाता, 28 अगस्त कोलकाता में कैमैक स्ट्रीट स्थित तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय में एक दिन पहले हुई झड़प के सिलसिले में पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी, राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन और दो अन्य पार्टी नेताओं के खिलाफ तीन प्राथमिकी दर्ज की गईं और 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। बनर्जी के कार्यालय के निजी सुरक्षा गार्ड, उनके समर्थकों और पार्टी के कुछ नेताओं की बृहस्पतिवार को पुलिस और कोलकाता नगर निगम के अधिकारियों के साथ झड़प हो गई थी।
वे अधिकारियों को कैमैक स्ट्रीट स्थित इमारत में घुसने और एक ‘‘अवैध’’ होर्डिंग को हटाने से रोकने की कोशिश कर रहे थे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिसकर्मियों और केएमसी अधिकारियों को उनके काम में बाधा डालने, उन पर हमला करने और गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने के आरोपों पर शेक्सपियर सरणी थाने में मामले दर्ज किए गए। कोलकाता पुलिस के अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ’ब्रायन और हुमायूं कबीर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
एक प्राथमिकी केएमसी के विज्ञापन विभाग के अधिकारी की शिकायत पर दर्ज की गई जबकि दूसरी प्राथमिकी नगर निकाय के अनुरोध पर दर्ज की गई।’’
उन्होंने बताया कि तीसरी प्राथमिकी एक पुलिस सार्जेंट की शिकायत पर दर्ज की गई जिसमें आरोप लगाया गया था कि अज्ञात लोगों ने कर्मचारियों के काम में बाधा डाली और सरकार द्वारा उन्हें दिया गया वॉकी-टॉकी छीन लिया। कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (जासूसी विभाग) कुणाल अग्रवाल ने कहा, ‘‘पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच जारी है।’’
अधिकारी ने बताया कि झड़प कैसे शुरू हुई और प्राथमिकी में नामजद लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए अधिकारी वीडियो फुटेज खंगाल रहे हैं और मौके पर मौजूद लोगों के बयानों की जांच कर रहे हैं।
पुलिस के बलपूर्वक अंदर घुसने के बाद केएमसी अधिकारियों ने इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल पर सड़क की तरफ लोहे के ढांचे पर लगे तृणमूल कांग्रेस के बिलबोर्ड को हटा दिया। ओ’ब्रायन ने आरोप लगाया था कि पुलिस एक ‘‘गैर-कानूनी’’ नोटिस लेकर दफ्तर में घुस गई, वरिष्ठ नेताओं के साथ मारपीट की और पार्टी समर्थकों एवं दफ्तर के कर्मचारियों के साथ बदसलूकी की। तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया था कि ‘‘छापेमारी करने वाली टीम ने महिला सुरक्षाकर्मियों के कपड़े फाड़ दिए’’।
घटना के समय वहां मौजूद बनर्जी को अधिकारियों के साथ तीखी बहस करते देखा गया। उन्होंने नगर निकाय की कार्रवाई को ‘‘राजनीतिक प्रतिशोध’’ करार दिया और आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी की पार्टी से ‘‘डरे हुए’’ हैं।
