यमन में ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ हमलों में पाकिस्तान वायु सेना के लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया जा रहा है। खबर है कि इस्लामाबाद ने हाल ही में लागू हुए मक्का रक्षा समझौते के तहत सऊदी अरब को सैन्य मदद बढ़ा दी है। पाकिस्तान के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर NYT को बताया कि हूथी विद्रोहियों को निशाना बनाने वाले हमलों में पाकिस्तान वायु सेना के लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह घटनाक्रम सऊदी अरब और हूतियों के बीच बढ़ते टकराव में पाकिस्तान की सैन्य भूमिका के बड़े विस्तार को दिखाता है; हूतियों ने हाल के दिनों में सऊदी अरब के इलाके पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज़ कर दिए हैं।
इसे भी पढ़ें: हूतियों ने रियाद एयरपोर्ट पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले का दावा किया, विमान से धुआं उठता दिखा
CNN ने बुधवार को रिपोर्ट दी कि पाकिस्तानी सैनिक पहले से ही सऊदी अरब में तैनात हैं। पाकिस्तान के सैन्य मीडिया विंग के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने CNN को पुष्टि की कि पाकिस्तानी सेना खाड़ी देश में मौजूद है, हालांकि उन्होंने तैनाती के गोपनीय होने का हवाला देते हुए उनकी संख्या या क्षमताओं का खुलासा नहीं किया। यह पुष्टि पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की द्वारा ‘मक्का पैक्ट’ के नाम से जानी जाने वाली अपनी सामूहिक रक्षा व्यवस्था को सक्रिय करने के कुछ दिनों बाद आई है। इन तीनों देशों ने अगस्त में ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’ पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत, तीनों में से किसी भी देश पर होने वाले सशस्त्र हमले को तीनों देशों पर हमला माना जाएगा, जिससे सामूहिक सुरक्षा का एक ऐसा ढांचा बनेगा जो सिद्धांत रूप में आपसी रक्षा व्यवस्था जैसा ही है।
इसे भी पढ़ें: Houthi Ballistic Missile Attack | हूती विद्रोहियों ने बैलिस्टिक मिसाइल से रियाद एयरपोर्ट को बनाया निशाना, एयरलाइंस को सऊदी हवाई क्षेत्र की दी चेतावनी
रियाद में तीनों देशों की रणनीतिक राजनीतिक और रक्षा समिति की एक आपातकालीन बैठक के बाद, इस हफ़्ते इस समझौते को लागू किया गया। सदस्य देश सऊदी अरब के सामने मौजूद खतरों को देखते हुए वहां तेज़ी से सैन्य बल और क्षमताएं तैनात करने पर सहमत हुए। NYT के अनुसार, अमेरिकी रक्षा विश्लेषक कर्नल डेविड ओ. स्मिथ—जो पाकिस्तान में पूर्व अमेरिकी सेना अटैची और डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी के पूर्व वरिष्ठ विश्लेषक रह चुके हैं। का अनुमान है कि इस समय सऊदी अरब में लगभग 8,000 पाकिस्तानी सैनिक तैनात हैं। उन्होंने बताया कि इस फ़ोर्स में पाकिस्तान वायु सेना और आर्मी एयर डिफेंस के जवान शामिल हैं और इनका इस्तेमाल महत्वपूर्ण तेल बुनियादी ढांचे की सुरक्षा में मदद के लिए किया जा सकता है। स्मिथ ने कहा कि इस बात की संभावना कम है कि पाकिस्तानी सैनिक हौथियों के खिलाफ सीधे ज़मीनी युद्ध में हिस्सा लेंगे, क्योंकि इस्लामाबाद को ईरान के साथ अपने संबंध बनाए रखने की ज़रूरत है।
