वाशिंगटन, नौ अक्टूबर (एपी) अमेरिका की संघीय आव्रजन एजेंसी के अधिकारियों ने न्यूयॉर्क में डोमिनिक गणराज्य के एक नागरिक पर गोली चला दी क्योंकि उसने अपनी कार से अधिकारियों के वाहनों को टक्कर मार दी थी और अधिकारियों को लगा कि उनकी जान खतरे में है। आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। न्यूयॉर्क पुलिस के अनुसार, 28 वर्षीय व्यक्ति की पहचान ऑस्कर बेलगल के रूप में हुई है।
आईसीई अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान चलाई गई गोली उसकी गर्दन पर लगी। अधिकारी मार्कोस चार्ल्स ने बताया कि गोली लगने से उसे मामूली चोट पहुंची है। चार्ल्स ने वाशिंगटन में अमेरिकी गृह सुरक्षा मंत्री मार्कवेन मुलिन के साथ आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि जब व्यक्ति ने कार लेकर भागने की कोशिश की, तो अधिकारियों ने अपने वाहनों से उसका रास्ता रोक दिया।
लेकिन उसने कार की रफ्तार तेज करके अधिकारियों की ओर बढ़ा दी। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने कहा कि यह संवाददाता सम्मेलन ‘प्रवासियों को संरक्षण देने वाले शहरों की नीतियों के खतरनाक परिणामों’ के बारे में था। चार्ल्स ने कहा, “हमारे अधिकारियों ने अपने प्रशिक्षण का इस्तेमाल किया।
उन्हें लगा कि उनकी, उनके सहयोगियों और आम जनता की जान खतरे में है। इसलिए उन्होंने अपने प्रशिक्षण के अनुसार कार्रवाई की और गोली चलाई।’’
अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी के समय बेलगल की कार में पांच साल का एक बच्चा भी मौजूद था। मुलिन ने कहा कि आईसीई के अधिकारियों को यह जानकारी नहीं थी कि कार में बच्चा भी मौजूद है।
हालांकि, उनके मुताबिक, बेलगल को इस बात की जानकारी थी और उसने अधिकारियों से बचकर भागने की कोशिश करके जानबूझकर बच्चे की जान जोखिम में डाली। चार्ल्स ने दावा किया कि बेलगल ऐसे गिरोह के साथ जुड़ा है, जो हथियारों का इस्तेमाल करके चोरी की वारदातों को अंजाम देने के लिए जाना जाता है। न्यूयॉर्क शहर के महापौर जोहरान ममदानी और न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होकुल (दोनों डेमोक्रेटिक पार्टी से हैं) ने कहा कि उन्होंने बृहस्पतिवार देर रात मुलिन और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बेलगल को रिहा करने का आग्रह किया था, लेकिन उनके अनुरोध पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मुलिन ने बताया कि बेलगल को न्यूयॉर्क शहर के बाहर स्थित एक हिरासत केंद्र में रखा गया है, लेकिन उन्होंने उस केंद्र का स्थान बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने पुष्टि की कि आईसीई के अधिकारी बॉडी कैमरे पहने हुए थे और गोलीबारी के समय कैमरे चालू थे। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि घटना से संबंधित कैमरों की फुटेज कब जारी की जाएगी।
