अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ मुलाकात को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने रविवार को ‘‘अच्छी बातचीत’’ बताया और कहा कि दोनों पक्ष अतीत को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने पर सहमत हुए। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर पेजेश्कियान ने खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ बैठक की। इस बैठक को दोनों पक्षों के बीच संबंधों को पटरी पर लाने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है।
ईरानी दूतावास के अनुसार, पेजेश्कियान ने रविवार को कहा, ‘‘अबू धाबी के युवराज के साथ हमारी अच्छी बातचीत हुई और हम अतीत को पीछे छोड़कर भविष्य की ओर देखने पर सहमत हुए।’’
पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के संबंधों में गंभीर तनाव पैदा हो गया था। ईरानी ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने यूएई में स्थित कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह ओमान में ईरान और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के सदस्यों के बीच होने वाली बातचीत से दो दिन पहले हुई।
ईरान-जीसीसी बैठक 14 सितंबर को होगी, जिसमें हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आवागमन से संबंधित एक समझौते पर चर्चा की जाएगी। पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद यह इस तरह की पहली बैठक होगी। पेजेश्कियान ने यह भी कहा कि उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ भी चर्चा की है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने रूस और चीन के राष्ट्रपतियों के साथ भी चर्चा की, जो संक्षिप्त बातचीत थी। आर्थिक सहयोग के विस्तार की संभावनाएं आशाजनक रूप ले रही हैं।’’
पेजेश्कियान ने कहा कि ब्रिक्स सदस्य देशों ने ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की है।
