कोलकाता, आठ नवंबर पश्चिम बंगाल में रविवार को पूरे धमूधाम से और श्रद्धा से काली पूजा मनाई गई और इस अवसर पर मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, पूजा पंडालों में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी तथा इमारतों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। दक्षिणेश्वर मंदिर, कालीघाट मंदिर और तारापीठ सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर देवी काली की पूजा-अर्चना के लिए हजारों श्रद्धालु कतारों में खड़े नजर आए। उत्तर 24 परगना जिले के नैहाटी स्थित बड़ी मां काली पूजा में राज्य के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
कोलकाता में भी उत्सव का माहौल है। शहर की सड़कों और पूजा पंडालों को सजाया गया है और रंग-बिरंगी रोशनी से पूरा शहर जगमगा रहा। उत्तर 24 परगना जिले के बारासात और मध्यमग्राम में काली पूजा पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
आसनसोल, दुर्गापुर, कल्याणी और सिलीगुड़ी में भी ऐसा ही उत्साह देखने को मिला। अधिकारियों ने बताया कि राज्यभर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (डब्ल्यूबीपीसीबी) के कर्मियों ने पटाखे फोड़े जाने पर निगरानी रखी।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, ‘‘मां काली आपको जीवन की सभी चुनौतियों का सामना करने और बाधाओं को दूर करने की शक्ति एवं साहस प्रदान करें।’’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कालीबाड़ी जाकर देवी काली की पूजा-अर्चना की। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं और अपने घर में काली पूजा की तस्वीरें साझा कीं।
दक्षिण कोलकाता के हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित उनके आवास के सामने, देवी की एक झलक पाने और प्रार्थना करने के लिए लोगों की कतार लग गई। तृणमूल कांग्रेस के ममता गुट ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर एक पोस्ट में बताया कि पार्टी अध्यक्ष ने अपने आवास पर मां काली की पूजा-अर्चना की। पार्टी ने कहा, ‘‘इस पावन अवसर पर, हम सभी की भलाई और खुशी के लिए प्रार्थना करते हैं।’’
पोस्ट में पार्टी ने उम्मीद जताई कि देवी काली लोगों का मार्गदर्शन करेंगी, उनके संकल्प को मजबूत करेंगी और उन्हें अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़े होने का साहस देंगी।
