नयी दिल्ली, आठ नवंबर दिवाली की रात दिल्ली में धुएं और धुंध की मोटी परत छा गई। आतिशबाजी तेज होने के साथ ही सड़कों की लाइटें धुंधली पड़ गईं और कई इलाकों में धुआं फैल गया। शहर के 20 निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गई।
रात 10 बजे दिल्ली का कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 371 दर्ज किया गया। शाम होने के साथ-साथ धुंध और घनी होती गई। पटाखों से निकलने वाला धुआं सड़कों और रिहायशी इलाकों में छाया रहा।
हवा में जले हुए पटाखों की गंध बनी रही। राजधानी के कई इलाकों में दृश्यता कम हो गई और लोगों ने सांस लेने में परेशानी होने की शिकायत की। प्रतिबंध के बावजूद रविवार शाम दिल्ली के कई इलाकों में पटाखे जलाए गए।
पीतमपुरा, बुराड़ी, मयूर विहार और लुटियंस दिल्ली के कुछ हिस्सों से आतिशबाजी की खबरें आईं। दिवाली से पहले दिल्ली सरकार ने लोगों से हरित पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करने की अपील की थी। पूर्वी दिल्ली के जिलाधिकारी ने एक आदेश में केवल सात और आठ नवंबर को सुबह छह से सात बजे और रात आठ से 10 बजे तक हरित पटाखे जलाने की अनुमति दी थी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बाहरी दिल्ली के पीतमपुरा और बुराड़ी में पटाखे जलाए जा रहे थे। बुराड़ी में इनकी आवाज और संख्या विशेष रूप से अधिक थी। मयूर विहार से भी ऐसी ही खबरें आईं।
वहीं, बिशंभर दास मार्ग और लुटियंस दिल्ली के लोगों ने बताया कि वहां भी आतिशबाजी जारी रही, हालांकि इसकी तीव्रता कुछ कम हो गई थी। रात 10 बजे तक वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाले 59 केंद्रों में से 20 पर एक्यूआई गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया। छह केंद्रों पर यह खराब और बाकी 33 केंद्रों पर बेहद खराब श्रेणी में रहा।
सोनिया विहार में सबसे खराब वायु गुणवत्ता दर्ज की गई, जहां एक्यूआई 463 रहा। इसके बाद जहांगीरपुरी में 450 एक्यूआई दर्ज किया गया। बुराड़ी, अलीपुर और पंजाबी बाग सहित अन्य इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर काफी अधिक रहा।
सोनिया विहार, जहांगीरपुरी, पंजाबी बाग, बुराड़ी, ओखला और रोहिणी उन निगरानी केंद्रों में शामिल थे, जहां पूरे दिन वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बनी रही। शाम को ही शहर की वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी के स्तर के करीब पहुंच गई थी। शाम सात बजे एक्यूआई 371 दर्ज किया गया था।
दिन के समय राजधानी की ज्यादातर सड़कें अपेक्षाकृत खाली रहीं, लेकिन शाम करीब पांच से छह बजे के बीच पटाखे जलाने का सिलसिला तेज हो गया। रात होने के साथ दिवाली का जश्न और तेज हो गया। पटाखे जलाए जाने के कारण कई इलाकों में धुआं जमा हो गया, जिससे पहले से मौजूद प्रदूषण और बढ़ गया।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर कई लोगों ने बिगड़ते हालात की जानकारी दी। उन्होंने रातभर जारी जश्न के बीच धुएं की तेज गंध, दृश्यता कम होने और सांस लेने में परेशानी की शिकायत की। धुंध की परत छाने और दृश्यता कम होने के बीच दिल्ली का औसत एक्यूआई रविवार को 376 रहा, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है।
शनिवार को यह 369 दर्ज किया गया था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा , 51 से 100 को संतोषजनक , 101 से 200 को मध्यम , 201 से 300 को खराब , 301 से 400 को बेहद खराब और 401 से 500 के बीच के एक्यूआई को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली (ईडब्ल्यूएस) ने अनुमान जताया है कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता नौ नवंबर से गंभीर श्रेणी में पहुंच सकती है और अगले कुछ दिनों तक इसी श्रेणी में बनी रह सकती है।
